राहुल गांधी के इंदौर दौरे से पहले लगे ‘झूठ की गूंज’ के पोस्टर, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हटाए; सियासी विवाद तेज
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से पहले प्रमुख चौराहों पर नजर आए पोस्टर, क्यूआर कोड के माध्यम से कांग्रेस के दावों पर सवाल उठाने की कोशिश
इंदौर। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के इंदौर दौरे से ठीक पहले शहर में पोस्टर विवाद खड़ा हो गया है। शहर के कुछ प्रमुख चौराहों और मार्गों पर ‘झूठ की गूंज’ लिखे पोस्टर लगाए जाने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध जताते हुए उन्हें हटा दिया। इस घटनाक्रम के बाद भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गया है।
राहुल गांधी शनिवार, 19 सितंबर 2026 को इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंच रहे हैं। कार्यक्रम से कुछ घंटे पहले शहर में इन पोस्टरों के दिखाई देने को कांग्रेस नेताओं ने राजनीतिक विरोध और कार्यक्रम का माहौल खराब करने की कोशिश बताया है। वहीं पोस्टरों के माध्यम से कांग्रेस और राहुल गांधी द्वारा विभिन्न मंचों से किए गए दावों पर सवाल उठाए गए हैं।
प्रमुख चौराहों और मार्गों पर लगाए गए पोस्टर
जानकारी के अनुसार शुक्रवार रात और शनिवार सुबह शहर के कई प्रमुख स्थानों पर ‘झूठ की गूंज’ शीर्षक वाले पोस्टर दिखाई दिए। इन पोस्टरों को राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के जवाब के रूप में देखा जा रहा है। पोस्टर किस संस्था अथवा व्यक्ति की ओर से लगाए गए, इसे लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुई है।
पोस्टरों पर एक क्यूआर कोड भी दिया गया है। दावा किया गया है कि इस क्यूआर कोड को स्कैन करने पर राहुल गांधी और कांग्रेस से जुड़े विभिन्न दावों की जानकारी मिलती है। पोस्टर अभियान में कांग्रेस के कथित 40 दावों का उल्लेख किया गया है और उनकी जांच के लिए 169 स्रोतों के उपयोग का दावा किया गया है। हालांकि इन दावों और उनके समर्थन में प्रस्तुत स्रोतों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पोस्टर हटाए
पोस्टरों की जानकारी मिलने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और कई स्थानों से उन्हें हटा दिया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना था कि राहुल गांधी विद्यार्थियों और युवाओं से उनके वास्तविक मुद्दों पर संवाद करने के लिए इंदौर आ रहे हैं, लेकिन राजनीतिक विरोधी पोस्टरों के माध्यम से कार्यक्रम को विवादित बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
कांग्रेस नेताओं ने पोस्टर लगाने वालों की पहचान सार्वजनिक करने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि शहर के सार्वजनिक स्थानों पर बिना स्पष्ट नाम और जिम्मेदारी के पोस्टर लगाना उचित नहीं है। कांग्रेस की ओर से इसे राहुल गांधी की छवि खराब करने और ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से ध्यान हटाने का प्रयास बताया गया।
पोस्टरों को लेकर भाजपा-कांग्रेस में आरोप-प्रत्यारोप
पोस्टर हटाए जाने के बाद शहर में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के कार्यक्रम को मिल रहे समर्थन से भाजपा असहज है। इसी कारण उनके आगमन से पहले इस तरह के पोस्टर लगाकर राजनीतिक माहौल बनाने का प्रयास किया गया।
दूसरी ओर, भाजपा से जुड़े नेताओं और समर्थकों ने सोशल मीडिया पर कांग्रेस के दावों को लेकर सवाल उठाए हैं। भाजपा पक्ष का कहना है कि सार्वजनिक जीवन में दिए गए बयानों और किए गए दावों की जांच होनी चाहिए। हालांकि शहर में लगाए गए पोस्टरों को भाजपा ने आधिकारिक रूप से जारी किया या नहीं, इसे लेकर स्पष्ट और प्रमाणित जानकारी सामने नहीं आई है।
ऐसे में पोस्टर किसने छपवाए, किसकी अनुमति से लगाए गए और इस अभियान के पीछे कौन है—इन सवालों पर स्थिति साफ होना बाकी है।
विद्यार्थियों से संवाद करेंगे राहुल गांधी
राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम विद्यार्थियों और युवाओं से संवाद पर केंद्रित है। इस कार्यक्रम में शिक्षा व्यवस्था, बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितता, पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं में देरी और युवाओं के भविष्य जैसे विषय उठाए जाने की संभावना है।
कार्यक्रम को पारंपरिक राजनीतिक सभा से अलग रूप देने की तैयारी की गई है। मंच पर बड़े नेताओं की बजाय चुनिंदा विद्यार्थियों को स्थान दिए जाने की बात कही गई है। राहुल गांधी युवाओं के सवाल सुनने के साथ उनके अनुभव और समस्याओं पर चर्चा कर सकते हैं। इससे पहले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे में भी आयोजित किया जा चुका है। इंदौर इसका पांचवां संस्करण बताया जा रहा है।
क्षेत्रीय पार्क के पास आयोजित होगा कार्यक्रम
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम क्षेत्रीय पार्क के सामने इंदौर विकास प्राधिकरण की जमीन पर आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम पहले जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में प्रस्तावित था, लेकिन वहां अनुमति नहीं मिलने के बाद स्थान बदलना पड़ा।
कांग्रेस ने कार्यक्रम के लिए करीब 12 हजार वर्गमीटर जमीन अस्थायी रूप से ली है। जमीन के इस्तेमाल और अतिरिक्त किराये की मांग को लेकर भी कांग्रेस एवं प्रशासन के बीच विवाद सामने आया था। आईडीए ने निर्धारित अवधि से पहले जमीन का उपयोग शुरू किए जाने का हवाला देते हुए कांग्रेस से अतिरिक्त राशि की मांग की थी। कांग्रेस ने इसे राजनीतिक दबाव में की गई कार्रवाई बताया था।
सुरक्षा और यातायात के विशेष इंतजाम
राहुल गांधी के दौरे और कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। कार्यक्रम स्थल के आसपास बैरिकेडिंग की गई है तथा कई मार्गों पर यातायात डायवर्ट किया गया है।
शहर के 13 मार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित की गई है। पांच मार्गों पर चार पहिया वाहनों के प्रवेश पर भी रोक लगाई गई है। पुलिस ने कार्यक्रम में आने वालों के लिए अलग-अलग पार्किंग स्थल निर्धारित किए हैं। आम नागरिकों से क्षेत्रीय पार्क और राहुल गांधी के प्रस्तावित आवागमन वाले मार्गों पर जाने से पहले यातायात अपडेट देखने की अपील की गई है।
पोस्टर विवाद से दौरे का सियासी तापमान बढ़ा
राहुल गांधी के कार्यक्रम से पहले सामने आए ‘झूठ की गूंज’ पोस्टरों ने इंदौर के राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। एक तरफ कांग्रेस इसे छात्रों एवं युवाओं से जुड़े मुद्दों पर होने वाले संवाद को प्रभावित करने की कोशिश बता रही है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के दावों की सार्वजनिक समीक्षा किए जाने की बात कही जा रही है।
अब शहर की निगाहें राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम और उसमें उठने वाले मुद्दों पर हैं। इसके साथ ही पोस्टर लगाने वालों की पहचान तथा उन्हें हटाए जाने को लेकर आगे कोई प्रशासनिक या कानूनी कार्रवाई होती है या नहीं, इस पर भी ध्यान बना हुआ है।
