माणक चौक लाल मंदिर के शिखर पर चढ़ाई पंचरंगी जैन ध्वजा
माणक चौक। दिगंबर जैन माणक चौक लाल मंदिर के शिखर पर अनंत चतुर्दशी के अवसर पर पंचरंगी जैन ध्वजा का ध्वजारोहण धार्मिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम पट्टाचार्य मुनिश्री 108 सुनील सागरजी महाराज के परम शिष्य मुनिश्री 108 संप्रभ सागरजी महाराज एवं मुनिश्री शातनु सागरजी महाराज के सानिध्य में आयोजित किया गया।Manak Chowk Lal Temple Hosts Grand Jain Flag
परंपरा के अनुसार माणक चौक लाल मंदिर में प्रतिवर्ष अनंत चतुर्दशी के अवसर पर जैन धर्म की पंचरंगी ध्वजा शिखर पर चढ़ाई जाती है। ध्वजारोहण से पूर्व प्रातःकालीन बेला में भगवान जिनेंद्र का अभिषेक एवं शांतिधारा की गई। इसके साथ ही दशलक्षण धर्म के दसवें दिन मनाए जाने वाले उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की पूजा-अर्चना कर अर्घ्य समर्पित किए गए।
पूजन के बाद विशेष ध्वजा के लिए नवदेव पूजन और विनायक यंत्र की पूजा विधि-विधान से संपन्न की गई। धार्मिक अनुष्ठान पूर्ण होने के बाद पंचरंगी जैन ध्वजा को मंदिर के शिखर पर विधिपूर्वक फहराया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने धार्मिक जयकारे लगाए और मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा।
सुख-शांति और समृद्धि का प्रतीक मानी जाती है ध्वजा
प्रचार प्रमुख प्रवीण जैन ने बताया कि जैन धार्मिक परंपरा में ध्वजा को सुख, शांति और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने बताया कि शास्त्रों में ध्वजा के अलग-अलग दिशाओं में लहराने को लेकर भी मान्यताओं का उल्लेख मिलता है।
उन्होंने बताया कि पूर्व दिशा में ध्वजा का लहराना सिद्धि का प्रतीक, पश्चिम दिशा में लहराना शांति और सुख का संकेत तथा उत्तर दिशा में लहराना ऐश्वर्य और वैभव का प्रतीक माना जाता है। वहीं दक्षिण दिशा में ध्वजा लहराने पर धार्मिक शांति से संबंधित अनुष्ठान किए जाने की मान्यता बताई गई है।
समाजजनों ने लिया आयोजन में हिस्सा
ध्वजारोहण कार्यक्रम में जैन समाज के अध्यक्ष मुकेश जैन सहित सनत जैन, अनिल जैन, आशीष जैन, शैलेश शाह, विजय ओरा, संजय जैन, किरणमल जैन, दिलीप जैन सहित समाज के अन्य सदस्य और श्रद्धालु उपस्थित रहे।
धार्मिक अनुष्ठानों और ध्वजारोहण के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धा और उत्साह का वातावरण रहा। समाजजनों ने भगवान जिनेंद्र की आराधना कर समाज एवं सभी के सुख-शांति और समृद्धि की मंगलकामना की।
