खड़े हनुमान मंदिर के समर्थन में उज्जैन में आस्था का बड़ा प्रदर्शन
हजारों श्रद्धालुओं ने किया सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ, संतों के नेतृत्व में SDM को सौंपा ज्ञापन
Ujjain , 16 सितंबर। खड़े हनुमान मंदिर को लेकर बुधवार को उज्जैन में आस्था का बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। मंदिर के समर्थन में आयोजित कार्यक्रम में उज्जैन के साथ-साथ आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। हजारों लोगों ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में नजर आया।
श्रद्धालुओं की प्रमुख मांग रही कि खड़े हनुमान मंदिर को हटाया न जाए और मंदिर का संरक्षण करते हुए उसी स्थान पर भव्य मंदिर का निर्माण किया जाए। श्रद्धालुओं का कहना है कि यह स्थल धार्मिक आस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण केंद्र है। विकास कार्यों के दौरान मंदिर की धार्मिक पहचान और महत्ता को सुरक्षित रखा जाना चाहिए।
संतों के नेतृत्व में SDM को सौंपा ज्ञापन
कार्यक्रम के बाद संतों के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने SDM को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से मंदिर को नहीं हटाने तथा उसी स्थान पर भव्य मंदिर निर्माण की मांग प्रशासन के समक्ष रखी गई। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं और मंदिर के महत्व को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेने का आग्रह किया।
हजारों श्रद्धालुओं ने किया हनुमान चालीसा का पाठ
आंदोलन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने एक साथ हनुमान चालीसा का पाठ किया। उपलब्ध वीडियो फुटेज में भी बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी और सामूहिक पाठ के दृश्य दिखाई दे रहे हैं। उज्जैन के अलावा आसपास के जिलों से श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण कार्यक्रम में बड़ी भागीदारी देखने को मिली।
VHP और बजरंग दल के कार्यकर्ता भी हुए शामिल
आंदोलन में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने भी सहभागिता की। इसके अलावा विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों से जुड़े लोगों तथा स्थानीय नागरिकों ने कार्यक्रम में भाग लिया।
कार्यक्रम में नर्सिंग ईनाणी, रूपेश ठाकुर, शैलू यादव, शिवेंद्र तिवारी, संतोष व्यास, अंकित चौबे, संजय जी, रवि लश्करी सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।
मंदिर हटाने के बजाय भव्य स्वरूप देने की मांग
श्रद्धालुओं ने कहा कि यदि क्षेत्र में विकास कार्य किए जा रहे हैं तो ऐसा रास्ता निकाला जाना चाहिए, जिससे खड़े हनुमान मंदिर का अस्तित्व सुरक्षित रहे। उनकी मांग है कि मंदिर को हटाने के बजाय उसे संरक्षित कर भव्य स्वरूप दिया जाए।
श्रद्धालुओं का कहना है कि मंदिर से जुड़े किसी भी निर्णय में धार्मिक महत्व और लोगों की आस्था को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
बुधवार को हुए इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी से खड़े हनुमान मंदिर का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया है। अब श्रद्धालुओं की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई और निर्णय पर है।
दैनिक स्वराज वाणी
प्रियंका गुजराती
