भीनमाल में स्काउट-गाइड प्रशिक्षण एवं सेवा शिविर का भव्य शुभारंभ, 318 प्रतिभागी ले रहे प्रशिक्षण
दैनिक स्वराज वाणी | संवाददाता मुकेश सोलंकी, भीनमाल
द्वितीय एवं तृतीय सोपान शिविर में अनुशासन, प्राथमिक उपचार, नेतृत्व, टीम भावना और राष्ट्रसेवा का दिया जा रहा प्रशिक्षण
भीनमाल। राजस्थान राज्य भारत स्काउट एवं गाइड स्थानीय संघ भीनमाल के तत्वावधान में क्षेमकरी माताजी मंदिर की तलहटी परिसर में द्वितीय एवं तृतीय सोपान प्रशिक्षण तथा सेवा शिविर का उत्साहपूर्ण और गरिमामय वातावरण में शुभारंभ हुआ। शिविर में भीनमाल क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों से कुल 318 स्काउट एवं गाइड भाग ले रहे हैं।
सवाई सिंह राठौड़, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी गजेंद्र देवासी और सहायक कमिश्नर निंबाराम चौधरी के निर्देशन तथा कोलचंद सोनी ट्रस्ट के सानिध्य में शिविर आयोजित किया जा रहा है। शिविर का संचालन स्थानीय संघ के सचिव एवं शिविर संचालक डॉ. घनश्याम कुमार व्यास कर रहे हैं।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मनिर्भरता, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक जिम्मेदारी, प्रकृति संरक्षण और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करना है। शिविर के दौरान प्रतिभागियों को सैद्धांतिक जानकारी के साथ व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
दिनेश कुमार दवे रहे मुख्य अतिथि
शिविर के उद्घाटन समारोह में राजस्थान राज्य भारत स्काउट एवं गाइड स्थानीय संघ भीनमाल के अध्यक्ष दिनेश कुमार दवे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में मुकेश सोलंकी, भागल भीम की पीईईओ सुशीला चौहान, शांतिलाल जीनगर, साजनराम, समाजसेवी चुनाराम चौधरी और फ्यूचर एकेडमी के निदेशक जे.पी. चौधरी शामिल रहे।
मुख्य अतिथि दिनेश कुमार दवे ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्काउट-गाइड आंदोलन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण का प्रभावी माध्यम है। इसके माध्यम से बच्चों में अनुशासन, आत्मनिर्भरता, नेतृत्व और सेवा की भावना विकसित होती है।
उन्होंने कहा कि स्काउट एवं गाइड प्रशिक्षण विद्यार्थियों को चुनौतियों का सामना करने और कठिन परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने की सीख देता है। यह आंदोलन विद्यार्थियों को केवल विद्यालयीन जीवन के लिए तैयार नहीं करता, बल्कि उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा भी देता है।
युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ना जरूरी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुकेश सोलंकी और समाजसेवी साजनराम ने कहा कि युवाओं को सेवा एवं सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ना समाज की वास्तविक प्रगति का आधार है। बच्चों और युवाओं में यदि कम उम्र से ही दूसरों की सहायता करने तथा समाज के प्रति कर्तव्य निभाने की भावना विकसित हो तो वे भविष्य में संवेदनशील एवं जिम्मेदार नागरिक बन सकते हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ जीवन-कौशल और सामाजिक व्यवहार का ज्ञान देना भी जरूरी है। स्काउट-गाइड शिविर इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिविर में मिलने वाला प्रशिक्षण विद्यार्थियों को समूह में कार्य करने और दूसरों की सहायता के लिए तत्पर रहने की प्रेरणा देता है।
स्काउटिंग को बताया जीवन-पद्धति
पीईईओ सुशीला चौहान और शांतिलाल जीनगर ने कहा कि स्काउटिंग केवल प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह समाज और राष्ट्र के प्रति कर्तव्य निभाने की जीवन-पद्धति है। इसमें विद्यार्थियों को अनुशासन, ईमानदारी, सहयोग और सेवा जैसे मूल्यों को अपने दैनिक जीवन में अपनाने की शिक्षा दी जाती है।
उन्होंने बताया कि शिविर में प्रतिभागी विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से सीखते हैं कि सीमित संसाधनों में समस्याओं का समाधान कैसे किया जाए। इससे उनमें आत्मविश्वास बढ़ता है और वे आकस्मिक परिस्थितियों में सही निर्णय लेना सीखते हैं।
विद्यार्थियों से शिविर में मिलने वाले ज्ञान का उपयोग विद्यालय, परिवार और समाज में करने का आह्वान किया गया।
‘करके सीखने’ से विकसित होता है आत्मविश्वास
समाजसेवी चुनाराम चौधरी और फ्यूचर एकेडमी के निदेशक जे.पी. चौधरी ने कहा कि स्काउट-गाइड प्रशिक्षण की सबसे बड़ी विशेषता ‘करके सीखने’ की प्रक्रिया है। इसमें विद्यार्थी केवल व्याख्यान नहीं सुनते, बल्कि विभिन्न गतिविधियों में स्वयं भाग लेकर अनुभव प्राप्त करते हैं।
उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया से विद्यार्थियों में समय प्रबंधन, टीम भावना, समस्या समाधान और व्यावहारिक जीवन-कौशल विकसित होते हैं। सामूहिक गतिविधियां प्रतिभागियों को एक-दूसरे की योग्यता का सम्मान करने तथा लक्ष्य प्राप्ति के लिए मिलकर काम करने की प्रेरणा देती हैं।
अतिथियों ने विद्यार्थियों से शिविर में पूरी लगन और अनुशासन के साथ भाग लेने तथा प्राप्त प्रशिक्षण को जीवन में अपनाने का आग्रह किया।
जिम्मेदार नागरिक बनाना प्रशिक्षण का उद्देश्य
शिविर संचालक डॉ. घनश्याम कुमार व्यास ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक बनाना है। शिविर के माध्यम से उनमें प्रकृति संरक्षण, सामाजिक सेवा और राष्ट्र के प्रति समर्पण का भाव विकसित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि द्वितीय और तृतीय सोपान के अनुरूप प्रतिभागियों को अलग-अलग गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। शिविर में अनुशासन, दैनिक दिनचर्या, सामूहिक अभ्यास, सेवा कार्य, प्राथमिक उपचार और टीम प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
डॉ. व्यास ने आयोजन में सहयोग देने वाले अधिकारियों, अतिथियों, शिक्षकों, प्रशिक्षकों और कोलचंद सोनी ट्रस्ट के प्रति आभार व्यक्त किया।
प्राथमिक उपचार और जीवन-कौशल का प्रशिक्षण
शिविर में दक्ष प्रशिक्षक दलपत सिंह जोधा द्वारा प्रतिभागियों को प्राथमिक उपचार, टीम भावना, अनुशासन और व्यावहारिक जीवन-कौशल का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। विद्यार्थियों को आकस्मिक स्थिति में घायल या अस्वस्थ व्यक्ति को प्रारंभिक सहायता देने के तरीकों से परिचित कराया जा रहा है।
प्रशिक्षण के दौरान टीम बनाकर कार्य करने, समय पर जिम्मेदारी पूरी करने और उपलब्ध संसाधनों का सही उपयोग करने की जानकारी भी दी जा रही है। विभिन्न अभ्यासों से प्रतिभागियों में नेतृत्व क्षमता एवं आत्मविश्वास विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।
विभिन्न विद्यालयों के 318 प्रतिभागी शामिल
शिविर में पीएम श्री भीनमाल, कस्तूरबा आवासीय बालिका विद्यालय पुनासा, आदर्श आंजना उच्च माध्यमिक विद्यालय, पीएम श्री जुंजाणी, भारती पब्लिक स्कूल खानपुर और अपेक्स पब्लिक स्कूल सहित क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों से कुल 318 स्काउट एवं गाइड भाग ले रहे हैं।
उद्घाटन सत्र में प्राचार्य दिनेश कुमार, सुरेश कुमार, श्रवण सिंह राव, निर्मल कुमार, प्रवीणा कुमारी, कृष्णा कुमारी, पवन व्यास, अमित कुमार और कमला विश्नोई सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, स्काउट-गाइड कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
