इंदौर में वकील के सूने घर से 20 लाख से अधिक की चोरी, CCTV में दिखे रेडियम लगी कैप पहने संदिग्ध
दैनिक स्वराज वाणी | इंदौर। खुड़ैल क्षेत्र के देवगुराड़िया स्थित श्रीविनायक टाउनशिप में वकील अरुण चौहान के घर चोरी का मामला सामने आया है। प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, 23 सितंबर की रात घर में घुसे चोर करीब डेढ़ लाख रुपये नकद, 13 तोले से अधिक सोने के जेवर, चांदी के आभूषण और कार की चाबी ले गए। चोरी गए सामान की कुल कीमत 20 लाख रुपये से अधिक बताई गई है। घर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में तीन से अधिक संदिग्ध दिखाई देने की खबर है।
रात में दफ्तर गए थे अरुण चौहान
अरुण चौहान का कार्यालय पलासिया क्षेत्र में है। रिपोर्ट के मुताबिक, इन दिनों काम अधिक होने के कारण वह रात में भी दफ्तर में काम कर रहे थे। इसी दौरान उनका घर सूना था और चोरों ने वारदात को अंजाम दिया। अगले दिन, 24 सितंबर को जब वह लौटे तो घर का सामान अस्त-व्यस्त मिला। सामान देखने पर नकदी, सोने-चांदी के जेवर और कार की चाबी गायब होने की बात सामने आई।
घर पहुंचने पर सामान बिखरा मिलने से चोरी का पता चला। चोर घर में किस रास्ते से दाखिल हुए और उन्होंने भीतर कितना समय बिताया, इसका स्पष्ट विवरण उपलब्ध रिपोर्ट में नहीं है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि घर के किस हिस्से से कौन-कौन सी वस्तु उठाई गई। चोरी की पूरी सूची और उसके मूल्य का अंतिम निर्धारण जांच के आधार पर ही हो सकेगा।
नकदी और जेवर के साथ कार की चाबी भी ले गए
वारदात में डेढ़ लाख रुपये नकद और 13 तोले से अधिक सोने के जेवर चोरी होने की जानकारी दी गई है। इनके अलावा चांदी के जेवर और कार की चाबी भी गायब मिली। कुल नुकसान 20 लाख रुपये से अधिक बताया जा रहा है, हालांकि यह फिलहाल रिपोर्ट में सामने आया शुरुआती अनुमान है।
कार की चाबी चोरी होने की बात इस मामले का अलग पहलू है। उपलब्ध खबर में कार चोरी होने की सूचना नहीं दी गई है। इसलिए चाबी गायब होने और वाहन चोरी होने को एक ही घटना मानना सही नहीं होगा। जांच में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि चोर केवल घर के भीतर रखी कीमती वस्तुएं ले गए या उनका इरादा किसी अन्य सामान तक पहुंचने का भी था।
कैमरे में दिखी रेडियम लगी कैप
सीसीटीवी फुटेज में तीन से अधिक संदिग्ध वारदात के दौरान दिखाई देने की बात रिपोर्ट में कही गई है। उनके सिर पर रेडियम लगी कैप होने का दावा किया गया है। खबर के अनुसार, फुटेज में उनके चेहरे स्पष्ट नहीं दिखाई दे रहे। कैप से होने वाला प्रकाश परावर्तन इसकी वजह बताया गया है, लेकिन चेहरे अस्पष्ट दिखने का कारण तकनीकी जांच के बाद ही निश्चित रूप से कहा जा सकता है।
संदिग्धों की पहचान के लिए फुटेज महत्वपूर्ण हो सकती है। उसमें उनके आने-जाने का समय, संख्या, कपड़े और गतिविधियां जैसी जानकारी देखी जा सकती है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि किसी संदिग्ध की पहचान हो गई है या नहीं। ‘रेडियम कैप गैंग’ का उल्लेख भी अभी सामने आई फुटेज और रिपोर्ट के आधार पर है; जांच पूरी होने से पहले इसे किसी संगठित गिरोह की पुष्टि के रूप में नहीं पढ़ना चाहिए।
आसपास के घरों में भी बढ़ी चिंता
रिहायशी टाउनशिप में सूने घर को निशाना बनाए जाने की खबर से आसपास रहने वालों की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। वकील के घर हुई चोरी में संदिग्धों की संख्या एक से अधिक बताई गई है और वारदात रात में होने की खबर है। ऐसे मामलों में घर के साथ परिसर तथा आसपास लगे कैमरों की फुटेज से भी घटनाक्रम समझने में मदद मिल सकती है।
इसी रिपोर्ट में भंवरकुआं क्षेत्र की विष्णुपुरी कॉलोनी में चोरी की एक अलग घटना का भी उल्लेख है। वहां एक घर से जेवर, चांदी के सिक्के और नकदी चोरी होने की शिकायत की खबर है। फिलहाल दोनों वारदातों के बीच किसी संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।
अरुण चौहान के घर चोरी के मामले में आगे की जांच से संदिग्धों की पहचान, चोरी गए सामान का वास्तविक मूल्य और वारदात के तरीके की तस्वीर साफ होगी। फिलहाल पुष्टि योग्य प्रमुख तथ्य यही हैं कि घर से नकदी और जेवर गायब हैं तथा सीसीटीवी फुटेज में कई संदिग्ध नजर आने की बात सामने आई है।
