दैनिक स्वराज वाणी | प्रियंका गुजराती
‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में डॉक्टर से मारपीट का आरोप, मोबाइल छीनने की शिकायत
Ujjain । ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में ड्यूटी कर लौट रहे एक सरकारी डॉक्टर के साथ महिदपुर रोड थाना प्रभारी रामसिंह भाबोर द्वारा कथित रूप से मारपीट और अभद्रता किए जाने का मामला सामने आया है। डॉक्टर ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उनका मोबाइल भी छीन लिया और धमकी दी। घटना के बाद डॉक्टर चरक अस्पताल पहुंचे, जहां उनका उपचार किया गया। प्री-एमएलसी बनने के बाद महाकाल थाना पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर उनके बयान दर्ज किए। इस घटना के सामने आने के बाद शहर के चिकित्सक वर्ग में नाराजगी एवं आक्रोश का माहौल देखा जा रहा है।
एंट्री पास दिखाने के बाद भी रोका, वीडियो बनाने पर हुआ विवाद
डॉ. पोरवाल के अनुसार, शाम करीब 7 बजे वे अपने स्टाफ के साथ वापस ड्यूटी पॉइंट की ओर जा रहे थे। नृसिंहघाट की ओर से रामघाट जाने वाले मार्ग पर बैरिकेड्स लगाए गए थे। यहां महिदपुर रोड थाना प्रभारी रामसिंह भाबोर पुलिस स्टाफ के साथ ड्यूटी कर रहे थे। डॉ. पोरवाल का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें और उनके स्टाफ को आगे जाने से रोक दिया। उन्होंने अपना परिचय पत्र और एंट्री पास दिखाया, लेकिन इसके बाद भी उन्हें जाने नहीं दिया गया। डॉक्टर के मुताबिक इसी दौरान टीआई कथित रूप से अभद्रता करने लगे, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
मोबाइल छीनने और धमकी देने का लगाया आरोप
डॉ. पोरवाल ने बताया कि ड्यूटी पर जाने से रोकने के कारण वे लोग मोबाइल से घटनाक्रम का वीडियो बनाने लगे। आरोप है कि इस पर टीआई भाबोर ने मोबाइल छीन लिए और धमकी देते हुए कहा कि “जुलूस निकाल दूंगा।” इसके बाद धक्का-मुक्की और मारपीट होने का आरोप डॉक्टर ने लगाया है। डॉक्टर का कहना है कि यह पूरा घटनाक्रम उनके और उनके स्टाफ के लिए बेहद अपमानजनक एवं भयावह अनुभव रहा।
चरक अस्पताल में भर्ती होकर कराया उपचार
डॉ. पोरवाल के अनुसार घटना में चोट लगने और चक्कर आने के बाद वे चरक अस्पताल पहुंचे। यहां उन्हें भर्ती कर डॉक्टरों ने उपचार किया तथा इंजेक्शन आदि दिए गए। उन्होंने घटना की जानकारी सीएमएचओ डॉ. अशोक पटेल को भी दी, जिन्होंने मामले को गंभीरता से लेने का आश्वासन दिया। प्री-एमएलसी तैयार होने के बाद महाकाल थाना पुलिस डॉक्टर के बयान दर्ज करने के लिए अस्पताल पहुंची। पुलिस द्वारा डॉक्टर से घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी ली गई है, जिसे आगे की जांच का आधार बनाया जाएगा।
टीआई बोले—हम भीड़ प्रबंधन कर रहे थे
डॉ. पोरवाल द्वारा लगाए गए मारपीट और मोबाइल छीनने के आरोपों को लेकर महिदपुर रोड थाना प्रभारी रामसिंह भाबोर से चर्चा की गई। उनका कहना था कि रामघाट पर अत्यधिक भीड़ थी और केवल एंट्री पास वाले लोगों को ही प्रवेश दिया जा रहा था। टीआई के अनुसार, संबंधित लोग बहस करने के बाद मोबाइल से वीडियो बनाने लगे थे। उन्होंने कहा कि पुलिस ने उन्हें केवल समझाइश देकर रोका था और किसी प्रकार की मारपीट नहीं की गई।
टीआई के डीएसपी पद पर पदोन्नत होने की भी चर्चा
पीएचक्यू द्वारा जारी पदोन्नति सूची के अनुसार थाना प्रभारी रामसिंह भाबोर को हाल ही में डीएसपी पद पर पदोन्नति मिली है। इसी बीच ड्यूटी के दौरान डॉक्टर के साथ कथित मारपीट और अभद्रता की घटना को लेकर चरक अस्पताल के कुछ डॉक्टरों में नाराजगी की बात सामने आई है। डॉक्टरों का कहना है कि जिस तरह पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी करते हैं, उसी तरह स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी और डॉक्टर भी कार्यक्रमों में अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं। ऐसे में ड्यूटी के दौरान इस प्रकार का व्यवहार किए जाने से डॉक्टरों में गहरी नाराजगी है।
जांच में सामने आएगी घटना की वास्तविक स्थिति
फिलहाल मामले में डॉक्टर के आरोप, पुलिस अधिकारी का पक्ष और महाकाल थाना पुलिस द्वारा दर्ज किए गए बयान जांच का हिस्सा हैं। घटना की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर स्पष्ट होगी। चिकित्सक संगठनों ने भी प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है।
