धर्मनिष्ठ सुश्राविका श्रीमती नेहा भंडारी के आकस्मिक निधन पर निकली अंतिम यात्रा
महिदपुर रोड। इंदौर के विजय नगर निवासी श्रीमती नेहा भंडारी के आकस्मिक निधन से जैन समाज में शोक की लहर है। उनके निधन पर अंतिम यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में समाजजन, धार्मिक बंधु और परिवारजन शामिल हुए। सभी ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए भावांजलि दी।
श्रीमती नेहा भंडारी स्वर्गीय कांतिलाल एवं कुसुमलता भंडारी की पुत्रवधू तथा कोमलचंद,सुभाषचंद्र मनसुखलाल भंडारी की बहू थीं। वे मोहित भंडारी की धर्मपत्नी, मोनिका एवं आशीष गांग की भाभी तथा निर्मल-निर्मला कोठारी की पुत्री और नितिन एवं निखिल कोठारी की बहन थीं।
12 उपवास की तपस्या के दौरान हुआ आकस्मिक निधन
श्रीमती नेहा भंडारी धर्मनिष्ठ एवं तपस्वी सुश्राविका थीं। बताया गया कि 12 उपवास की तपस्या के दौरान उनका आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की सूचना से परिवार के साथ जैन समाज में भी शोक व्याप्त हो गया।अंतिम यात्रा में सैकड़ों समाजजनों और परिजनों ने शामिल होकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। अंतिम संस्कार की धार्मिक प्रक्रिया परिवारजनों द्वारा मुक्तिधाम में संपन्न की गई।
मुक्तिधाम पर हुई शोकसभा
मुक्तिधाम पर आयोजित शोकसभा में उपस्थित समाजजनों ने श्रीमती नेहा भंडारी के जीवन और उनके धार्मिक एवं सामाजिक गुणों को स्मरण किया। वक्ताओं ने कहा कि उनका जीवन सरल स्वभाव, सदाचार और धर्मनिष्ठ आचरण से परिपूर्ण रहा।शोकसभा में कहा गया कि उनके मन में सभी जीवों के प्रति दया, करुणा, प्रेम, स्नेह, वात्सल्य और मैत्री का भाव सदैव रहा। उनके आकस्मिक निधन को परिवार के साथ-साथ समाज के लिए भी अपूरणीय क्षति बताया गया।
समाजजनों ने दिवंगत आत्मा के प्रति मंगलभाव व्यक्त करते हुए परमात्मा से प्रार्थना की कि उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान मिले और वे मोक्ष मार्ग की ओर अग्रसर हों। उपस्थित लोगों ने मौन भाव से श्रद्धांजलि अर्पित कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
उक्त जानकारी जैन समाज मीडिया प्रभारी सचिन भंडारी ने दी।
