Jabalpur संभाग में दौड़ेंगी 67 नई बसें, 8 रूट पर शुरू होगी सुगम परिवहन सेवा
Jabalpur। मध्य प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में शुरू की जा रही मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का लाभ जबलपुर और आसपास के जिलों के यात्रियों को भी मिलने जा रहा है। पहले चरण में जबलपुर संभाग में कुल 67 बसों का संचालन किया जाएगा। इनमें 14 इंटरसिटी बसें होंगी, जबकि शेष 53 इंट्रासिटी बसें जबलपुर शहर और स्थानीय मार्गों पर संचालित की जाएंगी। नई बस सेवा शुरू होने से यात्रियों को शहर के साथ-साथ संभाग और दूसरे प्रमुख जिलों तक आवागमन के लिए अतिरिक्त परिवहन विकल्प उपलब्ध होने की उम्मीद है।
राज्य स्तर पर शुक्रवार को भोपाल में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा और पीएम ई-बस सेवा के तहत बसों को हरी झंडी दिखाकर सेवा की शुरुआत की जाएगी। इसके बाद जबलपुर संभाग के लिए निर्धारित बसों के एक-दो दिन में शहर पहुंचने की संभावना है। बसों के पहुंचने और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित मार्गों पर नई परिवहन सेवा शुरू कर दी जाएगी।
आठ मार्गों पर शुरू होगी इंटरसिटी बस सेवा
जबलपुर संभाग में पहले चरण में इंटरसिटी बसों के संचालन के लिए करीब आठ रूट चिह्नित किए गए हैं। इनमें जबलपुर से रीवा, कटनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट और सागर सहित प्रमुख शहरों के लिए सीधी यात्री बस सेवा उपलब्ध कराने की योजना है। इन बसों के संचालन से यात्रियों को एक जिले से दूसरे जिले तक जाने के लिए परिवहन के अतिरिक्त विकल्प मिलेंगे।
वर्तमान में इन मार्गों पर बड़ी संख्या में निजी बसें संचालित होती हैं। ऐसे में सरकारी परिवहन सेवा शुरू होने के बाद यात्रियों के सामने बसों के अधिक विकल्प उपलब्ध हो सकेंगे। खासतौर पर उन यात्रियों को सुविधा मिलने की उम्मीद है, जिन्हें नियमित रूप से नौकरी, कारोबार, शिक्षा, उपचार या अन्य कार्यों के लिए जबलपुर और आसपास के जिलों के बीच यात्रा करनी पड़ती है।
नई बस सेवा के शुरू होने के बाद अलग-अलग रूट पर बसों के संचालन का समय और किराया निर्धारित व्यवस्था के अनुसार तय किया जाएगा। इससे यात्रियों को यात्रा की योजना बनाने में भी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
निजी बसों पर निर्भरता होगी कम
जबलपुर से वर्तमान में रीवा, कटनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, नागपुर, सागर समेत कई प्रमुख मार्गों पर करीब 400 निजी बसें संचालित होने की जानकारी है। लंबे समय से इन मार्गों पर यात्रियों की आवाजाही के लिए निजी बसों पर निर्भरता बनी हुई है।
नई सरकारी परिवहन सेवा शुरू होने से यात्रियों को इन मार्गों पर एक वैकल्पिक यात्री सेवा उपलब्ध होगी। इससे सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क का विस्तार होने के साथ यात्रियों के पास यात्रा के अधिक विकल्प होंगे। स्थानीय स्तर पर यह भी उम्मीद की जा रही है कि नई सेवा के कारण यात्रियों को किराये और बस उपलब्धता के स्तर पर राहत मिल सकती है।
हालांकि, नई सेवा का वास्तविक प्रभाव बसों के नियमित संचालन, रूट कवरेज, समय-सारिणी और किराये पर निर्भर करेगा। यात्रियों के लिए सेवा की नियमितता और पर्याप्त बस उपलब्धता महत्वपूर्ण होगी।
53 इंट्रासिटी बसों से शहर के सफर को मिलेगी रफ्तार
जबलपुर संभाग के लिए प्रस्तावित 67 बसों में से 53 इंट्रासिटी बसें शहर के भीतर संचालित की जाएंगी। इससे जबलपुर शहर के अलग-अलग क्षेत्रों को सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क से जोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है।
वर्तमान में जबलपुर शहर में करीब 40 ई-बसें संचालित हो रही हैं। इनके साथ नई नॉन-एसी इंट्रासिटी बसों के संचालन से यात्रियों के पास स्थानीय आवागमन के लिए अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध होंगे। खासतौर पर शहर के उन हिस्सों के यात्रियों को फायदा मिल सकता है जहां मौजूदा सार्वजनिक परिवहन की उपलब्धता सीमित है।
शहर के भीतर बस सेवा का विस्तार होने से नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों, व्यापारियों और रोजाना आने-जाने वाले यात्रियों के लिए सार्वजनिक परिवहन का दायरा बढ़ सकता है। अलग-अलग क्षेत्रों के बीच सीधी बस उपलब्ध होने से यात्रियों को बार-बार वाहन बदलने की जरूरत भी कम हो सकती है।
ऑटो और ई-रिक्शा पर निर्भरता घटने की उम्मीद
जबलपुर में स्थानीय आवागमन के लिए बड़ी संख्या में यात्री ऑटो, ई-रिक्शा और अन्य छोटे वाहनों पर निर्भर रहते हैं। नई इंट्रासिटी बस सेवा के विस्तार से इन यात्रियों को एक अतिरिक्त सार्वजनिक परिवहन विकल्प मिलने की उम्मीद है।
यदि बसों का संचालन प्रमुख मार्गों और शहर के अधिक क्षेत्रों तक नियमित रूप से होता है, तो दैनिक यात्रियों के लिए सार्वजनिक बस सेवा उपयोगी विकल्प बन सकती है। विशेष रूप से लंबी दूरी के स्थानीय सफर में बस सेवा यात्रियों को अपेक्षाकृत सुविधाजनक और किफायती विकल्प उपलब्ध करा सकती है।
इसके साथ ही प्रमुख मार्गों पर सार्वजनिक परिवहन की उपलब्धता बढ़ने से यातायात व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है। हालांकि इसका वास्तविक प्रभाव बसों की संख्या, फेरे, रूट और यात्रियों की संख्या पर निर्भर करेगा।
जबलपुर के साथ संभागीय कनेक्टिविटी को मिलेगा विस्तार
नई सेवा का एक महत्वपूर्ण पहलू जबलपुर को आसपास के जिलों और प्रमुख शहरों से जोड़ना है। रीवा, कटनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट और सागर जैसे मार्गों पर सीधी बस सेवा शुरू होने से संभागीय कनेक्टिविटी को मजबूती मिल सकती है।
इन शहरों के बीच रोजाना बड़ी संख्या में लोग विभिन्न कारणों से यात्रा करते हैं। विद्यार्थियों, कर्मचारियों, व्यापारियों और उपचार के लिए आने-जाने वाले लोगों के लिए नियमित बस सेवा महत्वपूर्ण परिवहन माध्यम हो सकती है।
इसके अलावा भविष्य में सेवा का विस्तार होने पर अन्य मार्गों को भी नेटवर्क में शामिल किए जाने की संभावना है। इससे जबलपुर को केंद्र बनाकर आसपास के जिलों तक सार्वजनिक परिवहन का दायरा और बढ़ सकता है।
बसों के पहुंचने के बाद शुरू होगा संचालन
राज्य स्तर पर शुक्रवार को मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत की घोषणा के बाद जबलपुर के लिए निर्धारित बसों के एक-दो दिन में शहर पहुंचने की संभावना है। बसों के पहुंचने के बाद संबंधित विभाग द्वारा संचालन से जुड़ी तैयारियां पूरी की जाएंगी। इसके बाद निर्धारित रूट पर यात्री सेवा शुरू होगी।
यात्रियों की सुविधा के लिए बसों के रूट, समय और किराये से संबंधित जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। सेवा शुरू होने के बाद इसके संचालन और यात्रियों की प्रतिक्रिया के आधार पर व्यवस्था में आवश्यक बदलाव भी किए जा सकते हैं।
सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मिलेगा नया विकल्प
जबलपुर में 67 नई बसों के संचालन को शहर और संभाग की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के विस्तार के रूप में देखा जा रहा है। 14 इंटरसिटी और 53 इंट्रासिटी बसों के जरिए एक ओर जहां जबलपुर को आसपास के प्रमुख शहरों से जोड़ने की योजना है, वहीं दूसरी ओर शहर के भीतर सार्वजनिक बस सेवा को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
वर्तमान में निजी बसों, ई-बसों, ऑटो और ई-रिक्शा पर निर्भर यात्रियों के सामने नई बस सेवा एक अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध कराएगी। सेवा के नियमित और निर्धारित समय पर संचालन से यात्रियों को अपने दैनिक आवागमन की बेहतर योजना बनाने में मदद मिल सकती है।
अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि जबलपुर में नई बस सेवा किस समय-सारिणी और किराये के साथ शुरू होती है और शुरुआती चरण में यात्रियों को इससे किस तरह की सुविधा मिलती है। आने वाले समय में रूट और बसों की संख्या बढ़ने पर जबलपुर संभाग की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था का नेटवर्क और विस्तृत हो सकता है।
