विघ्नेश्वर नगर के आंगनवाड़ी केंद्र में पोषण जागरूकता सप्ताह, महिलाओं को संतुलित आहार की जानकारी दी
बच्चों के खान-पान, स्वच्छता और गर्भवती व धात्री महिलाओं की देखभाल पर हुई चर्चा
रिपोर्ट: चंद्रेश जैन, ब्यूरो स्वराज वाणी
शाजापुर। विघ्नेश्वर नगर स्थित आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक 28/02 में पोषण जागरूकता सप्ताह के तहत कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य महिलाओं और अभिभावकों को बच्चों के पोषण तथा परिवार में स्वस्थ खान-पान के महत्व के बारे में जानकारी देना था। कार्यक्रम में परियोजना अधिकारी नेहा चौहान, पर्यवेक्षक संगीता यादव, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और वार्ड की महिलाओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों के लिए पौष्टिक भोजन, गर्भवती और धात्री महिलाओं के खान-पान, स्वच्छता तथा नियमित स्वास्थ्य जांच जैसे विषयों पर चर्चा की गई। उपस्थित महिलाओं और अभिभावकों से बच्चों के दैनिक भोजन पर ध्यान देने और भोजन की विविधता बनाए रखने को कहा गया।
बच्चों के विकास में पोषण की भूमिका बताई
पर्यवेक्षक संगीता यादव ने कहा कि बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए उचित पोषण जरूरी है। उन्होंने अभिभावकों को बच्चों के भोजन में उपलब्धता के अनुसार हरी सब्जियां, मौसमी फल, दालें, अनाज, दूध और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल करने की सलाह दी।
उन्होंने बताया कि बच्चे क्या और कितनी नियमितता से खा रहे हैं, इस पर परिवार के सदस्यों को ध्यान देना चाहिए। कार्यक्रम में महिलाओं से बच्चों के खान-पान से जुड़ी आदतों पर बातचीत की गई। उन्हें समझाया गया कि संतुलित आहार के बारे में जानकारी होना और उसे घर के रोजमर्रा के भोजन में अपनाना, दोनों जरूरी हैं।
आंगनवाड़ी केंद्र पर उपस्थित अभिभावकों को बच्चों के पोषण के प्रति सजग रहने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में बताया गया कि परिवार के बड़े सदस्य भोजन संबंधी अच्छी आदतें विकसित करने में बच्चों की मदद कर सकते हैं।
गर्भवती और धात्री महिलाओं को भी किया जागरूक
पोषण जागरूकता कार्यक्रम में गर्भवती और धात्री महिलाओं की देखभाल पर भी चर्चा हुई। उन्हें संतुलित आहार लेने, स्वच्छता का ध्यान रखने और समय-समय पर स्वास्थ्य संबंधी जांच कराने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि महिलाओं को अपने स्वास्थ्य और खान-पान की उपेक्षा नहीं करनी चाहिए। गर्भावस्था और बच्चे के जन्म के बाद का समय देखभाल की दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है। उपस्थित महिलाओं से कहा गया कि वे स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों पर ध्यान दें और आवश्यक जांच तथा सलाह के लिए स्वास्थ्य कर्मियों से संपर्क बनाए रखें।
परियोजना अधिकारी नेहा चौहान और पर्यवेक्षक संगीता यादव की उपस्थिति में महिलाओं को पोषण से जुड़ी जानकारी दी गई। कार्यक्रम ने उन्हें अपनी और बच्चों की भोजन संबंधी जरूरतों पर बात करने का अवसर प्रदान किया।
स्वच्छता और हाथ धोने की आदत पर चर्चा
आहार के साथ स्वच्छता को भी जागरूकता कार्यक्रम का हिस्सा बनाया गया। महिलाओं और अभिभावकों को हाथ धोने की सही आदत तथा बच्चों की साफ-सफाई पर ध्यान देने का संदेश दिया गया। आयोजन में स्वस्थ जीवनशैली से जुड़े विषयों पर भी जानकारी साझा की गई।
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि बच्चों की देखभाल में भोजन और स्वच्छता दोनों पर नियमित ध्यान आवश्यक है। उपस्थित महिलाओं को घर में इन आदतों को अपनाने तथा बच्चों को भी इनके प्रति जागरूक करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और वार्ड की महिलाएं रहीं उपस्थित
कार्यक्रम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता मनीषा गदाले और सविता केलकर, सहायक मोना राजपूत सहित वार्ड की महिलाएं उपस्थित रहीं। आंगनवाड़ी केंद्र पर आयोजित इस गतिविधि में महिलाओं और अभिभावकों तक पोषण संबंधी संदेश पहुंचाया गया।
पोषण जागरूकता सप्ताह के तहत हुए इस आयोजन का केंद्र बच्चों और परिवारों का स्वास्थ्य रहा। महिलाओं को संतुलित भोजन, साफ-सफाई और स्वास्थ्य जांच के प्रति जागरूक करते हुए बच्चों के खान-पान पर विशेष ध्यान देने की अपील की गई।
