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MP Police Promotion New Rule: सिपाही से इंस्पेक्टर तक ऑनलाइन होगी ACR, प्रमोशन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव

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Published On: 16 September 2026
MP Police Promotion New Rule: सिपाही से इंस्पेक्टर तक ऑनलाइन होगी ACR, प्रमोशन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव
— MP Police ACR Online: सिपाही से इंस्पेक्टर तक डिजिटल होगी ACR

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MP Police Promotion New Rule: सिपाही से इंस्पेक्टर तक ऑनलाइन होगी ACR, प्रमोशन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव

भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस विभाग में पदोन्नति यानी प्रमोशन प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। नए पदोन्नति नियम-2025 के तहत अब सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर स्तर तक के पुलिस कर्मचारियों की गोपनीय चरित्रावली यानी ACR (Annual Confidential Report) को ऑनलाइन दर्ज करने की व्यवस्था लागू करने की तैयारी की जा रही है। पुलिस मुख्यालय यानी PHQ इस नई डिजिटल व्यवस्था को लागू करने की प्रक्रिया में जुटा है।

नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि पुलिसकर्मियों की सेवा अवधि के दौरान तैयार होने वाली ACR डिजिटल रिकॉर्ड के रूप में सुरक्षित रहेगी। इससे भविष्य में प्रमोशन के समय पुराने दस्तावेज तलाशने और संबंधित अधिकारियों से रिकॉर्ड हासिल करने की परेशानी कम होने की उम्मीद है।

पुरानी ACR नहीं मिलने से प्रभावित होती थी प्रमोशन प्रक्रिया

पुलिस विभाग में कर्मचारियों की पदोन्नति के लिए उनकी सेवा अवधि और कार्य प्रदर्शन से जुड़े रिकॉर्ड महत्वपूर्ण होते हैं। इनमें ACR की भूमिका भी अहम होती है। हालांकि, कई मामलों में प्रमोशन के समय संबंधित पुलिसकर्मियों की पुरानी ACR रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं मिलती थी।

ऐसी स्थिति में संबंधित जवानों को उन अधिकारियों से संपर्क करना पड़ता था, जिनके अधीन उन्होंने वर्षों पहले काम किया था। पुराने अधिकारियों से दोबारा ACR तैयार करवाने की प्रक्रिया में काफी समय लगता था।

कई मामलों में संबंधित अधिकारी सेवानिवृत्त भी हो चुके थे। ऐसे में रिकॉर्ड पूरा करवाना और पुराने मूल्यांकन से जुड़ी जानकारी हासिल करना पुलिसकर्मियों के लिए चुनौती बन जाता था। इसका असर पदोन्नति प्रक्रिया पर भी पड़ता था और कई जवानों को अपने प्रमोशन के लिए अतिरिक्त इंतजार करना पड़ता था।

पुलिस मुख्यालय ने डिजिटल व्यवस्था पर बढ़ाया फोकस

पुरानी ACR से जुड़ी इन समस्याओं को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने अब रिकॉर्ड को डिजिटल माध्यम से सुरक्षित रखने की दिशा में कदम बढ़ाया है। नई व्यवस्था के तहत पुलिस कर्मचारियों की ACR भी ऑनलाइन दर्ज की जाएगी।

अभी तक सिपाही और अन्य निचले स्तर के पुलिस कर्मचारियों की गोपनीय चरित्रावली को लेकर रिकॉर्ड प्रबंधन में अलग-अलग स्तर पर कागजी दस्तावेजों पर निर्भरता रही है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद इस प्रक्रिया को डिजिटल स्वरूप देने की कोशिश की जा रही है।

इससे किसी कर्मचारी की सेवा के दौरान तैयार हुई ACR को एक ही डिजिटल सिस्टम में सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।

IPS और राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों की तरह होगा डिजिटल मूल्यांकन

नई व्यवस्था में सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर स्तर तक के कर्मचारियों की ACR ऑनलाइन दर्ज किए जाने की तैयारी है। यानी पुलिस विभाग के इन कर्मचारियों का मूल्यांकन भी डिजिटल माध्यम से रिकॉर्ड किया जाएगा।

इसका उद्देश्य ACR की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाना और भविष्य में रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने जैसी समस्याओं को कम करना है। डिजिटल रिकॉर्ड होने से प्रमोशन के दौरान संबंधित कर्मचारी की सेवा अवधि के मूल्यांकन को आसानी से देखा जा सकेगा।

साथ ही रिकॉर्ड के रखरखाव में भी सुविधा होगी और कागजी फाइलों पर निर्भरता कम की जा सकेगी।

1 अप्रैल से 31 मार्च तक होगी ACR की अवधि

नई व्यवस्था में ACR रिपोर्ट की अवधि में भी बदलाव किया जा रहा है। अब पुलिसकर्मियों की ACR 1 अप्रैल से 31 मार्च तक के वित्तीय वर्ष के आधार पर दर्ज किए जाने की व्यवस्था होगी।

इसका मतलब यह है कि एक वित्तीय वर्ष में कर्मचारी के कार्य, जिम्मेदारियों और प्रदर्शन से संबंधित मूल्यांकन को उसी अवधि के रिकॉर्ड के रूप में दर्ज किया जाएगा।

वित्तीय वर्ष के आधार पर रिकॉर्ड तैयार होने से ACR की अवधि को लेकर स्पष्टता बढ़ने की उम्मीद है। साथ ही प्रमोशन के समय संबंधित वर्ष की रिपोर्ट को डिजिटल रिकॉर्ड से प्राप्त किया जा सकेगा।

समय पर ACR नहीं भरने पर मिलेगा ऑनलाइन अलर्ट

नई डिजिटल व्यवस्था में सिर्फ रिकॉर्ड ऑनलाइन दर्ज करने तक ही सीमित नहीं रहने की योजना है। इसमें ACR समय पर पूरी नहीं होने की स्थिति में ऑनलाइन अलर्ट की सुविधा भी प्रस्तावित है।

यदि निर्धारित समय सीमा में किसी पुलिसकर्मी की ACR दर्ज नहीं होती है तो संबंधित स्तर पर इसकी जानकारी पहुंच सकेगी। इससे समय सीमा के भीतर रिपोर्ट पूरी कराने की प्रक्रिया की निगरानी आसान होगी।

इसके अलावा तय समय सीमा के बाद रिकॉर्ड में बदलाव की संभावनाओं को भी सीमित करने की व्यवस्था किए जाने की बात सामने आई है। इससे ACR रिकॉर्ड की विश्वसनीयता और सुरक्षा बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

90 दिन काम करने वाले अधिकारी दर्ज करेंगे ACR

नई व्यवस्था में यह भी स्पष्ट किया गया है कि पुलिसकर्मी ने जिस अधिकारी के अधीन काम किया है, उसकी ACR दर्ज करने की जिम्मेदारी किस अधिकारी की होगी।

सर्विस रूल्स के मुताबिक, जिस अधिकारी के अधीन किसी पुलिसकर्मी ने कम से कम 90 दिन काम किया होगा, वही उसकी ACR दर्ज करेगा। इससे अधिकारी और कर्मचारी के बीच काम की अवधि के आधार पर मूल्यांकन की जिम्मेदारी तय करने में आसानी होगी।

यह व्यवस्था खासतौर पर उन पुलिसकर्मियों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है, जिनका एक वित्तीय वर्ष के दौरान तबादला हो जाता है और उन्हें अलग-अलग अधिकारियों के अधीन काम करना पड़ता है।

ट्रांसफर के दौरान पार्ट असेसमेंट की समस्या भी होगी कम

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नई ऑनलाइन ACR व्यवस्था से ट्रांसफर के दौरान होने वाले पार्ट असेसमेंट से जुड़ी समस्याओं को भी कम करने में मदद मिल सकती है।

पुलिसकर्मी का एक स्थान से दूसरे स्थान पर तबादला होने पर उसके काम की अवधि और मूल्यांकन से जुड़ी जानकारी अलग-अलग स्तर पर दर्ज करनी पड़ती है। ऐसे में रिकॉर्ड के समन्वय में परेशानी आती है।

डिजिटल सिस्टम में रिकॉर्ड उपलब्ध रहने से कर्मचारी की सेवा और मूल्यांकन से संबंधित जानकारी को व्यवस्थित तरीके से सुरक्षित रखने में सुविधा होगी।

प्रमोशन के समय नहीं तलाशना पड़ेगा पुराना रिकॉर्ड

नई व्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य यही है कि भविष्य में पुलिसकर्मियों के प्रमोशन के दौरान पुरानी ACR तलाशने की जरूरत कम हो।

पहले यदि किसी कर्मचारी की कई साल पुरानी ACR उपलब्ध नहीं होती थी तो संबंधित अधिकारी या पुराने रिकॉर्ड की तलाश करनी पड़ती थी। अब ऑनलाइन रिकॉर्ड सुरक्षित रहने की स्थिति में प्रमोशन प्रक्रिया के दौरान आवश्यक जानकारी डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराई जा सकेगी।

इससे विभागीय पदोन्नति प्रक्रिया को अधिक सुचारु बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

ACR नहीं मिलने के कारण प्रमोशन रुकने की समस्या होगी कम

डीआईजी प्रशासन रियाज इकबाल ने बताया कि सिपाहियों की ACR ऑनलाइन करने और वित्तीय वर्ष के अनुसार मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू करने से रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा। इससे ACR उपलब्ध नहीं होने के कारण किसी जवान का प्रमोशन रुकने की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी।

नई व्यवस्था के जरिए पुलिस कर्मचारियों के सेवा रिकॉर्ड को लंबे समय तक सुरक्षित रखने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

हजारों पुलिस कर्मचारियों को मिल सकता है लाभ

मध्यप्रदेश पुलिस में बड़ी संख्या में सिपाही, हेड कांस्टेबल, एएसआई, एसआई और इंस्पेक्टर स्तर के कर्मचारी कार्यरत हैं। ऐसे में ACR को ऑनलाइन करने की व्यवस्था का असर बड़ी संख्या में पुलिस कर्मचारियों की सेवा संबंधी प्रक्रिया पर पड़ सकता है।

डिजिटल रिकॉर्ड से न केवल प्रमोशन प्रक्रिया में सुविधा मिलने की उम्मीद है, बल्कि कर्मचारियों की सेवा अवधि के दौरान किए गए मूल्यांकन को भी व्यवस्थित तरीके से सुरक्षित रखा जा सकेगा।

पारदर्शी और समयबद्ध प्रक्रिया की दिशा में कदम

ACR को ऑनलाइन करने की प्रस्तावित व्यवस्था को पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली में डिजिटल बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। रिकॉर्ड के डिजिटल होने से दस्तावेजों के रखरखाव, समय सीमा की निगरानी और पुराने रिकॉर्ड की उपलब्धता से जुड़ी समस्याओं को कम करने में मदद मिल सकती है।

नई व्यवस्था पूरी तरह लागू होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि ऑनलाइन ACR प्रणाली किस तरह काम करती है और पुलिसकर्मियों की पदोन्नति प्रक्रिया में इससे कितना व्यावहारिक बदलाव आता है। फिलहाल पुलिस मुख्यालय इस व्यवस्था को लागू करने की तैयारी में जुटा है और इसे पुलिस कर्मचारियों के सेवा रिकॉर्ड को व्यवस्थित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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