भगवान विश्वकर्मा जयंती पर श्रमिकों ने निकाली वाहन रैली, 17 सितंबर को राष्ट्रीय श्रम दिवस घोषित करने की मांग
नागदा। भारतीय मजदूर संघ, नागदा द्वारा परंपरा के अनुसार भगवान विश्वकर्मा जी का जन्मोत्सव धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर 17 सितंबर को भगवान विश्वकर्मा जयंती के दिन राष्ट्रीय श्रम दिवस घोषित कर राष्ट्रीय अवकाश करने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन एसडीएम को सौंपा गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व मध्य प्रदेश कामगार बोर्ड अध्यक्ष सुल्तान सिंह शेखावत तथा ग्रासिम श्रमिक संघ के महामंत्री जोध सिंह राठौड़ उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के तहत सुबह 11 बजे बड़ी संख्या में श्रमिक एसडीएम कार्यालय पहुंचे। यहां प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए 17 सितंबर को राष्ट्रीय श्रम दिवस घोषित करने की मांग रखी गई। इसके बाद श्रमिकों ने वाहन रैली निकाली। रैली बिरलाग्राम चौराहे से होते हुए मेहतवास स्थित खाटू श्याम मंदिर के समीप भारतीय मजदूर संघ कार्यालय पहुंची, जहां मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया।

मुख्य कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान विश्वकर्मा जी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर पूजन-अर्चना के साथ हुआ। इसके बाद अतिथियों का स्वागत किया गया। मंच से वक्ताओं ने भगवान विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएं देते हुए श्रमिक एकता और संगठन की शक्ति पर विचार व्यक्त किए।
मुख्य अतिथि सुल्तान सिंह शेखावत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिवस की शुभकामनाएं देते हुए केंद्र सरकार के कार्यकाल में श्रमिकों के हित में किए गए कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने पीएफ, पेंशन और लेंक्सेस उद्योग में चल रही समझौता प्रक्रिया से संबंधित जानकारी भी श्रमिकों के साथ साझा की।
वहीं, जोध सिंह राठौड़ ने स्थानीय श्रमिकों की समस्याओं पर चर्चा की और उनके समाधान के लिए संगठन की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने श्रमिक हितों से जुड़े मुद्दों को संगठन के माध्यम से उठाने की बात कही।
कार्यक्रम का संचालन राजकुमार सिसोदिया ने किया, जबकि आभार जिला मंत्री करण सिंह शेखावत ने व्यक्त किया।

इस अवसर पर अशोक गुर्जर, मोहब्बत सिंह राठौड़, गिरधारी लाल सोनी, बालकिशन धौलपुरे, अनिल दुबे, महेश नायर, रामलाल पंडया, प्रवेश तिवारी, भूपेंद्र सिंह सिकरवार, रमेश परमार, ऐरावत सिंह, कप्तान सिंह, जितेंद्र सिंह नरुका, पप्पू सिसोदिया, अंकुर मिश्रा, मनीष कारिया, जितेंद्र सिंह राजावत, हिमांशु सिंह राणावत, रविंद्र सिंह नरुका, शिवनारायण सिंह झाला, गोरख पांडेय, मिलिंद सिंह बेस और आदित्य सिंह राठौड़ सहित आंगनवाड़ी की महिलाएं एवं बड़ी संख्या में श्रमिक साथी मौजूद रहे।
