अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस पर भिलाई में महिला महासम्मेलन 21 सितंबर को
‘आंतरिक शांति से सशक्त नारी–विश्व शांति की शिल्पकार’ विषय पर होगा आयोजन, राजयोगिनी बीके चक्रधारी दीदी और डॉ. सविता दीदी करेंगी मार्गदर्शन
भिलाई। अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस के उपलक्ष्य में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा 21 सितंबर 2026, सोमवार को भिलाई में महिला महासम्मेलन आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम सेक्टर-7 स्थित पीस ऑडिटोरियम में दोपहर 3 बजे से प्रारंभ होगा। सम्मेलन का मुख्य विषय ‘आंतरिक शांति से सशक्त नारी–विश्व शांति की शिल्पकार’ रखा गया है।
नारी शक्ति द्वारा संचालित अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक संस्था ब्रह्माकुमारीज के 90 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित इस सम्मेलन में महिला सशक्तिकरण, आंतरिक शांति, आत्मविश्वास, आध्यात्मिक चेतना और सकारात्मक सोच जैसे विषयों पर संवाद किया जाएगा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं, समाजसेवियों, आध्यात्मिक साधकों और शहर के गणमान्य नागरिकों के शामिल होने की संभावना है।
महिलाओं की आंतरिक शक्ति को जागृत करना उद्देश्य
ब्रह्माकुमारीज सेवाकेंद्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार, महिला महासम्मेलन का उद्देश्य महिलाओं की आंतरिक शक्तियों को पहचानने और उन्हें जागृत करने के लिए प्रेरित करना है। सम्मेलन के माध्यम से यह संदेश दिया जाएगा कि शांति केवल बाहरी परिस्थितियों से प्राप्त नहीं होती, बल्कि इसकी शुरुआत व्यक्ति के मन और विचारों से होती है।
आयोजकों का कहना है कि जब एक महिला मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से सशक्त होती है तो उसका सकारात्मक प्रभाव परिवार, समाज और आने वाली पीढ़ियों पर दिखाई देता है। आंतरिक शांति से संपन्न महिला परिवार में प्रेम, सहयोग, धैर्य और आपसी समझ का वातावरण तैयार कर सकती है। इसी आधार पर उसे विश्व शांति की शिल्पकार के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को दैनिक जीवन में आने वाले मानसिक दबाव, तनाव, जिम्मेदारियों और सामाजिक चुनौतियों के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए आध्यात्मिक दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा दी जाएगी। राजयोग मेडिटेशन और सकारात्मक चिंतन के माध्यम से मन को स्थिर तथा शक्तिशाली बनाने के उपायों पर भी चर्चा होगी।
चक्रधारी दीदी होंगी मुख्य वक्ता
महिला महासम्मेलन में राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी चक्रधारी दीदी मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहेंगी। वह ब्रह्माकुमारीज के महिला प्रभाग की राष्ट्रीय अध्यक्षा हैं। इसके साथ ही वह रूस में ब्रह्माकुमारीज की निदेशक तथा कॉमनवेल्थ ऑफ इंडिपेंडेंट स्टेट्स, बाल्टिक देशों और मंगोलिया में संस्था की सेवाओं की क्षेत्रीय समन्वयक के रूप में दायित्व संभाल रही हैं।
सेवाकेंद्र के अनुसार, रूस और उसके पड़ोसी देशों में ब्रह्माकुमारीज की आध्यात्मिक सेवाओं के विस्तार में चक्रधारी दीदी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। वह आंतरिक परिवर्तन, जीवन मूल्यों, राजयोग मेडिटेशन और वैश्विक शांति से जुड़े विषयों पर प्रेरक वक्ता एवं आध्यात्मिक मार्गदर्शिका के रूप में सेवाएं दे रही हैं।
आयोजकों के मुताबिक, चक्रधारी दीदी को ‘इंटरनेशनल वूमेन ऑफ करेज अवॉर्ड’ सहित विभिन्न सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है। सम्मेलन में वह महिलाओं को आत्मबल, आत्मसम्मान और आध्यात्मिक चेतना के माध्यम से जीवन की चुनौतियों का सामना करने के विषय में मार्गदर्शन देंगी।
डॉ. सविता दीदी की रहेगी विशेष उपस्थिति
कार्यक्रम में माउंट आबू स्थित राजयोग शिक्षा एवं आध्यात्मिक केंद्र से वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका डॉ. सविता दीदी भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगी। वह राजयोग मेडिटेशन, आत्म-जागरूकता और सकारात्मक जीवनशैली से जुड़े विषयों पर महिलाओं का मार्गदर्शन करेंगी।
डॉ. सविता दीदी द्वारा मन की शांति और जीवन में संतुलन स्थापित करने में ध्यान की भूमिका पर विचार रखे जाने की संभावना है। सम्मेलन में बताया जाएगा कि नियमित राजयोग अभ्यास के माध्यम से व्यक्ति अपनी भावनाओं, विचारों और व्यवहार को सकारात्मक दिशा दे सकता है। इससे तनाव कम करने, आत्मविश्वास बढ़ाने और पारिवारिक संबंधों को बेहतर बनाने में सहायता मिल सकती है।
90 वर्षों से आध्यात्मिक सेवाओं में सक्रिय संस्था
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय ने अपनी आध्यात्मिक यात्रा के 90 वर्ष पूरे कर लिए हैं। संस्था द्वारा भारत सहित दुनिया के अनेक देशों में राजयोग मेडिटेशन, आत्म-जागरूकता, नैतिक मूल्यों और विश्व शांति का संदेश पहुंचाया जा रहा है।
‘एक विश्व, एक परिवार’ की भावना के आधार पर संस्था लोगों को धर्म, जाति, भाषा और भौगोलिक सीमाओं से ऊपर उठकर मानवीय मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा देती है। विभिन्न सेवाकेंद्रों के माध्यम से तनाव प्रबंधन, व्यसन मुक्ति, सकारात्मक चिंतन, महिला सशक्तिकरण, युवा जागृति, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सद्भाव से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
संस्था की विशेषता यह है कि इसके वैश्विक आध्यात्मिक एवं सामाजिक सेवा कार्यों के संचालन में महिलाओं की अग्रणी भूमिका रही है। ब्रह्माकुमारीज नारी को शक्ति, प्रेम, करुणा, धैर्य, त्याग और आत्मविश्वास का स्वरूप मानते हुए उसे आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।
पीस ऑडिटोरियम में दोपहर 3 बजे से कार्यक्रम
महिला महासम्मेलन सोमवार, 21 सितंबर को दोपहर 3 बजे से राजयोग भवन, सेक्टर-7 स्थित पीस ऑडिटोरियम में आयोजित होगा। कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं से अपनी आंतरिक शक्तियों को पहचानने और परिवार तथा समाज में शांति एवं सकारात्मकता का वातावरण बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया जाएगा।
आयोजकों ने महिलाओं और शहरवासियों से कार्यक्रम में शामिल होकर राजयोगिनी चक्रधारी दीदी तथा डॉ. सविता दीदी के आध्यात्मिक मार्गदर्शन का लाभ लेने की अपील की है।
