आउटसोर्स कर्मचारियों ने श्रम मंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, वेतन और EPF-ESIC सहित कई मांगें उठाईं
जिला अध्यक्ष विनोद अहिरवार के नेतृत्व में सौंपा ज्ञापन, लंबित वेतन का भुगतान और श्रम कानूनों के पालन की मांग
Damoh । जिले के विभिन्न शासकीय विभागों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर मध्यप्रदेश राज्य आउटसोर्स कर्मचारी संघ ने श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल के नाम ज्ञापन सौंपा। जिला अध्यक्ष विनोद अहिरवार के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कर्मचारियों को श्रम कानूनों के अनुरूप न्यूनतम वेतन, EPF, ESIC, बोनस और अन्य वैधानिक लाभ दिलाने के साथ ही वेतन का समय पर भुगतान सुनिश्चित कराने की मांग की गई।
संघ का कहना है कि ये मांगें केवल कर्मचारियों के हित से जुड़ी नहीं हैं, बल्कि श्रम कानूनों के अनुपालन, श्रमिकों के वैधानिक अधिकार और सामाजिक सुरक्षा से भी संबंधित हैं।
कई माह तक वेतन लंबित रहने की शिकायत
ज्ञापन में कहा गया कि जिले के विभिन्न शासकीय विभागों और संस्थाओं में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों का वेतन कई-कई माह तक लंबित रहने की शिकायतें सामने आ रही हैं। इससे कर्मचारियों और उनके परिवारों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
संघ ने लंबित वेतन का शीघ्र भुगतान कराने और ऐसे मामलों की जांच कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की मांग की है।
निर्धारित वेतन से कम भुगतान का आरोप
आउटसोर्स कर्मचारियों ने कुछ विभागों में निर्धारित या देय वेतन से कम भुगतान किए जाने अथवा वेतन में अनधिकृत कटौती की शिकायत भी ज्ञापन में दर्ज कराई है। संघ ने मांग की है कि कर्मचारियों को उनके वास्तविक कार्य और लागू श्रेणी के अनुसार न्यूनतम देय वेतन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
इसके अलावा वेतन भुगतान में नियमितता लाने और कर्मचारियों को हर माह समय पर वेतन उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
वेतन पर्ची और EPF-ESIC की पारदर्शिता की मांग
संघ ने कर्मचारियों को वेतन पर्ची उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई है। इसमें वेतन, कटौती, EPF और ESIC सहित अन्य विवरण स्पष्ट रूप से दर्ज किए जाने की बात कही गई है।
ज्ञापन में EPF और ESIC से संबंधित अनियमितताओं की शिकायतों का उल्लेख करते हुए संबंधित अभिलेखों की जांच और सामाजिक सुरक्षा लाभों के नियमित अनुपालन की मांग की गई।

वास्तविक कार्य के अनुसार वेतन देने की मांग
आउटसोर्स कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर कर्मचारियों को अभिलेखों में अकुशल श्रेणी में दर्शाकर उनसे अर्द्धकुशल, कुशल अथवा उच्च कुशल प्रकृति का कार्य लिया जा रहा है।
संघ ने मांग की कि कर्मचारी द्वारा किए जा रहे वास्तविक कार्य, उसकी जिम्मेदारियों और लागू कौशल श्रेणी का परीक्षण कर उसी के अनुसार वेतन निर्धारित किया जाए।
नियुक्ति-पत्र जारी करने की मांग
ज्ञापन में प्रत्येक आउटसोर्स कर्मचारी को नियुक्ति-पत्र उपलब्ध कराने की मांग भी शामिल है। संघ के अनुसार नियुक्ति-पत्र में कर्मचारी के कार्य, नियुक्ति, श्रेणी और वेतन सहित आवश्यक विवरण स्पष्ट होना चाहिए।
इसके साथ ही जिले के विभिन्न शासकीय विभागों, संस्थाओं और संबंधित आउटसोर्स एजेंसियों में श्रम कानूनों के अनुपालन का निरीक्षण और अभिलेखों का सत्यापन कराने की मांग की गई।
आउटसोर्स एजेंसियों की जवाबदेही तय करने की मांग
संघ ने कहा कि यदि किसी आउटसोर्स या ठेका एजेंसी द्वारा कर्मचारियों के वेतन, EPF, ESIC, बोनस अथवा अन्य वैधानिक लाभों में अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ लागू श्रम कानूनों और अनुबंध की शर्तों के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
साथ ही जिन शासकीय विभागों और संस्थाओं में आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत हैं, वहां विभाग और एजेंसी के बीच श्रम कानूनों के अनुपालन की नियमित निगरानी और सत्यापन की व्यवस्था करने की मांग की गई।
9 अक्टूबर तक कार्रवाई की जानकारी देने का अनुरोध
संघ ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि जिले के विभिन्न विभागों, कार्यालयों, निगमों, मंडलों और शासकीय संस्थाओं में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों की शिकायतों की विस्तृत जांच कराई जाए। संबंधित विभागों और एजेंसियों से आवश्यक अभिलेख प्राप्त कर कर्मचारियों को नियमानुसार वेतन, वेतन पर्ची, बोनस, EPF, ESIC, नियुक्ति-पत्र और अन्य वैधानिक लाभ मिलना सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया।
संघ ने यह भी अनुरोध किया कि ज्ञापन पर की गई कार्रवाई से उसे 9 अक्टूबर 2026 तक अवगत कराया जाए। संघ ने कहा कि निर्धारित अवधि तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर प्रदेश कार्यकारिणी के माध्यम से मामले को श्रम विभाग के समक्ष दोबारा प्रस्तुत किया जाएगा।
ज्ञापन देने वालों में जिला अध्यक्ष विनोद अहिरवार के साथ रोहित राय, अमित रही, शीलेन्द्र, तल्हा खान, अरुण कोरी, तरुण कोरी, पिंकी, पुष्पेंद्र, राघवेंद्र ठाकुर, हरिदास दादा सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
रिपोर्ट: कोमल अहिरवार, जिला ब्यूरो चीफ दमोह
