निर्वाणा गार्डन में 5,000 शिविरार्थियों के लिए ठहरने और दैनिक सुविधाओं की व्यवस्था
वीर बाहुबली ग्रुप की टीम ने पांच डोम में आवास, स्नान, शौचालयों तक जल आपूर्ति और सफाई की जिम्मेदारी संभाली
इंदौर। निर्वाणा गार्डन में लगभग पांच हजार शिविरार्थियों के ठहरने, स्नान और नित्यकर्म के लिए की गई व्यवस्थाओं को देखने और समझने का अवसर समाजजनों को मिला। इतने बड़े समूह की दैनिक जरूरतों के लिए वीर बाहुबली ग्रुप की टीम ने आवास, पानी, शौचालयों की सफाई और कपड़े धोने-सुखाने तक की व्यवस्था संभाली। प्रचार प्रमुख प्रवीण जैन ने बताया कि इस कार्य के लिए टीम ने योजना तैयार की और उसे आयोजन स्थल पर लागू किया।
पांच डोम में ठहरने की व्यवस्था
प्रवीण जैन के अनुसार, शिविरार्थियों के ठहरने के लिए निर्वाणा गार्डन में पांच डोम लगाए गए थे। प्रत्येक डोम में लगभग एक हजार लोगों के रुकने की व्यवस्था की गई। इस तरह करीब पांच हजार शिविरार्थियों के लिए स्थान उपलब्ध कराया गया। डोम में उनके सोने की व्यवस्था भी की गई थी।
बड़ी संख्या में लोगों के एक साथ रहने के दौरान आवास व्यवस्था के साथ दैनिक सुविधाओं को चालू रखना भी टीम की जिम्मेदारी थी। शिविरार्थियों के आने, ठहरने और अपनी जरूरतों के अनुसार सुविधाओं का उपयोग करने के बीच टीम के सदस्यों को लगातार समन्वय बनाए रखना पड़ा। आयोजन स्थल पर एम्बुलेंस की व्यवस्था भी रखी गई थी, ताकि आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध हो सके।
करीब 500 शौचालयों तक पहुंचाया गया पानी
शिविरार्थियों के नित्यकर्म के लिए लगभग 500 शौचालयों की व्यवस्था की गई थी। प्रवीण जैन ने बताया कि इन तक पानी पहुंचाने के लिए पांच से सात टैंकरों को आपस में जोड़कर जल आपूर्ति की व्यवस्था बनाई गई। बड़ी संख्या में शौचालयों तक पानी पहुंचाना और दिनभर उनकी उपयोगिता बनाए रखना इस कार्य का एक प्रमुख हिस्सा था।
उन्होंने बताया कि शौचालयों की प्रतिदिन तकनीकी माध्यम से सफाई भी करवाई गई। शिविर में रहने वाले लोगों के लिए स्वच्छता की सुविधा लगातार उपलब्ध रहे, इसके लिए पानी और सफाई दोनों व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया गया। आवास के साथ शौचालयों की नियमित देखरेख ने शिविरार्थियों की दैनिक दिनचर्या को सुचारु रखने में भूमिका निभाई।
स्नान के लिए ड्रम, नल और पानी के टैंकर
लगभग पांच हजार लोगों के स्नान की आवश्यकता को देखते हुए टीम ने करीब 500 प्लास्टिक ड्रम और 200 नलों की व्यवस्था की। स्नान के लिए पानी उपलब्ध कराने हेतु 10 टैंकर लगाए गए थे। इतने लोगों के लिए एक साथ स्नान की सुविधा जुटाना टीम के सामने बड़ा कार्य था। इसके लिए पानी पहुंचाने और उसके उपयोग की व्यवस्था को आयोजन स्थल की जरूरतों के अनुसार संचालित किया गया।
शिविरार्थियों के लिए केवल स्नान की सुविधा ही नहीं, बल्कि धोती और दुपट्टा धोने तथा सुखाने की व्यवस्था भी की गई थी। कई दिनों तक ठहरने वाले लोगों की दैनिक जरूरतों में यह सुविधा भी आवश्यक थी। टीम ने आवास, पानी और स्वच्छता से जुड़ी इन व्यवस्थाओं को एक साथ संभाला।
अलग-अलग जरूरतों का समाधान भी रहा चुनौती
प्रवीण जैन ने बताया कि व्यवस्था का सबसे चुनौतीपूर्ण पक्ष प्रत्येक व्यक्ति की अलग आवश्यकता, अपेक्षा और परिस्थिति को समझना था। शिविरार्थियों की जरूरतों के अनुसार जहां सुविधा देना संभव था, वहां टीम ने उसे उपलब्ध कराने का प्रयास किया। जिन अपेक्षाओं को पूरा करना संभव नहीं था, वहां सदस्यों ने धैर्यपूर्वक बात कर समाधान देने का प्रयास किया।
उनके अनुसार, इतने बड़े समूह के बीच काम करते समय केवल संसाधन जुटाना पर्याप्त नहीं होता। लोगों की बात सुनना, उनकी परेशानी समझना और उपलब्ध व्यवस्था के भीतर रास्ता निकालना भी उतना ही जरूरी था। टीम के सदस्यों ने इसी जिम्मेदारी के साथ आयोजन स्थल पर कार्य किया।
टीम के कार्य की समाजजनों ने की सराहना
निर्वाणा गार्डन में व्यवस्थाएं संभालने वाली वीर बाहुबली ग्रुप की टीम में मुख्य रूप से प्रयंक जैन, गोलू जैन, आशीष जैन, मनीष जैन और उदित जैन शामिल रहे। इनके साथ आयोजन स्थल पर तैनात पूरी टीम ने आवास और दैनिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों में योगदान दिया।
प्रवीण जैन ने कहा कि पांच हजार शिविरार्थियों की जरूरतों के लिए योजना बनाना और फिर उसे धरातल पर लागू करना टीम के समर्पण को दर्शाता है। व्यवस्थाओं को देखने पहुंचे समाजजनों ने भी इस कार्य की सराहना की। वीर बाहुबली ग्रुप के सदस्यों ने बड़ी संख्या में लोगों के ठहरने से जुड़ी जिम्मेदारियों को मिलकर निभाया।
