—Advertisement—

रोक के बावजूद मनमाने आकार के पैकेट में बिक रहा खाद्य तेल, उपभोक्ताओं के भ्रमित होने का खतरा

Author Picture
Published On: 16 September 2026

—Advertisement—

रोक के बावजूद मनमाने आकार के पैकेट में बिक रहा खाद्य तेल, उपभोक्ताओं के भ्रमित होने का खतरा

एक सितंबर से केवल नौ मानक आकारों में खाद्य तेल बेचने का नियम लागू, इंदौर के बाजार में अब भी 800, 840 और 870 ग्राम वाले पैकेट मौजूद

इंदौर। खाद्य तेल को मनमाने आकार के पैकेट में बेचने पर एक सितंबर 2026 से रोक लग चुकी है, लेकिन इंदौर के बाजार में नए नियम का प्रभाव पूरी तरह दिखाई नहीं दे रहा है। छोटी किराना दुकानों से लेकर बड़े शॉपिंग मॉल तक अब भी अलग-अलग मात्रा वाले खाद्य तेल के पैकेट बेचे जाने की जानकारी सामने आई है। इनमें 800 ग्राम, 840 ग्राम और 870 ग्राम जैसे पैकेट शामिल हैं।

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने खाद्य तेल की पैकिंग के लिए नौ मानक आकार निर्धारित किए हैं। आदेश लागू होने से पहले तेल उत्पादक कंपनियों और कारोबारियों को पुराने स्टॉक के निपटारे तथा नई व्यवस्था अपनाने के लिए करीब तीन महीने का समय भी दिया गया था। इसके बावजूद सितंबर का आधा महीना बीतने के बाद बाजार में अमानक आकार वाले पैकेट दिखाई दे रहे हैं।

त्योहारी सीजन नजदीक होने के कारण खाद्य तेल की मांग बढ़ने की संभावना है। ऐसे में पुराने और मनमाने आकार के पैकेट बाजार में बने रहने से उपभोक्ताओं के भ्रमित होने का खतरा भी बढ़ गया है।

एक जैसे पैकेट, लेकिन मात्रा में बड़ा अंतर

पिछले कुछ वर्षों के दौरान खाद्य तेल कंपनियां अपनी सुविधा और कारोबारी रणनीति के अनुसार अलग-अलग मात्रा के पैकेट बाजार में उतार रही थीं। कई कंपनियों ने 800 ग्राम, 840 ग्राम, 850 ग्राम, 870 ग्राम और 900 मिलीलीटर जैसे आकारों में तेल बेचना शुरू कर दिया था।

इन पैकेटों का बाहरी आकार प्रायः एक लीटर या एक किलोग्राम वाले पैकेट जैसा दिखाई देता है। सामान्य उपभोक्ता पैकेट पर छपी वास्तविक मात्रा को ध्यान से देखे बिना केवल कीमत के आधार पर खरीदारी कर लेता है। कम कीमत देखकर ग्राहक को उत्पाद सस्ता लगता है, लेकिन प्रति लीटर या प्रति किलोग्राम लागत निकालने पर वही पैकेट अधिक महंगा पड़ सकता है।

उदाहरण के तौर पर, एक लीटर और 870 ग्राम के पैकेट में केवल कीमत की तुलना करना सही नहीं होगा। दोनों में मौजूद तेल की मात्रा अलग होने के कारण उपभोक्ता को प्रति इकाई मूल्य देखकर ही वास्तविक अंतर समझना चाहिए।

खाद्य तेल के लिए निर्धारित किए गए नौ मानक आकार

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने जून 2026 में आदेश जारी कर खाद्य तेल के लिए पैकेट के निश्चित आकार निर्धारित किए थे। एक सितंबर से तेल को निम्नलिखित मात्राओं में पैक कर बेचा जाना है—

  • 200 मिलीलीटर या ग्राम
  • 500 मिलीलीटर या ग्राम
  • एक लीटर या किलोग्राम
  • दो लीटर या किलोग्राम
  • तीन लीटर या किलोग्राम
  • चार लीटर या किलोग्राम
  • पांच लीटर या किलोग्राम
  • 15 लीटर या किलोग्राम
  • 20 लीटर या किलोग्राम

बताया गया है कि 200 ग्राम या मिलीलीटर से कम मात्रा की पैकिंग पर यह मानक व्यवस्था लागू नहीं होगी। निर्धारित आकारों का उद्देश्य बाजार में पारदर्शिता लाना और विभिन्न कंपनियों के उत्पादों की कीमत तथा मात्रा की तुलना उपभोक्ताओं के लिए आसान बनाना है।

सरकार ने दिया था तीन महीने का समय

नियम लागू करने से पहले सरकार ने खाद्य तेल उद्योग को अपनी पैकिंग व्यवस्था में बदलाव करने के लिए पर्याप्त समय दिया था। कंपनियों को पुराने आकारों में पैकिंग बंद करने और उपलब्ध स्टॉक का निपटारा करने का अवसर मिला। इसके बाद भी बाजार में अमानक पैकेटों का मौजूद होना निगरानी व्यवस्था पर प्रश्न खड़े करता है।

कारोबारियों का कहना है कि अगस्त तक बड़ी मात्रा में तेल पुराने आकार वाले पैकेटों में पैक किया गया था। तेल मिलों, वितरकों और दुकानदारों के गोदामों में इसका स्टॉक अब भी मौजूद है। इसी कारण बाजार से ऐसे पैकेट पूरी तरह समाप्त होने में समय लग रहा है।

हालांकि यह भी स्पष्ट होना आवश्यक है कि पुराने स्टॉक को बेचने के लिए कोई अतिरिक्त अवधि दी गई है या नहीं। नियम लागू होने के बाद बनने वाले नए अमानक पैकेटों पर कार्रवाई की बात कही गई है।

इंदौर के बाजार में अब भी बिक रहे अमानक पैकेट

इंदौर के विभिन्न बाजारों और शॉपिंग मॉल में एक लीटर वाले पैकेटों के साथ 800 ग्राम, 840 ग्राम और 870 ग्राम वाले खाद्य तेल के पैकेट रखे दिखाई दिए। बड़े मॉल में नए मानकों का पालन जल्द शुरू होने की संभावना है, लेकिन छोटे दुकानदारों के पास पुराने पैकेट लंबे समय तक बने रह सकते हैं।

त्योहारी सीजन में खाद्य तेल की बिक्री बढ़ जाती है। यदि उपभोक्ता पैकेट पर लिखी मात्रा और प्रति इकाई कीमत की तुलना किए बिना खरीदारी करता है तो वह कम मात्रा वाले पैकेट को सस्ता समझकर खरीद सकता है। इससे उसके घरेलू बजट पर अतिरिक्त भार पड़ सकता है।

तेल उद्योग ने भी मानक पैकिंग की मांग की थी

द साल्वेंट एक्सट्रेक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के कार्यकारी निदेशक डॉ. बीवी मेहता के अनुसार, तेल उद्योग के प्रतिनिधियों ने भी सरकार के साथ हुई बैठकों में पैकिंग के मानक आकार तय करने की मांग की थी। अलग-अलग मात्राओं में लगभग एक जैसे दिखाई देने वाले पैकेटों के कारण उपभोक्ताओं के लिए उत्पादों की सही तुलना करना कठिन हो रहा था।

उनका कहना है कि बाजार में फिलहाल दिखाई दे रहे अमानक आकार वाले पैकेट पुराने स्टॉक का हिस्सा हो सकते हैं। पहले से पैक माल पूरी तरह समाप्त होने में कुछ समय लग सकता है। मानक पैकिंग व्यवस्था लागू होने के बाद कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा अधिक पारदर्शी होने की उम्मीद है।

अमानक पैकिंग मिलने पर होगी कार्रवाई

नापतौल विभाग के संयुक्त संचालक संजय पाटनकर के अनुसार, तेल मिलों के पास पैकिंग का पर्याप्त स्टॉक रहता है। कंपनियों को पुराने स्टॉक के निपटारे के लिए समय दिया गया था। विभाग अब बाजार में जांच शुरू करेगा। यदि किसी स्थान पर निर्धारित नियमों के विरुद्ध नए अमानक पैकेट तैयार करने या बेचने का मामला मिलता है तो संबंधित कारोबारी अथवा कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

खरीदारी के समय इन बातों का रखें ध्यान

उपभोक्ताओं को खाद्य तेल खरीदते समय केवल पैकेट का आकार या उस पर अंकित कुल कीमत नहीं देखनी चाहिए। पैकेट पर लिखी शुद्ध मात्रा, निर्माण अथवा पैकिंग की तारीख, अधिकतम खुदरा मूल्य और प्रति यूनिट कीमत की जांच जरूरी है। कम कीमत वाला पैकेट हमेशा सस्ता हो, यह आवश्यक नहीं है।

मानक आकारों में तेल की बिक्री शुरू होने से अलग-अलग ब्रांड की तुलना आसान होगी। हालांकि इसका पूरा लाभ तभी मिल सकेगा, जब बाजार से पुराने अमानक पैकेट हटें और संबंधित विभाग नियमित जांच कर नियम का पालन सुनिश्चित करे।

 

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp