रतलाम मेडिकल कॉलेज में युवाओं ने लिया नशे से दूर रहने का संकल्प
‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान के तहत शपथ और हस्ताक्षर अभियान; चर्चा, नारा लेखन तथा पेंटिंग गतिविधियां भी हुईं
संवाददाता: अर्जुन कुमावत बछोड़िया
रतलाम। रतलाम मेडिकल कॉलेज परिसर में ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ संकल्प अभियान के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला युवा अधिकारी सौरभ श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में हुए कार्यक्रम में विद्यार्थियों और युवाओं ने नशे से दूर रहने की सामूहिक शपथ ली। परिसर में हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने बोर्ड पर हस्ताक्षर कर अभियान के प्रति अपना समर्थन दर्ज कराया।
आयोजन का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और स्वस्थ समाज के निर्माण में उनकी भागीदारी बढ़ाना था। इसके लिए केवल शपथ तक कार्यक्रम को सीमित नहीं रखा गया। ‘नशा मुक्त भारत कैसे बनाएं’ विषय पर चर्चा हुई और विद्यार्थियों ने नारा लेखन तथा पेंटिंग के माध्यम से भी अपने विचार व्यक्त किए।
सामूहिक शपथ में युवाओं की भागीदारी
कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों और युवाओं ने जीवन में नशे से दूर रहने का संकल्प लिया। उन्होंने समाज को नशा मुक्त बनाने के प्रयासों में योगदान देने की भी शपथ ली। सामूहिक शपथ के माध्यम से अभियान का संदेश सभी प्रतिभागियों तक एक साथ पहुंचाया गया।
आयोजकों ने युवाओं की भागीदारी को कार्यक्रम का प्रमुख हिस्सा बनाया। नशे से जुड़ी समस्या पर जागरूकता के लिए युवाओं का स्वयं आगे आना आवश्यक है। इसी विचार के साथ प्रतिभागियों को अपने जीवन में स्वस्थ आदतें अपनाने और दूसरों तक भी जागरूकता का संदेश पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया।
बोर्ड पर हस्ताक्षर कर दर्ज कराया समर्थन
मेडिकल कॉलेज परिसर में अभियान के तहत एक हस्ताक्षर बोर्ड लगाया गया। विद्यार्थियों और युवाओं ने उस पर हस्ताक्षर करके नशा मुक्ति के संकल्प के प्रति अपना समर्थन दर्ज कराया। हस्ताक्षर अभियान ने प्रतिभागियों को कार्यक्रम में सीधे तौर पर जुड़ने का अवसर दिया।
शपथ और हस्ताक्षर, दोनों गतिविधियों का केंद्र व्यक्तिगत प्रतिबद्धता थी। शपथ में प्रतिभागियों ने नशे से दूर रहने की बात दोहराई, जबकि हस्ताक्षर बोर्ड पर अपना नाम दर्ज कर उन्होंने सार्वजनिक रूप से अभियान के संदेश का समर्थन किया। कार्यक्रम में मौजूद अन्य लोगों ने भी इस पहल में सहभागिता की।
‘नशा मुक्त भारत कैसे बनाएं’ विषय पर चर्चा
जागरूकता कार्यक्रम में ‘नशा मुक्त भारत कैसे बनाएं’ विषय पर चर्चा सत्र आयोजित किया गया। इस दौरान नशे से दूर रहने और समाज में जागरूकता बढ़ाने के विचार पर बात की गई। चर्चा का उद्देश्य विद्यार्थियों और युवाओं को इस विषय पर सोचने तथा अपनी भूमिका समझने का अवसर देना था।
आयोजन में यह संदेश दिया गया कि नशा मुक्ति से जुड़ी जागरूकता को आगे बढ़ाने के लिए युवाओं की भागीदारी जरूरी है। कार्यक्रम में शामिल विद्यार्थियों को अपने आसपास भी स्वस्थ जीवनशैली का संदेश पहुंचाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। हालांकि चर्चा में रखे गए अलग-अलग सुझावों का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया है।
नारों और चित्रों के जरिए दिया संदेश
कार्यक्रम में नारा लेखन और पेंटिंग प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता के माध्यम से नशा मुक्ति का संदेश प्रस्तुत किया। इन गतिविधियों ने युवाओं को केवल सुनने या शपथ लेने के बजाय अपने विचारों को शब्दों और चित्रों में व्यक्त करने का मंच दिया।
आयोजकों के अनुसार, विद्यार्थियों ने प्रतियोगिताओं में उत्साह से भाग लिया। तैयार किए गए नारों और चित्रों के माध्यम से अभियान के विषय को अलग-अलग ढंग से सामने रखा गया। प्रतियोगिताओं के परिणाम या पुरस्कारों के बारे में कोई जानकारी साझा नहीं की गई है।
चिकित्सकों और स्वयंसेवकों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में डॉ. कीयूर उपाध्याय, डॉ. याजहवत खान, युवा कल्याण विभाग के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर दुर्गाशंकर मोयल, शिवम कौशल और ‘माय भारत’ वॉलंटियर अर्जुन कुमावत प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इनके साथ बड़ी संख्या में युवा और गणमान्य नागरिक भी आयोजन में शामिल हुए।
रतलाम मेडिकल कॉलेज में आयोजित इस कार्यक्रम ने शपथ, चर्चा, हस्ताक्षर और रचनात्मक गतिविधियों को एक मंच पर जोड़ा। विद्यार्थियों की सहभागिता के साथ ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान का संदेश परिसर में पहुंचाया गया।
