Nagda में गोस-ए-आजम पर इज्तेमा आयोजित, अमन-शांति और खुशहाली के लिए मांगी विशेष दुआ
दावते इस्लामी इंडिया के आयोजन में बड़ी संख्या में मुस्लिम समाजजन हुए शामिल, लंगर का भी हुआ आयोजन
Nagda । दावते इस्लामी इंडिया की ओर से नागदा में गोस-ए-आजम की ग्यारहवीं के अवसर पर विशेष इज्तेमा आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोगों ने हिस्सा लिया। धार्मिक कार्यक्रम तय समय पर शुरू हुआ और देर रात तक चला। इस दौरान गोस-ए-आजम की सीरत और उनके जीवन से जुड़े प्रसंगों पर तकरीर हुई तथा देश में अमन-चैन, तरक्की और खुशहाली के लिए विशेष दुआ की गई।
कार्यक्रम में नागदा शहर के साथ ही आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी मुस्लिम समाज के लोग शामिल होने पहुंचे। बड़ी संख्या में धर्मगुरुओं, इमामों और उलमा-ए-अहले सुन्नत ने कार्यक्रम में शिरकत कर गोस-ए-आजम के प्रति अपनी अक़ीदत पेश की।
हाजी इफ्तेखार निजामी ने गोस पाक की सीरत पर डाली रोशनी
इज्तेमा में हाजी इफ्तेखार निजामी ने गोस पाक की सीरत और उनके धार्मिक एवं सामाजिक कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने उनके जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने लंबे समय तक समाज के लिए कार्य किया और जरूरतमंद एवं दुखियारे लोगों की मदद की।
उन्होंने गोस पाक के जीवन से जुड़ी कई करामातों का भी बयान किया। तकरीर के दौरान बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने धार्मिक बातों को ध्यानपूर्वक सुना।
Nagda और ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे समाजजन
आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम में नागदा शहर के अलावा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग पहुंचे। कार्यक्रम में धर्मगुरुओं और इमामों की मौजूदगी रही।
इज्तेमा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए विशेष रूप से खजूर वितरित की गई। धार्मिक कार्यक्रम और दुआ के बाद लंगर का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित लोगों ने प्रसादी ग्रहण की।
देश की तरक्की और अमन-चैन के लिए मांगी दुआ
कार्यक्रम के समापन अवसर पर विशेष दुआ की गई। इसमें देश में अमन-शांति, तरक्की और खुशहाली के लिए दुआ मांगी गई। साथ ही देश और समाज के लोगों के स्वस्थ रहने तथा आपसी भाईचारे और शांति की कामना की गई।
आयोजकों ने बताया कि दावते इस्लामी इंडिया की ओर से गोस-ए-आजम की ग्यारहवीं का कार्यक्रम विभिन्न स्थानों पर धार्मिक श्रद्धा के साथ आयोजित किया जाता है। इस अवसर पर गोस पाक के वसीले से अल्लाह से दुआ मांगी जाती है।
बगदाद स्थित मजार पर पहुंचते हैं अकीदतमंद
कार्यक्रम में वक्ताओं ने गोस-ए-आजम के जीवन और धार्मिक योगदान का उल्लेख करते हुए उनके अंतिम समय और बगदाद स्थित मजार के बारे में भी जानकारी दी। बताया गया कि बगदाद में स्थित मजार पर दुनिया के विभिन्न हिस्सों से मुस्लिम समाज के अकीदतमंद जियारत के लिए पहुंचते हैं।
कार्यक्रम में दावते इस्लामी इंडिया के कार्यकर्ताओं के अलावा गणमान्य नागरिक और उलमा-ए-अहले सुन्नत मौजूद रहे। इस दौरान उलमाओं को इस्लामी पुस्तकों के उपहार भी भेंट किए गए।
दावते इस्लामी इंडिया के कार्यकर्ताओं ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी समाजजनों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के चलते देर रात तक धार्मिक माहौल बना रहा।
