आनंद नगर में सेवा-पूजा के साथ ‘संयम वंदन यात्रा’ का शुभारंभ
साधु-साध्वी भगवंतों के दर्शन-वंदन, आशीर्वाद और क्षमायाचना के उद्देश्य से निकली यात्रा
नागदा। युगप्रभावक गुरुदेव पुण्यसम्राट श्रीमद् विजय जयन्तसेन सूरीश्वरजी महाराज के समुदायवर्ती चातुर्मासरत साधु-साध्वी भगवंतों के दर्शन-वंदन, आशीर्वाद एवं क्षमायाचना के उद्देश्य से आयोजित ‘संयम वंदन यात्रा’ का शुभारंभ 21 सितंबर को आनंद नगर स्थित जिनालय में सेवा-पूजा के साथ हुआ। यात्रा दल ने आनंद में विराजमान साध्वी श्री रुचिदर्शना श्रीजी म. सा. आदि ठाणा के दर्शन-वंदन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और क्षमायाचना की।
अहमदाबाद में साधु-साध्वियों के दर्शन-वंदन
यात्रा के अगले चरण में दल अहमदाबाद पहुंचा। यहां विराजमान मुनिराज श्री निर्वाणरत्न विजयजी म. सा. तथा साध्वी श्री पुण्यदर्शना श्रीजी म. सा., श्री दर्शितकला श्रीजी म. सा., श्री रंजनमाला श्रीजी म. सा., श्री शासनलता श्रीजी म. सा., श्री अतिशयलता श्रीजी म. सा., श्री काव्यरत्ना श्रीजी म. सा., श्री प्रीतिदर्शना श्रीजी म. सा., श्री कारुण्यलता श्रीजी म. सा., श्री सिद्धिनिधि श्रीजी म. सा. और श्री मुक्तिनिधि श्रीजी म. सा. आदि ठाणा के दर्शन-वंदन किए गए।
यात्रा दल ने सभी साधु-साध्वी भगवंतों से आशीर्वाद प्राप्त किया और क्षमायाचना की। इस दौरान धार्मिक परंपराओं के अनुरूप दर्शन-वंदन और सेवा-पूजा का क्रम जारी रहा।
12 वर्षों से आयोजित हो रही यात्रा
अखिल भारतीय श्री राजेन्द्र जैन नवयुवक परिषद के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं थराद श्रीसंघ मुंबई के अध्यक्ष रमेशजी धरू के नेतृत्व में ‘संयम वंदन यात्रा’ का आयोजन लगातार 12 वर्षों से किया जा रहा है। यात्रा का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में चातुर्मासरत समुदायवर्ती साधु-साध्वी भगवंतों के दर्शन-वंदन करना, उनका आशीर्वाद प्राप्त करना और क्षमायाचना करना है।
यात्रा में राष्ट्रीय वेरावच्छमंत्री भरतभाई लाडू (अहमदाबाद), राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी ब्रजेश बोहरा (नागदा), परिषद के चेतन अदानी सहित परिषद परिवार के अन्य सदस्य सहभागी रहे।
सायला से आगे बढ़ेगी यात्रा
22 सितंबर को सुबह पुण्यसम्राट की समाधि स्थल एवं तीर्थ पर पूजापाठ किया जाएगा। इसके बाद यात्रा सायला पहुंचेगी, जहां आचार्य श्री जयरत्न सूरीश्वरजी महाराज साहेब के दर्शन-वंदन कर मार्गदर्शन प्राप्त किया जाएगा। इसके पश्चात यात्रा सियाणा, जालोर और आहोर होते हुए आगे बढ़ेगी।
21 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाली यह यात्रा गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र सहित दक्षिण भारत के विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचेगी। इस दौरान यात्रा दल समुदायवर्ती श्रमण-श्रमणी भगवंतों के दर्शन-वंदन कर आशीर्वाद प्राप्त करेगा।
