इंदौर में राहुल गांधी के विरोध में महिलाओं का प्रदर्शन, काले झंडे दिखाकर की नारेबाजी
रेडिसन होटल के पास काली पट्टी बांधकर पहुंचीं महिला संघर्ष समिति की सदस्य, पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था संभाली
इंदौर। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के इंदौर दौरे के दौरान महिला संघर्ष समिति से जुड़ी महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी महिलाएं हाथों में काले झंडे लेकर रेडिसन होटल के पास पहुंचीं और राहुल गांधी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। महिलाओं ने अपने हाथों पर काली पट्टियां भी बांध रखी थीं।
राहुल गांधी शनिवार को कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शामिल होने के लिए इंदौर पहुंचे। उनके आगमन को देखते हुए एयरपोर्ट, होटल, कार्यक्रम स्थल और काफिले के निर्धारित मार्गों पर सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए थे। इसी बीच महिला संघर्ष समिति की सदस्य रेडिसन होटल के आसपास एकत्र हुईं और काले झंडे दिखाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
पुलिस ने महिलाओं को आगे बढ़ने से रोका
राहुल गांधी की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारी महिलाओं को होटल और उनके काफिले के नजदीक जाने से रोक दिया। महिलाओं ने बैरिकेडिंग के पास खड़े होकर नारे लगाए और काले झंडे लहराए। प्रदर्शन के कारण कुछ समय के लिए क्षेत्र में गहमागहमी की स्थिति बनी रही।
पुलिस अधिकारियों और महिला पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करते हुए सुरक्षा घेरा मजबूत किया। राहुल गांधी के काफिले के आवागमन को देखते हुए पुलिस ने होटल के आसपास यातायात और लोगों की आवाजाही पर भी निगरानी रखी। प्रदर्शन के दौरान किसी अप्रिय घटना की सूचना सामने नहीं आई।
महिलाओं ने कहा कि वे लोकतांत्रिक तरीके से राहुल गांधी के सामने अपनी बात रखना चाहती थीं। हालांकि, सुरक्षा कारणों से उन्हें होटल के नजदीक जाने की अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद उन्होंने सड़क किनारे खड़े होकर काले झंडों और नारों के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराया।
‘छात्रों की गूंज’ में शामिल होने पहुंचे राहुल गांधी
राहुल गांधी इंदौर में आयोजित कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में विद्यार्थियों और युवाओं से संवाद करने पहुंचे। इस कार्यक्रम में शिक्षा व्यवस्था, बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाओं, भर्ती प्रक्रिया और पेपर लीक जैसे विषयों पर चर्चा निर्धारित थी। कांग्रेस की ओर से इसे युवाओं की समस्याएं सीधे सुनने और उनके सवालों का जवाब देने का मंच बताया गया।
राहुल गांधी के इंदौर आगमन पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, वरिष्ठ नेता शोभा ओझा और प्रदेश कांग्रेस के अनेक पदाधिकारियों ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया। इसके बाद वह निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होटल के लिए रवाना हुए। होटल में प्रदेश और स्थानीय कांग्रेस नेताओं के साथ उनकी बैठक भी प्रस्तावित थी।
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को कांग्रेस के युवा संवाद अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। पार्टी इससे पहले भी देश के विभिन्न शहरों में विद्यार्थियों से संवाद के कार्यक्रम आयोजित कर चुकी है। इंदौर में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना जताई गई।
दौरे को लेकर पहले से था राजनीतिक माहौल
राहुल गांधी के दौरे को लेकर इंदौर में पिछले कई दिनों से राजनीतिक हलचल बनी हुई थी। कांग्रेस नेता कार्यक्रम की तैयारियों में जुटे थे, जबकि विभिन्न संगठनों द्वारा विरोध की संभावनाओं को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने अतिरिक्त सतर्कता बरती। कार्यक्रम की अनुमति के साथ आयोजकों को सुरक्षा और यातायात से संबंधित कई शर्तों का पालन करने के निर्देश दिए गए थे।
कार्यक्रम स्थल पर प्रवेश के लिए सुरक्षा जांच की व्यवस्था की गई। वाहनों की पार्किंग, भीड़ प्रबंधन और राहुल गांधी के काफिले के मार्ग पर भी पुलिस बल तैनात किया गया। रेडिसन होटल के आसपास हुए महिला संघर्ष समिति के प्रदर्शन के बाद वहां अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को लगाया गया।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया का इंतजार
महिला संघर्ष समिति ने काले झंडे दिखाकर अपना विरोध दर्ज कराया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। प्रदर्शनकारी महिलाओं की ओर से उठाए गए सभी मुद्दों और मांगों की विस्तृत जानकारी भी तत्काल उपलब्ध नहीं हो सकी।
राहुल गांधी की यात्रा के दौरान हुए इस प्रदर्शन ने इंदौर के राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया। एक तरफ कांग्रेस ने ‘छात्रों की गूंज’ के माध्यम से युवाओं के सवाल उठाने की कोशिश की, वहीं दूसरी ओर महिलाओं ने काले झंडे दिखाकर असहमति जताई। पुलिस की मौजूदगी में प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हुआ और सुरक्षा व्यवस्था के बीच राहुल गांधी का निर्धारित कार्यक्रम जारी रहा।
