अजीत अगरकर की मुख्य चयनकर्ता पद से विदाई की अटकलें, वेस्टइंडीज सीरीज के लिए हो सकती है आखिरी चयन बैठक
तीन साल का कार्यकाल समाप्त होने के करीब; BCCI ने अब तक कार्यकाल बढ़ाने या नए मुख्य चयनकर्ता की नियुक्ति पर नहीं की आधिकारिक घोषणा
स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर के भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि वेस्टइंडीज के खिलाफ आगामी वनडे और टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज के लिए होने वाली चयन बैठक अगरकर की मुख्य चयनकर्ता के रूप में आखिरी बैठक हो सकती है। हालांकि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी BCCI ने अभी उनके कार्यकाल की समाप्ति, विस्तार या नए मुख्य चयनकर्ता की नियुक्ति को लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की है।
वेस्टइंडीज का भारत दौरा 27 सितंबर से शुरू होने वाला है। चयनकर्ता जल्द ही दोनों सीमित ओवरों की सीरीज के लिए भारतीय टीम की घोषणा कर सकते हैं। इस चयन में कुछ वरिष्ठ खिलाड़ियों की संभावित वापसी, युवा खिलाड़ियों को अवसर और 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं।
जुलाई 2023 में मुख्य चयनकर्ता बने थे अगरकर
BCCI ने पूर्व भारतीय ऑलराउंडर अजीत अगरकर को 4 जुलाई 2023 को सीनियर पुरुष टीम की चयन समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया था। उनके नेतृत्व में चयन समिति पिछले तीन वर्षों से टेस्ट, वनडे और टी20 टीमों का चयन कर रही है।
अगरकर के कार्यकाल के दौरान भारतीय टीम में कई बड़े बदलाव हुए। अलग-अलग प्रारूपों के लिए नेतृत्व व्यवस्था बदली गई और कई युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवसर मिला। चयन समिति को सीनियर खिलाड़ियों के भविष्य, खिलाड़ियों के वर्कलोड और तीनों प्रारूपों के लिए अलग-अलग टीम तैयार करने जैसे कठिन फैसले भी लेने पड़े।
मीडिया रिपोर्ट्स में पहले दावा किया गया था कि BCCI अगरकर का कार्यकाल 2027 के वनडे विश्व कप तक बढ़ा सकता है। अब कुछ अन्य रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि बोर्ड की ओर से उन्हें विस्तार का स्पष्ट संकेत नहीं मिला है और मौजूदा कार्यकाल के बाद उनकी विदाई हो सकती है।
BCCI ने कार्यकाल बढ़ाने पर नहीं लिया अंतिम फैसला
अजीत अगरकर के पद पर बने रहने को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट्स सामने आ रही हैं। कुछ रिपोर्ट्स में उनके एक वर्ष के विस्तार की संभावना जताई गई है, क्योंकि नियमों के अनुसार वरिष्ठ चयनकर्ता चार वर्ष तक पद पर रह सकता है। वहीं दूसरी रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि वेस्टइंडीज सीरीज के लिए चयन उनका आखिरी आधिकारिक काम हो सकता है।
सितंबर की शुरुआत में BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने कहा था कि अगरकर के कार्यकाल विस्तार पर बोर्ड की बैठक में कोई चर्चा नहीं हुई। उन्होंने मुख्य चयनकर्ता के पद में बदलाव से जुड़ी अटकलों की भी पुष्टि नहीं की थी। इसलिए अगरकर की विदाई को फिलहाल अंतिम निर्णय के रूप में प्रस्तुत करना जल्दबाजी होगी।
वेस्टइंडीज सीरीज के चयन पर टिकी निगाहें
वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे और टी20 सीरीज के लिए चुना जाने वाला भारतीय दल कई कारणों से महत्वपूर्ण होगा। यह सीरीज 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों की दिशा तय करने में भूमिका निभा सकती है। चयनकर्ताओं को टीम के वरिष्ठ और युवा खिलाड़ियों के बीच संतुलन बनाना होगा।
प्रशंसकों की नजर इस बात पर भी रहेगी कि किन अनुभवी खिलाड़ियों को वनडे टीम में जगह मिलती है और किन नए चेहरों को भविष्य की योजना में शामिल किया जाता है। खिलाड़ियों की फिटनेस, हालिया प्रदर्शन और आगे के व्यस्त कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए कुछ नियमित सदस्यों को आराम भी दिया जा सकता है।
अगर यह बैठक अगरकर की अध्यक्षता में आखिरी चयन बैठक साबित होती है तो इसमें लिए गए फैसले भारतीय क्रिकेट की दीर्घकालीन रणनीति के लिहाज से विशेष महत्व रखेंगे।
रोहित शर्मा के भविष्य पर भी चर्चा
अजीत अगरकर के कार्यकाल को लेकर चल रही चर्चा के बीच पूर्व कप्तान रोहित शर्मा का वनडे भविष्य भी महत्वपूर्ण मुद्दा बना हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक चयन समिति और BCCI के कुछ पदाधिकारियों के बीच इस बात को लेकर अलग-अलग राय रही है कि वरिष्ठ खिलाड़ियों के भविष्य का आकलन किस प्रकार किया जाना चाहिए।
BCCI कथित रूप से चाहता है कि 2027 वनडे विश्व कप से पहले खिलाड़ियों के प्रदर्शन और फिटनेस की समीक्षा प्रत्येक सीरीज के आधार पर की जाए। चयन समिति को वर्तमान प्रदर्शन के साथ भविष्य की टीम तैयार करने की जिम्मेदारी भी निभानी है।
हालांकि रोहित शर्मा या किसी अन्य खिलाड़ी के चयन को लेकर बोर्ड और चयन समिति की ओर से आधिकारिक टीम घोषणा से पहले कोई अंतिम जानकारी नहीं दी गई है।
अगरकर के कार्यकाल में भारत को मिली बड़ी सफलताएं
अजीत अगरकर के मुख्य चयनकर्ता रहते हुए भारतीय पुरुष टीम ने सीमित ओवरों के क्रिकेट में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं। इस दौरान टीम ने आईसीसी प्रतियोगिताओं में सफलता प्राप्त की और अनेक युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जगह मिली।
अगरकर के कार्यकाल में लिए गए कुछ फैसलों की प्रशंसा हुई, जबकि कुछ चयन विवादों में भी रहे। बड़े खिलाड़ियों को टीम में बनाए रखने अथवा उनसे आगे बढ़ने, कप्तानी में बदलाव और घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को अवसर देने जैसे विषय लगातार चर्चा में रहे।
मुख्य चयनकर्ता का पद केवल टीम चुनने तक सीमित नहीं होता। चयन समिति को कप्तान, मुख्य कोच, मेडिकल टीम और बोर्ड अधिकारियों के साथ मिलकर खिलाड़ियों की फिटनेस, कार्यभार और भविष्य की योजनाओं पर भी काम करना पड़ता है।
नए मुख्य चयनकर्ता को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं
यदि BCCI अगरकर का कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाता है तो बोर्ड को चयन समिति के नए अध्यक्ष की नियुक्ति करनी होगी। इसके लिए पात्र पूर्व क्रिकेटरों से आवेदन मांगे जा सकते हैं और क्रिकेट सलाहकार समिति उम्मीदवारों का साक्षात्कार कर सकती है।
फिलहाल किसी संभावित उत्तराधिकारी के नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बोर्ड के निर्णय तक अजीत अगरकर मुख्य चयनकर्ता के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाते रहेंगे।
इस समय इतना स्पष्ट है कि वेस्टइंडीज सीरीज की चयन बैठक अगरकर के कार्यकाल के अंतिम चरण में हो रही है। लेकिन उनकी विदाई वास्तव में तय है या उन्हें 2027 वनडे विश्व कप तक विस्तार मिलेगा, इसका उत्तर BCCI की औपचारिक घोषणा के बाद ही मिलेगा
