उमरिया में युवक की मौत पर हंगामा: मां और भाई ने कार से कुचलकर हत्या का लगाया आरोप, NH-43 पर शव रखकर प्रदर्शन
उमरिया। जिले के लोढ़ा गांव के युवक नीलेश यादव की मौत को लेकर परिजनों और ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। परिजनों का आरोप है कि नीलेश की मौत सामान्य सड़क हादसे में नहीं हुई, बल्कि उसे कार से कुचलकर मारा गया। उन्होंने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग-43 के कटनी–चांडिल मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। कई घंटे चले प्रदर्शन के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। हत्या का आरोप फिलहाल परिजनों का दावा है; युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
सड़क पर शव रखकर जताया विरोध
नीलेश की मौत के बाद उसके परिवार और गांव के लोगों में आक्रोश फैल गया। परिजन शव लेकर हाईवे पहुंचे और सड़क पर बैठकर विरोध करने लगे। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि उनकी शिकायत को गंभीरता से लिया जाए और जिन लोगों पर उन्हें संदेह है, उनकी भूमिका की जांच की जाए।
राजमार्ग पर जाम लगने से दोनों दिशाओं में यातायात प्रभावित हुआ। घटनास्थल पर मौजूद लोगों की मुख्य मांग निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की थी। जाम कितनी देर बाद और किन आश्वासनों पर समाप्त हुआ, इसकी पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
मां और भाई ने हादसे की बात पर उठाए सवाल
नीलेश की मां और भाई का कहना है कि उसे जानबूझकर कार से कुचला गया। परिवार इस घटना को हत्या मान रहा है और पुलिस से उसी आधार पर जांच की मांग कर रहा है। परिजनों ने यह भी कहा कि नीलेश के एक भाई की लगभग पांच साल पहले इसी तरह मौत हुई थी, जिसे वे हत्या बताते हैं।
हालांकि, पहले हुई उस घटना और नीलेश की मौत के बीच कोई संबंध स्थापित होने की जानकारी सामने नहीं आई है। दोनों मामलों को जोड़ने या किसी व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराने से पहले पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों का सामने आना जरूरी है। परिवार के आरोप गंभीर हैं, इसलिए उनकी शिकायत तथा पिछली घटना से संबंधित जानकारी की जांच की मांग प्रदर्शन में प्रमुखता से उठी।
पुलिस पर लापरवाही का आरोप
प्रदर्शन कर रहे परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि मामले को जिस गंभीरता से लिया जाना चाहिए था, वैसी कार्रवाई नहीं हुई। प्रदर्शनकारियों ने संदिग्ध लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की।
उपलब्ध विवरण में पुलिस का विस्तृत पक्ष, किसी प्राथमिकी की धाराएं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट या किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं है। इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि मौत दुर्घटना से हुई या जानबूझकर वाहन चढ़ाने से। परिजनों के आरोपों के साथ वाहन, घटनास्थल और प्रत्यक्षदर्शियों से जुड़ी जानकारी जांच के लिए महत्वपूर्ण होगी।
किन सवालों के जवाब आने बाकी हैं?
इस मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि नीलेश को टक्कर कैसे लगी और घटना के समय वाहन कौन चला रहा था। क्या मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने घटना देखी थी? क्या सड़क या आसपास लगे कैमरों में वाहन की गतिविधि दर्ज हुई? पोस्टमार्टम में चोटों के बारे में क्या जानकारी मिलती है? इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आ सकेंगे।
परिजन चाहते हैं कि पुलिस उनके हत्या के आरोप की जांच करे और उन्हें कार्रवाई की स्पष्ट जानकारी दे। वहीं, हाईवे पर हुए प्रदर्शन ने मामले को लेकर गांव में फैले आक्रोश को सामने ला दिया है। नीलेश की मौत का वास्तविक कारण और किसी व्यक्ति की आपराधिक भूमिका, यदि हो, जांच के निष्कर्ष आने पर ही स्पष्ट होगी।
