MP TET 2026: शिक्षक 5 अक्टूबर तक कर सकेंगे आवेदन, ओएमआर शीट से होगी परीक्षा; नहीं होगी नेगेटिव मार्किंग
प्रदेश के करीब 1.50 लाख सेवारत शिक्षकों के लिए आयोजित होगी पात्रता परीक्षा, सभी 55 जिलों में बनाए जाएंगे परीक्षा केंद्र
भोपाल। मध्यप्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी एमपी टीईटी 2026 में शामिल होने वाले सेवारत शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। परीक्षा के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 5 अक्टूबर 2026 कर दी गई है। अब तक आवेदन नहीं कर पाने वाले शिक्षक निर्धारित तारीख तक अपना आवेदन जमा कर सकेंगे। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रदेश के करीब 1.50 लाख सेवारत शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित करने की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा परीक्षा के आयोजन की तैयारियां की जा रही हैं। यह परीक्षा मध्यप्रदेश के सभी 55 जिलों में बनाए जाने वाले केंद्रों पर ऑफलाइन माध्यम से आयोजित होगी। अभ्यर्थियों को ओएमआर शीट पर प्रश्नों के उत्तर दर्ज करने होंगे। परीक्षा में गलत उत्तर देने पर अंक नहीं काटे जाएंगे। यानी इसमें माइनस या नेगेटिव मार्किंग का प्रावधान नहीं होगा।
5 अक्टूबर तक जमा किए जा सकेंगे आवेदन
एमपी टीईटी के लिए आवेदन की तारीख बढ़ाए जाने से उन शिक्षकों को राहत मिली है, जो विभिन्न कारणों से निर्धारित अवधि में अपना आवेदन जमा नहीं कर पाए थे। अब पात्र सेवारत शिक्षक 5 अक्टूबर तक आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।
शिक्षकों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना अपना आवेदन जमा करें। आवेदन करते समय नाम, जन्मतिथि, कर्मचारी कोड, शैक्षणिक योग्यता और सेवा संबंधी जानकारी सावधानीपूर्वक भरनी होगी। गलत अथवा अधूरी जानकारी मिलने पर अभ्यर्थी को आगे की प्रक्रिया में परेशानी हो सकती है।
आवेदकों को परीक्षा से जुड़े विस्तृत दिशा-निर्देश और नवीन सूचनाओं के लिए माध्यमिक शिक्षा मंडल तथा संबंधित शिक्षा विभाग के आधिकारिक आदेशों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
सभी 55 जिलों में ऑफलाइन होगी परीक्षा
शिक्षकों की संख्या और उनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के सभी 55 जिलों में परीक्षा केंद्र बनाए जाने की तैयारी है। इससे शिक्षकों को परीक्षा देने के लिए दूसरे जिलों में लंबी दूरी तय करने की समस्या कम होगी।
परीक्षा ऑफलाइन माध्यम से आयोजित की जाएगी और उत्तर ओएमआर शीट पर दर्ज करने होंगे। परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों को निर्धारित समय से पहले पहुंचना होगा। प्रवेश पत्र के साथ विभाग द्वारा मान्य फोटो पहचान पत्र रखना आवश्यक होगा। ओएमआर शीट भरते समय निर्धारित निर्देशों का पालन करना जरूरी रहेगा, क्योंकि गलत तरीके से भरे गए उत्तरों का मूल्यांकन प्रभावित हो सकता है।
परीक्षा 12 अक्टूबर 2026 से प्रारंभ किए जाने की तैयारी है। विषय और श्रेणी के अनुसार परीक्षा अलग-अलग पालियों या तारीखों में आयोजित की जा सकती है। अंतिम कार्यक्रम आधिकारिक समय-सारिणी में स्पष्ट किया जाएगा।
ढाई घंटे का होगा प्रश्नपत्र
एमपी टीईटी 2026 का प्रश्नपत्र हल करने के लिए अभ्यर्थियों को ढाई घंटे का समय दिया जाएगा। परीक्षा में सभी प्रश्न बहुविकल्पीय होंगे। प्रत्येक प्रश्न के लिए दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कर उसे ओएमआर शीट पर दर्ज करना होगा।
प्राथमिक स्तर की शिक्षक पात्रता परीक्षा में कुल 150 प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रश्नपत्र में बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र, भाषा, गणित और पर्यावरण अध्ययन सहित प्राथमिक शिक्षण से जुड़े विषयों को शामिल किया जा सकता है।
माध्यमिक स्तर की पात्रता परीक्षा में कुल 120 प्रश्न होंगे। इसमें संबंधित विषय के ज्ञान के साथ अध्यापन पद्धति और विद्यार्थियों की समझ विकसित करने से जुड़े प्रश्न पूछे जा सकते हैं। शिक्षकों को अपने संबंधित स्तर और विषय के पाठ्यक्रम के आधार पर तैयारी करनी होगी।
परीक्षा में नहीं होगी माइनस मार्किंग
इस परीक्षा की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि गलत उत्तर पर कोई अंक नहीं काटा जाएगा। नेगेटिव मार्किंग नहीं होने से अभ्यर्थी प्रश्नपत्र के सभी सवालों को हल करने का प्रयास कर सकेंगे। हालांकि, ओएमआर शीट पर उत्तर दर्ज करते समय विशेष सावधानी बरतनी होगी।
अभ्यर्थियों को पहले उन प्रश्नों को हल करने की सलाह दी जाती है, जिनके उत्तर को लेकर वे पूरी तरह आश्वस्त हैं। इसके बाद शेष समय में अन्य सवालों पर विचार किया जा सकता है। एक ही प्रश्न के लिए एक से अधिक विकल्प भरने अथवा गोले को अस्पष्ट रूप से चिह्नित करने पर उत्तर अमान्य माना जा सकता है।
परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों को ओएमआर शीट भरने से संबंधित नियम समझाए जाएंगे। व्यक्तिगत जानकारी, रोल नंबर और प्रश्नपत्र श्रृंखला जैसी जानकारी भी सही तरीके से भरनी होगी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद तेज हुई प्रक्रिया
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मध्यप्रदेश में सेवारत शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित करने की प्रक्रिया तेज की गई है। बताया जा रहा है कि प्रदेश के लगभग 1.50 लाख शिक्षक इस परीक्षा से प्रभावित हो सकते हैं। इनमें ऐसे सेवारत शिक्षक शामिल हैं, जिन्होंने अब तक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण नहीं की है।
शिक्षक पात्रता परीक्षा का उद्देश्य प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर पढ़ाने वाले शिक्षकों की शैक्षणिक एवं अध्यापन योग्यता का आकलन करना है। परीक्षा में विषय ज्ञान के साथ बच्चों की सीखने की क्षमता, शिक्षण विधियों और कक्षा प्रबंधन से जुड़े प्रश्न भी पूछे जाते हैं।
हालांकि, किन सेवारत शिक्षकों के लिए परीक्षा देना अनिवार्य है, किन्हें छूट मिलेगी और उत्तीर्ण नहीं होने की स्थिति में सेवा पर क्या प्रभाव पड़ेगा—इन विषयों पर विभाग द्वारा जारी आधिकारिक नियम ही मान्य होंगे। शिक्षकों को किसी अनौपचारिक सूचना या सोशल मीडिया संदेश पर निर्भर रहने के बजाय विभागीय दिशा-निर्देशों को ध्यान से पढ़ना चाहिए।
तैयारी के लिए इन बातों का रखें ध्यान
परीक्षा में शामिल होने वाले शिक्षक अपने स्तर के निर्धारित पाठ्यक्रम को समझकर तैयारी शुरू करें। पिछले वर्षों के शिक्षक पात्रता परीक्षा प्रश्नपत्रों का अभ्यास उपयोगी हो सकता है। प्राथमिक स्तर के अभ्यर्थियों को बाल विकास, शिक्षाशास्त्र, भाषा, गणित और पर्यावरण अध्ययन पर ध्यान देना चाहिए।
माध्यमिक स्तर के शिक्षकों को अपने विषय की अवधारणाओं के साथ अध्यापन पद्धति का अध्ययन करना होगा। ढाई घंटे में पूरा प्रश्नपत्र हल करने के लिए समय प्रबंधन का अभ्यास भी जरूरी है। चूंकि परीक्षा ऑफलाइन होगी, इसलिए ओएमआर शीट पर उत्तर भरने का अभ्यास शिक्षकों के लिए लाभदायक रहेगा।
आवेदन की अंतिम तारीख 5 अक्टूबर निर्धारित होने के कारण पात्र शिक्षकों को जल्द प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए। परीक्षा तिथि, केंद्र, प्रवेश पत्र, पाठ्यक्रम और आवश्यक दस्तावेजों से संबंधित अंतिम जानकारी आधिकारिक सूचना के आधार पर ही सुनिश्चित करनी होगी।
