इंदौर में गणेश विसर्जन के लिए 100 से अधिक स्थानों पर कुंड, कहीं पानी नहीं तो कहीं रिसाव की शिकायत
दैनिक स्वराज वाणी | इंदौर। अनंत चतुर्दशी पर गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए इंदौर नगर निगम ने शहर में 100 से अधिक स्थानों पर कुंड और प्रतिमा एकत्रीकरण की व्यवस्था की है। शुक्रवार को कई स्थानों पर व्यवस्थाओं में कमी सामने आई। प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, कुछ कुंडों में पानी नहीं था, जबकि कुछ प्लास्टिक के कुंडों से पानी रिस रहा था। कर्मचारियों ने इसकी जानकारी अधिकारियों को दी और कई स्थानों पर कुंड बदलने का काम किया गया।
स्थानीय विसर्जन के लिए लगाए गए कुंड
नगर निगम अलग-अलग क्षेत्रों में बड़े प्लास्टिक कुंड लगाता है, ताकि लोग घरों में स्थापित मिट्टी की छोटी गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन अपने आसपास कर सकें। इसके लिए इस बार भी कुंडों के पास टेंट लगाए गए और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई। शहर में एक साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए विभिन्न स्थानों पर यह व्यवस्था की गई है।
श्रद्धालुओं के लिए कुंड तभी उपयोगी होगा, जब उसमें पर्याप्त पानी हो और वह सही हालत में हो। खाली कुंड देखकर पहुंचे लोगों को विसर्जन के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। वहीं, पानी रिसने वाले कुंड को बदलना या उसकी समस्या दूर करना जरूरी है। शुक्रवार को सामने आई शिकायतें इन्हीं बुनियादी इंतजामों से जुड़ी हैं।
कर्मचारियों ने अधिकारियों तक पहुंचाई शिकायत
अग्निबाण की रिपोर्ट के मुताबिक, अलग-अलग स्थानों पर तैनात निगम कर्मचारियों ने कुंडों में पानी न होने और फूटे कुंडों से पानी बहने की जानकारी अधिकारियों को दी। इसके बाद कई स्थानों पर लगाए गए कुंड बदले जा रहे थे। हालांकि, किन-किन केंद्रों पर समस्या आई और सभी जगह व्यवस्था कब तक ठीक हुई, इसका विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है
विसर्जन के लिए बनाए गए केंद्रों पर लोगों का पहुंचना दिन भर जारी रह सकता है। इसलिए कुंड लगाना ही पर्याप्त नहीं है; उनमें पानी की उपलब्धता और कुंड की स्थिति पर लगातार नजर रखना भी जरूरी है। कर्मचारियों से मिली शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई से श्रद्धालुओं को होने वाली असुविधा कम की जा सकती है।
प्रतिमाएं एकत्र कर जवाहर टेकरी पहुंचाने की व्यवस्था
स्थानीय कुंडों के अलावा नगर निगम ने प्रतिमाएं एकत्र करने के लिए पंडाल भी बनाए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इन केंद्रों से प्रतिमाओं को जवाहर टेकरी तक ले जाने के लिए डंपर और अन्य वाहनों की व्यवस्था की गई है। पहले प्रकाशित कार्यक्रम के मुताबिक, विभिन्न केंद्रों से एकत्र प्रतिमाओं का विसर्जन 25 और 26 सितंबर को धार रोड स्थित जवाहर टेकरी की खदान में किया जाना है।
इस व्यवस्था में दो अलग चरण हैं। छोटे स्थानीय कुंडों में श्रद्धालु स्वयं प्रतिमा विसर्जित कर सकते हैं। दूसरी ओर, एकत्रीकरण केंद्रों पर सौंपी गई प्रतिमाओं को निगम के वाहनों से निर्धारित विसर्जन स्थल तक पहुंचाया जाता है। श्रद्धालुओं के लिए संबंधित केंद्र पर मौजूद कर्मचारियों से यह जानकारी लेना उपयोगी रहेगा कि वहां कुंड में विसर्जन हो रहा है या प्रतिमा जमा की जा रही है।
तैयारी के बीच सामने आई व्यावहारिक समस्या
नगर निगम ने प्रतिमा एकत्रीकरण के लिए 100 से अधिक केंद्र बनाने की योजना पहले ही बताई थी। इसका उद्देश्य शहर के विभिन्न इलाकों में लोगों को पास में सुविधा देना और एकत्र प्रतिमाओं को तय स्थान पर पहुंचाना है। लेकिन शुक्रवार को कुंडों में पानी की कमी और रिसाव की शिकायत ने दिखाया कि प्रत्येक केंद्र पर व्यवस्था की स्थिति अलग-अलग हो सकती है।
इस समय प्राथमिक जरूरत प्रभावित कुंडों में पानी भरने, खराब कुंड बदलने और केंद्रों पर स्पष्ट जानकारी देने की है। जिन स्थानों पर समस्या ठीक कर दी गई है, वहां श्रद्धालु सामान्य रूप से विसर्जन कर सकेंगे। वहीं, किसी केंद्र पर दिक्कत बनी रहने की स्थिति में तैनात कर्मचारी लोगों को नजदीकी उपलब्ध व्यवस्था की जानकारी दे सकते हैं।
अनंत चतुर्दशी पर शहर में श्रद्धालुओं की आवाजाही और प्रतिमाओं का एकत्रीकरण साथ-साथ चल रहा है। ऐसे में निगम की तैयारियों का आकलन कुंडों की संख्या से ही नहीं, बल्कि उनके मौके पर उपयोगी होने से होगा। शुक्रवार को मिली शिकायतों के बाद संबंधित केंद्रों पर व्यवस्था कितनी जल्दी सुधरती है, इस पर श्रद्धालुओं की सुविधा निर्भर करेगी।
