‘तो क्या राहुल गांधी का जन्मदिन मनाएंगे?’ इंदौर से नितिन नबीन का कांग्रेस पर हमला, सीएम मोहन यादव ने भी साधा निशाना
स्वामित्व योजना के कार्यक्रम में ग्रामीण परिवारों को संपत्ति अधिकार के अभिलेख वितरित, प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर सियासत गरमाई
इंदौर। मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में आयोजित स्वामित्व योजना के कार्यक्रम के दौरान भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर आयोजित सेवा एवं जनकल्याण कार्यक्रमों पर कांग्रेस की आपत्तियों का जवाब देते हुए नितिन नबीन ने सवाल किया कि प्रधानमंत्री का जन्मदिन नहीं मनाया जाएगा तो क्या कांग्रेस नेता राहुल गांधी का जन्मदिन मनाया जाएगा?
कार्यक्रम में ग्रामीण आबादी भूमि से जुड़े पात्र हितग्राहियों को संपत्ति अधिकार के अभिलेख सौंपे गए। सरकार का दावा है कि इस पहल से ग्रामीण परिवारों को अपनी संपत्ति का कानूनी दस्तावेज मिलेगा और भूमि स्वामित्व से संबंधित विवादों को कम करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे ग्रामीण नागरिकों को वास्तविक अधिकार प्रदान करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया।
कांग्रेस की आपत्ति पर नितिन नबीन का पलटवार
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नितिन नबीन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर आयोजित कार्यक्रमों का विरोध करने को लेकर कांग्रेस को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि भाजपा प्रधानमंत्री के जन्मदिन को सेवा और जनकल्याण के कार्यों के माध्यम से मना रही है। रक्तदान शिविर, स्वच्छता अभियान और जरूरतमंद लोगों की सहायता जैसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
उन्होंने कांग्रेस पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि प्रधानमंत्री का जन्मदिन नहीं मनाया जाए तो क्या राहुल गांधी का जन्मदिन मनाया जाएगा? नितिन नबीन ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपना जीवन देश की सेवा में लगाया है और उनके जन्मदिन पर जनहित के कार्यक्रम आयोजित करना भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए सेवा का अवसर है।
नितिन नबीन ने आरोप लगाया कि कांग्रेस जनकल्याणकारी कार्यक्रमों पर भी राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि सेवा के माध्यम से किसी व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना ही ऐसे अभियानों का उद्देश्य है।
मुख्यमंत्री ने भी कांग्रेस को घेरा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी अपने संबोधन में कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार केवल घोषणाएं करने के बजाय योजनाओं का लाभ धरातल तक पहुंचाने का काम कर रही है। ग्रामीण परिवारों को उनकी भूमि और आवासीय संपत्ति के दस्तावेज उपलब्ध कराना इसी दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय से ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में रह रहे अनेक परिवारों के पास अपनी संपत्ति का स्पष्ट कानूनी अभिलेख नहीं था। इस कारण उन्हें बैंक ऋण, संपत्ति हस्तांतरण और अन्य आवश्यक कार्यों में परेशानियों का सामना करना पड़ता था। स्वामित्व से संबंधित अभिलेख मिलने के बाद ऐसे परिवार अपनी संपत्ति पर अधिकार को प्रमाणित कर सकेंगे।
डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार गरीबों, महिलाओं, किसानों, श्रमिकों और युवाओं के कल्याण के लिए लगातार योजनाएं संचालित कर रही हैं। उन्होंने कांग्रेस पर इन योजनाओं के महत्व को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया।
ग्रामीण परिवारों को मिले संपत्ति अधिकार
कार्यक्रम का मुख्य केंद्र राज्य सरकार की स्वामित्व संबंधी पहल रही। इसके तहत ग्रामीण आबादी भूमि पर निवास करने वाले पात्र परिवारों को उनकी संपत्ति से संबंधित पक्के अभिलेख उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है। सरकार के मुताबिक प्रदेश के हजारों गांवों के लाखों नागरिकों को इससे लाभ मिलेगा।
इस अभियान के अंतर्गत ग्रामीण संपत्तियों का सर्वेक्षण और रिकॉर्ड तैयार कर पात्र लोगों को दस्तावेज सौंपे जाएंगे। संबंधित संपत्ति का अधिकृत रिकॉर्ड मिल जाने से ग्रामीण परिवारों को अपनी जमीन या मकान पर अधिकार साबित करने में सुविधा होगी। इससे संपत्ति से जुड़े विवाद कम होने और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
कार्यक्रम से जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार, सरकार ने प्रदेश के करीब 23 हजार गांवों में बड़ी संख्या में निशुल्क रजिस्ट्री अथवा संपत्ति अभिलेख उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है। इंदौर के आयोजन में इसे ग्रामीण परिवारों के लिए बड़े अधिकार अभियान के रूप में प्रस्तुत किया गया।
योजना से ग्रामीणों को क्या लाभ होगा?
स्वामित्व से संबंधित अभिलेख मिलने के बाद ग्रामीण परिवारों के पास अपनी आवासीय संपत्ति का आधिकारिक प्रमाण उपलब्ध होगा। इससे संपत्ति की खरीद-बिक्री, उत्तराधिकार और पारिवारिक बंटवारे जैसे मामलों में स्पष्टता आ सकती है। आवश्यकता पड़ने पर संपत्ति के दस्तावेज का उपयोग बैंकिंग एवं अन्य वैधानिक प्रक्रियाओं में भी किया जा सकेगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में कई संपत्तियों का रिकॉर्ड स्पष्ट नहीं होने के कारण परिवारों को वर्षों तक विवादों का सामना करना पड़ता है। सरकार का कहना है कि व्यवस्थित सर्वेक्षण और अधिकृत अभिलेख जारी होने से ऐसे विवादों में कमी आएगी। साथ ही पंचायतों के पास भी गांव की आबादी भूमि और संपत्तियों का व्यवस्थित विवरण उपलब्ध हो सकेगा।
सेवा संकल्प अभियान से जोड़ा कार्यक्रम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से प्रारंभ सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत प्रदेशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें रक्तदान, स्वच्छता, स्वास्थ्य परीक्षण, जनसेवा और सरकारी योजनाओं के लाभ वितरण से जुड़े कार्यक्रम शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जन्मदिन को उत्सव तक सीमित रखने के बजाय इसे जरूरतमंद नागरिकों की सेवा से जोड़ना अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। राज्य सरकार ने इस अवसर पर महिलाओं, श्रमिकों और ग्रामीण नागरिकों से संबंधित विभिन्न पहलों को भी प्रमुखता से सामने रखा।
इंदौर में दिखी राजनीतिक सक्रियता
नितिन नबीन के इंदौर आगमन को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह दिखाई दिया। शहर में उनके स्वागत और राजनीतिक कार्यक्रमों के साथ स्वामित्व योजना के आयोजन को भाजपा ने जनकल्याण एवं संगठनात्मक शक्ति प्रदर्शन के रूप में प्रस्तुत किया।
दूसरी ओर, राहुल गांधी के प्रस्तावित इंदौर दौरे के कारण मालवा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। भाजपा और कांग्रेस के बीच प्रधानमंत्री के जन्मदिन, सेवा संकल्प अभियान, शिक्षा, आदिवासी हित और विकास योजनाओं को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है।
इंदौर के मंच से नितिन नबीन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बयानों ने प्रदेश की राजनीति को और गरमा दिया है। भाजपा जहां स्वामित्व योजना और सेवा अभियान को जनहित से जोड़ रही है, वहीं कांग्रेस सरकार से प्रदेश की जमीनी समस्याओं पर जवाब मांग रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में दोनों दलों के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
