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आठनेर में हर्षोल्लास से मनाई विश्वकर्मा जयंती, श्रमिकों और कारीगरों के योगदान को किया नमन

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Published On: 17 September 2026

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आठनेर में हर्षोल्लास से मनाई विश्वकर्मा जयंती, श्रमिकों और कारीगरों के योगदान को किया नमन

भारतीय मजदूर संघ भवन निर्माण एवं अन्य संनिर्माण संघ ने किया आयोजन, रैन बसेरा की मांग जल्द पूरी कराने का मिला आश्वासन

संवाददाता : आशीष ठाकरे

आठनेर। नगर में भगवान विश्वकर्मा जयंती श्रद्धा, उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। भारतीय मजदूर संघ भवन निर्माण एवं अन्य संनिर्माण संघ, आठनेर द्वारा गुरुवार को भैंसदेही रोड स्थित करन घोरसे कॉम्प्लेक्स हॉल में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें बड़ी संख्या में राजमिस्त्री, कारीगर, भवन निर्माण श्रमिक, संगठन के पदाधिकारी और नगरवासी शामिल हुए।

कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान विश्वकर्मा के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया। उपस्थित अतिथियों और संगठन के सदस्यों ने विधि-विधान से पूजन एवं आरती की। इसके बाद भगवान विश्वकर्मा से सभी श्रमिकों, कामगारों और उनके परिवारों की सुख-समृद्धि एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।

भगवान विश्वकर्मा दिव्य वास्तुकार और शिल्पकार

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कैलाश आजाद ने भगवान विश्वकर्मा के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भगवान विश्वकर्मा को दिव्य वास्तुकार, शिल्पकार और निर्माण का देवता माना जाता है। उन्हें देवशिल्पी अर्थात देवताओं के प्रमुख इंजीनियर एवं शिल्पकार के रूप में भी जाना जाता है।

उन्होंने बताया कि पौराणिक मान्यताओं में भगवान विश्वकर्मा का नाम अनेक दिव्य नगरों, भवनों, अस्त्रों और यंत्रों के निर्माण से जुड़ा हुआ है। मान्यता है कि सतयुग में स्वर्गलोक, त्रेतायुग में सोने की लंका, द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण की नगरी द्वारका तथा इंद्रप्रस्थ और हस्तिनापुर जैसी भव्य नगरियों का निर्माण भगवान विश्वकर्मा ने किया था।

उन्होंने कहा कि इंद्र के वज्र, भगवान शिव के त्रिशूल और पुष्पक विमान जैसी दिव्य रचनाओं का संबंध भी भगवान विश्वकर्मा से बताया जाता है। भगवान विश्वकर्मा सृजन, कौशल, तकनीक, मेहनत और निर्माण के प्रतीक हैं। उनका जीवन सभी शिल्पकारों और कामगारों को अपने कार्य में कुशलता, समर्पण और ईमानदारी बनाए रखने की प्रेरणा देता है।

औजारों और मशीनों का किया जाता है पूजन

कैलाश आजाद ने कहा कि विश्वकर्मा जयंती विशेष रूप से कारीगरों, शिल्पकारों, इंजीनियरों, फैक्ट्री कर्मचारियों, दुकानदारों और विभिन्न निर्माण कार्यों से जुड़े लोगों द्वारा श्रद्धा के साथ मनाई जाती है। इस अवसर पर लोग अपने कार्यस्थलों की साफ-सफाई करते हैं और मशीनों, यंत्रों तथा औजारों का पूजन करते हैं।

उन्होंने कहा कि औजार प्रत्येक कामगार की आजीविका का महत्वपूर्ण साधन होते हैं। इसलिए विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर उनकी पूजा कर सुरक्षित और सफल कार्य की कामना की जाती है। यह पर्व श्रम की प्रतिष्ठा और निर्माण क्षेत्र से जुड़े लोगों के योगदान को सम्मान देने का अवसर भी प्रदान करता है।

विकसित भारत के निर्माण में श्रमिकों की अहम भूमिका


मुख्य अतिथि ने भवन निर्माण क्षेत्र से जुड़े राजमिस्त्रियों, कारीगरों और कामगारों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की मेहनत से ही घर, अस्पताल, विद्यालय, सड़क, पुल, कारखाने और दूसरी आधारभूत संरचनाएं तैयार होती हैं। देश के विकास में श्रमिकों और कारीगरों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत का निर्माण श्रमिकों और कामगारों की सक्रिय भागीदारी के बिना संभव नहीं है। सभी को भगवान विश्वकर्मा से प्रेरणा लेते हुए मेहनत, लगन और ईमानदारी के साथ अपने कार्य को आगे बढ़ाना चाहिए। उन्होंने उपस्थित लोगों को विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

श्रमिकों को दी विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएं

भाजपा मंडल अध्यक्ष गोवर्धन राने ने भी कार्यक्रम में उपस्थित श्रमिकों, कारीगरों और संगठन के सदस्यों को विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भवन निर्माण सहित अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिक देश की प्रगति का मजबूत आधार हैं। उनके परिश्रम और कौशल से विकास कार्यों को गति मिलती है।

विधायक प्रतिनिधि मनोज जगताप ने कहा कि संगठन द्वारा लंबे समय से श्रमिकों के लिए रैन बसेरा बनाए जाने की मांग की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मांग को जल्द पूरा कराने के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएंगे। उनके आश्वासन पर उपस्थित श्रमिकों और संगठन के सदस्यों ने प्रसन्नता व्यक्त की।

बड़ी संख्या में शामिल हुए श्रमिक और नगरवासी

कार्यक्रम के अंत में संगठन के वरिष्ठ कार्यकर्ता श्यामराव कुरवाड़े ने सभी अतिथियों, पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, श्रमिकों और नगरवासियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी लोगों के प्रति धन्यवाद प्रकट किया।

इस अवसर पर उमेश घोरसे, सागर गोलर, नगर परिषद उपाध्यक्ष विनय जीतपुरे, राजू कुयट और लड्डू प्रजापति सहित बड़ी संख्या में राजमिस्त्री, कारीगर, कामगार एवं नगरवासी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान पूरा परिसर भगवान विश्वकर्मा के जयकारों से गूंजता रहा। उपस्थित लोगों ने संगठन की एकता मजबूत करने और श्रमिक हितों के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया।

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