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महिदपुर रोड में 54 तपस्वियों को प्रथम पारणा कराने का बरड़िया परिवार ने लिया धर्मलाभ

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Published On: 18 September 2026

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महिदपुर रोड में 54 तपस्वियों को प्रथम पारणा कराने का बरड़िया परिवार ने लिया धर्मलाभ

सिद्धि तप एवं मासक्षमण की कठिन तपस्या पूर्ण करने वाले तपस्वियों का राजेंद्र-जयंती पारणा पंडाल में हुआ पारणा, 50 से अधिक श्रीसंघों ने की लाभार्थी परिवार की अनुमोदना

महिदपुर रोड। नगर में जैन समाज के धार्मिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ा, जब 45 दिनों की कठिन तपस्या पूर्ण करने वाले 54 तपस्वियों का सामूहिक प्रथम पारणा कराया गया। राजेंद्र-जयंती पारणा पंडाल में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में सभी तपस्वियों को प्रथम पारणा कराने का स्वर्णिम लाभ अशोक कुमार बरड़िया एवं शैलेंद्र कुमार बरड़िया परिवार, महिदपुर रोड-बप्पैया वाला ने प्राप्त किया।

परिवार ने सुश्री सोनू बरड़िया द्वारा की गई सिद्धि तप की कठिन तपस्या की अनुमोदना के उपलक्ष्य में यह पुण्य लाभ लिया। कार्यक्रम में नगर सहित आसपास के क्षेत्रों और विभिन्न स्थानों से आए 50 से अधिक जैन श्रीसंघों ने सहभागिता की। समाजजनों ने बरड़िया परिवार के इस धार्मिक कार्य की हृदय से अनुमोदना करते हुए इसे जिनशासन की प्रभावना और तपस्वियों के प्रति श्रद्धा का प्रेरक उदाहरण बताया।

45 दिनों की कठिन तपस्या हुई पूर्ण

जैन धर्म में तपस्या को आत्मशुद्धि, कर्मों की निर्जरा और संयम की साधना का महत्वपूर्ण माध्यम माना गया है। नगर में 54 तपस्वियों ने सिद्धि तप एवं मासक्षमण जैसी अत्यंत कठिन तप आराधनाएं पूर्ण कीं। लगातार 45 दिनों तक संयम, उपवास और धार्मिक नियमों का पालन करते हुए तपस्वियों ने आत्मसाधना का परिचय दिया।

तपस्या की पूर्णता के बाद पारणा धार्मिक विधि-विधान और श्रद्धापूर्ण वातावरण में कराया गया। सभी तपस्वियों ने निर्धारित धार्मिक परंपराओं के अनुसार आहार ग्रहण कर अपनी तपस्या पूर्ण की। सामूहिक पारणा के दृश्य ने उपस्थित समाजजनों को भावविभोर कर दिया।

समाज के वरिष्ठजनों ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में तपस्वियों द्वारा कठिन तपस्या करना पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। तपस्वियों की साधना से समाज में त्याग, संयम और धर्म के प्रति समर्पण की भावना मजबूत होती है।

बरड़िया परिवार को मिला प्रथम पारणा कराने का लाभ

राजेंद्र-जयंती पारणा पंडाल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सभी 54 तपस्वियों को प्रथम पारणा कराने का लाभ अशोक कुमार बरड़िया एवं शैलेंद्र कुमार बरड़िया परिवार ने लिया। यह लाभ सुश्री सोनू बरड़िया की सिद्धि तप तपस्या की अनुमोदना के लिए प्राप्त किया गया।

बरड़िया परिवार ने अत्यंत श्रद्धा, समर्पण और सेवा भाव के साथ तपस्वियों के पारणा की व्यवस्था की। परिवार के सदस्यों ने आयोजन में उपस्थित तपस्वियों, साधर्मिक बंधुओं, अतिथियों और विभिन्न जैन श्रीसंघों की सेवा करते हुए धर्मलाभ प्राप्त किया।

समाजजनों ने कहा कि तपस्वियों की सेवा और उनकी तपस्या की अनुमोदना करना भी पुण्य अर्जित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। तपस्या स्वयं करना जितना कठिन है, उसी तरह तपस्वियों के प्रति आदर और सेवा का भाव रखना भी धार्मिक संस्कारों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

विधायक दिनेश जैन बोस ने की अनुमोदना

कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक दिनेश जैन बोस विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने कठिन साधना पूर्ण करने वाले सभी तपस्वियों को नमन किया और बरड़िया परिवार द्वारा लिए गए पारणा लाभ की अनुमोदना की।

विधायक ने कहा कि तप, त्याग और संयम भारतीय संस्कृति तथा जैन धर्म की अनमोल परंपराएं हैं। तपस्वियों की साधना समाज के प्रत्येक व्यक्ति को आत्मसंयम और सदाचार का मार्ग अपनाने की प्रेरणा देती है। उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक कार्यक्रम समाज को संगठित करने और नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ने में सहायक होते हैं।

सकल जैन श्रीसंघ ने जताया आभार

सकल जैन श्रीसंघ महिदपुर रोड, जैन श्रीसंघ अध्यक्ष अजय चोरड़िया, चातुर्मास समिति अध्यक्ष परेश चत्तर सहित समिति के समस्त पदाधिकारियों और सदस्यों ने बरड़िया परिवार के प्रति मंगल भावनाएं व्यक्त कीं।

पदाधिकारियों ने कहा कि अशोक कुमार एवं शैलेंद्र कुमार बरड़िया परिवार ने 54 तपस्वियों को प्रथम पारणा कराकर जिनशासन की प्रभावना में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने परिवार से भविष्य में भी इसी प्रकार धर्म, समाज और जिनशासन की सेवा में समर्पित रहने का आह्वान किया।

समाजजनों ने मंगलकामना करते हुए कहा कि बरड़िया परिवार निरंतर शासन प्रभावना के उत्कृष्ट एवं अनुमोदनीय कार्य करता रहे। ऐसे कार्यों से जिनशासन, समाज और परिवार की शोभा में अभिवृद्धि होती है तथा अन्य परिवारों को भी धार्मिक आयोजनों में सक्रिय सहभागिता की प्रेरणा मिलती है।

50 से अधिक श्रीसंघों ने की सहभागिता

सामूहिक पारणा कार्यक्रम में महिदपुर रोड सहित विभिन्न स्थानों से 50 से अधिक जैन श्रीसंघ पहुंचे। बाहर से आए समाजजनों ने तपस्वियों की कठिन साधना की अनुमोदना करते हुए उनके संयम और संकल्प को नमन किया।

पारणा पंडाल में पूरे समय धार्मिक और उल्लासपूर्ण वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने तपस्वियों के दर्शन किए तथा उनके प्रति अहोभाव प्रकट किया। समाज के लोगों ने इसे महिदपुर रोड के धार्मिक इतिहास का गौरवपूर्ण अवसर बताते हुए कहा कि एक साथ 54 तपस्वियों का पारणा होना नगर के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है।

तपस्वियों ने दिया संयम और आत्मशुद्धि का संदेश

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि जैन दर्शन में तप का उद्देश्य केवल भोजन का त्याग करना नहीं, बल्कि मन, वचन और काया पर नियंत्रण स्थापित करना है। तपस्या व्यक्ति को इच्छाओं पर संयम रखने, आत्मचिंतन करने और अपने व्यवहार को शुद्ध बनाने की प्रेरणा देती है।

सिद्धि तप और मासक्षमण जैसी कठिन तपस्याएं दृढ़ संकल्प, अनुशासन तथा आध्यात्मिक शक्ति की मांग करती हैं। 54 तपस्वियों ने अपनी साधना के माध्यम से समाज को त्याग, धैर्य और आत्मकल्याण का संदेश दिया।

नगर के जैन समाज मीडिया प्रभारी सचिन भंडारी ने बताया कि आयोजन में उपस्थित सभी श्रीसंघों, पदाधिकारियों और समाजजनों ने तपस्वियों एवं लाभार्थी बरड़िया परिवार के प्रति हृदय से अनुमोदना और मंगल भावनाएं व्यक्त कीं।

English Heading: Bardia Family Earns Religious Merit by Organising First Parna for 54 Jain Ascetics in Mahidpur Road

Category: Madhya Pradesh / Ujjain / Mahidpur Road / Religion

English Tags: Mahidpur Road Jain Samaj, 54 Jain Tapasvis, First Parna Ceremony, Siddhi Tap, Maskhaman Tap, Bardia Family, Ashok Kumar Bardia, Shailendra Kumar Bardia, Sonu Bardia, Jain Religious Event, Jain Tapasya, Dinesh Jain Boss, Sakal Jain Sangh, Sachin Bhandari, Ujjain News, Madhya Pradesh News

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