MP TET Syllabus 2026: मध्यप्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा का पाठ्यक्रम जारी, 150 अंकों का होगा पेपर
विमर्श पोर्टल पर नियम पुस्तिका उपलब्ध होने की जानकारी; सभी प्रश्न वस्तुनिष्ठ प्रकार के होंगे
भोपाल, 25 सितंबर 2026। मध्यप्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर चल रही चर्चा के बीच लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने परीक्षा का पाठ्यक्रम जारी किया है। सामने आई जानकारी के अनुसार, पाठ्यक्रम और करीब 30 पृष्ठों की नियम पुस्तिका विमर्श पोर्टल पर अपलोड की गई है। परीक्षा का प्रश्नपत्र 150 अंकों का होगा और सभी प्रश्न वस्तुनिष्ठ प्रकार के रखे जाएंगे। डीपीआई की ओर से जिला शिक्षा अधिकारियों को भी इस संबंध में निर्देश भेजे जाने की जानकारी है।
पाठ्यक्रम जारी होने से परीक्षा की तैयारी कर रहे शिक्षकों और अभ्यर्थियों को पढ़ाई की दिशा तय करने में मदद मिलेगी। हालांकि, परीक्षा की अवधि, विषयवार अंकों का विभाजन, उत्तीर्णांक और अन्य शर्तें केवल शीर्षक या समाचार के आधार पर तय नहीं करनी चाहिए। इन बिंदुओं के लिए अभ्यर्थियों को अपनी परीक्षा से संबंधित पूरी नियम पुस्तिका पढ़नी होगी।
150 अंकों का होगा प्रश्नपत्र
जारी विवरण के अनुसार, MP TET का पेपर कुल 150 अंकों का होगा। सभी सवाल ऑब्जेक्टिव, यानी वस्तुनिष्ठ प्रकार के होंगे। ऐसे प्रश्नों में दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनना होता है। इससे अभ्यर्थियों के लिए पाठ्यक्रम के साथ प्रश्नों का प्रारूप समझना भी जरूरी हो जाता है।
150 अंकों का पेपर होने से यह मान लेना सही नहीं होगा कि हर प्रश्न एक अंक का ही है। प्रश्नों की कुल संख्या और अंक देने की पद्धति नियम पुस्तिका के परीक्षा प्रारूप वाले हिस्से से देखी जानी चाहिए। इसी तरह नकारात्मक अंकन है या नहीं, इसका निर्णय भी संबंधित पुस्तिका में लिखी शर्तों के अनुसार करें।
विमर्श पोर्टल पर क्या देखना चाहिए?
अभ्यर्थियों के लिए पाठ्यक्रम के साथ नियम पुस्तिका महत्वपूर्ण दस्तावेज है। डाउनलोड करने के बाद सबसे पहले यह देखें कि पुस्तिका किस TET परीक्षा और किस वर्ष के लिए जारी की गई है। कई पुरानी परीक्षा पुस्तिकाएं और तैयारी संबंधी सामग्री इंटरनेट पर उपलब्ध रहती हैं; उन्हें नई नियम पुस्तिका समझ लेने से तैयारी में भ्रम हो सकता है।
इसके बाद परीक्षा प्रारूप, विषयवार पाठ्यक्रम और प्रशासनिक निर्देशों को अलग-अलग पढ़ें। पाठ्यक्रम बताता है कि किन विषयों से प्रश्न पूछे जा सकते हैं, जबकि नियम पुस्तिका परीक्षा की शर्तें स्पष्ट करती है। यदि विभाग आगे कोई संशोधन या स्पष्टीकरण जारी करे, तो नई सूचना को भी साथ में देखना होगा।
तैयारी की योजना कैसे बनाएं?
पाठ्यक्रम मिलने के बाद अभ्यर्थी पहले सभी विषयों और उनके उपविषयों की सूची बना सकते हैं। जिन हिस्सों की तैयारी पहले से मजबूत है और जिन पर अधिक समय देने की जरूरत है, उन्हें पहचानना उपयोगी रहेगा। वस्तुनिष्ठ प्रश्नों वाले पेपर में अवधारणा समझने के साथ उत्तर चुनने का अभ्यास भी जरूरी होता है।
अभ्यास के दौरान समय का ध्यान रखकर प्रश्न हल करें और गलत उत्तरों के कारण लिखें। इससे यह पता चलता है कि गलती जानकारी की कमी से हुई, प्रश्न ठीक से न पढ़ने से हुई या विकल्पों के बीच भ्रम के कारण हुई। हालांकि, पुराने प्रश्नपत्र अभ्यास में मदद कर सकते हैं, नई परीक्षा का अंतिम आधार जारी पाठ्यक्रम और नियम पुस्तिका ही होगी।
TET को लेकर विवाद के बीच आया पाठ्यक्रम
राज्य में TET से जुड़े मुद्दों पर चर्चा और विरोध के बीच पाठ्यक्रम जारी हुआ है। परीक्षा देने वाले लोगों के लिए इस समय सबसे जरूरी बात यह है कि वे परीक्षा के बारे में सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट संदेशों के बजाय विभागीय दस्तावेज देखें। आवेदन, प्रवेश पत्र, परीक्षा तिथि या छूट संबंधी किसी दावे की पुष्टि भी आधिकारिक सूचना से ही करें।
सिलेबस जारी होने और परीक्षा की सभी प्रशासनिक तारीखें घोषित होने में अंतर है। उपलब्ध जानकारी से केवल यह स्पष्ट होता है कि पाठ्यक्रम और नियम पुस्तिका जारी होने की सूचना दी गई है तथा प्रश्नपत्र 150 अंकों का वस्तुनिष्ठ प्रकार का होगा। परीक्षा कब और किस व्यवस्था में आयोजित होगी, यह संबंधित आधिकारिक आदेश से देखना चाहिए।
जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश
रिपोर्ट के अनुसार, लोक शिक्षण संचालनालय ने सिलेबस जारी करने के संबंध में जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश भेजे हैं। इससे जिलों तक परीक्षा संबंधी जानकारी पहुंचाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। अभ्यर्थियों को किसी स्थानीय सूचना में और पोर्टल पर उपलब्ध दस्तावेज में अंतर दिखे, तो वे नवीनतम विभागीय आदेश की तारीख जांचें।
फिलहाल तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए अगला कदम स्पष्ट है: विमर्श पोर्टल पर अपनी परीक्षा की नियम पुस्तिका खोलें, विषयवार पाठ्यक्रम और अंक योजना देखें तथा उसी आधार पर पढ़ाई का कार्यक्रम बनाएं। 150 अंकों और वस्तुनिष्ठ प्रश्नों की जानकारी शुरुआती दिशा देती है; परीक्षा की पूरी शर्तें नियम पुस्तिका पढ़ने पर ही स्पष्ट होंगी।
