MP Police Recruitment 2026: 7500 पदों की भर्ती में आयु सीमा पर विवाद, अभ्यर्थियों ने मांगा सुधार
1 जनवरी की जगह 23 सितंबर 2026 को कटऑफ मानने से कई उम्मीदवार हुए प्रभावित
भोपाल। MP Police सब-इंस्पेक्टर (SI) और आरक्षक यानी कांस्टेबल के करीब 7,500 पदों पर चल रही भर्ती प्रक्रिया में आयु सीमा की गणना को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कर्मचारी चयन मंडल (ESB) की ओर से जारी भर्ती विज्ञापन में आयु सीमा की गणना के लिए 1 जनवरी 2026 के बजाय 23 सितंबर 2026 को कटऑफ तारीख निर्धारित किए जाने पर अभ्यर्थियों ने आपत्ति जताई है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबे समय से पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे कई उम्मीदवार इस बदलाव के कारण अधिकतम आयु सीमा से बाहर हो गए हैं। कुछ उम्मीदवार ऐसे हैं, जो 1 जनवरी 2026 को निर्धारित कटऑफ मानने पर पात्र होते, लेकिन 23 सितंबर की तारीख के आधार पर उनकी उम्र निर्धारित सीमा से अधिक हो रही है।
अभ्यर्थियों ने अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन
कटऑफ तारीख को लेकर प्रभावित अभ्यर्थियों ने मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और कर्मचारी चयन मंडल के अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपकर भर्ती विज्ञापन में शुद्धि-पत्र (Corrigendum) जारी करने की मांग की है।
अभ्यर्थियों का तर्क है कि आयु की गणना सामान्य तौर पर वर्ष की शुरुआत यानी 1 जनवरी को आधार मानकर की जानी चाहिए। उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में कटऑफ तारीख बदलने से उन उम्मीदवारों को नुकसान हो रहा है, जो लंबे समय से इस भर्ती की तैयारी कर रहे थे और 1 जनवरी 2026 के आधार पर पात्रता पूरी करते थे।
उम्मीदवारों ने मांग की है कि भर्ती में आयु की गणना 1 जनवरी 2026 को आधार मानकर की जाए, ताकि पात्र अभ्यर्थियों को आवेदन और चयन प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिल सके।
दूसरे विभागों की भर्ती का दिया उदाहरण
प्रभावित अभ्यर्थियों ने अपने पक्ष में मध्य प्रदेश की अन्य भर्तियों का उदाहरण भी दिया है। उनका कहना है कि MPPSC के अलावा जेल, वन और आबकारी जैसे अन्य वर्दीधारी विभागों में कनिष्ठ सेवा भर्ती नियम 2013 के तहत आयु की गणना के लिए 1 जनवरी को आधार माना जाता है।
ऐसे में उम्मीदवारों का सवाल है कि पुलिस विभाग की भर्ती में अलग कटऑफ तारीख क्यों निर्धारित की गई है। उनका कहना है कि एक ही राज्य में समान प्रकृति की सरकारी भर्तियों में आयु सीमा की गणना के अलग-अलग आधार होने से अभ्यर्थियों में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है।
अभ्यर्थियों ने प्रशासन से भर्ती नियमों की स्पष्ट व्याख्या करने और यदि आवश्यक हो तो विज्ञापन में संशोधन करने की मांग की है।
अतुल पाल और अभिषेक सिंह का मामला
अभ्यर्थियों ने अपनी परेशानी को समझाने के लिए कुछ उदाहरण भी अधिकारियों के सामने रखे हैं। OBC वर्ग के अभ्यर्थी अतुल पाल के अनुसार 23 सितंबर 2026 को आयु की गणना करने पर उनकी उम्र 38 वर्ष 7 माह हो रही है। उनका कहना है कि यदि 1 जनवरी 2026 को कटऑफ माना जाता तो वे भर्ती के लिए पात्र होते।
इसी तरह सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी अभिषेक सिंह का मामला भी सामने आया है। 23 सितंबर को आयु की गणना करने पर उनकी उम्र 33 वर्ष 7 माह हो रही है। अभ्यर्थी का दावा है कि 1 जनवरी को कटऑफ मानने पर वे आवेदन करने के योग्य रहते।
इन उदाहरणों के जरिए उम्मीदवारों का कहना है कि कटऑफ तारीख में कुछ महीनों का अंतर भी कई अभ्यर्थियों के लिए भर्ती प्रक्रिया से बाहर होने का कारण बन रहा है।
प्रशासन ने बताया नियमों के अनुसार तय हुई कटऑफ
वहीं इस विवाद पर प्रशासन की ओर से अलग पक्ष सामने आया है। एडीजी (चयन एवं भर्ती) शाहिद बंसार के अनुसार आवेदन की अंतिम तारीख यानी 23 सितंबर 2026 को विभागीय GOP (General Order Police) के प्रावधानों के आधार पर आयु सीमा की कटऑफ तारीख निर्धारित की गई है।
उनका कहना है कि पूर्व में आयोजित पुलिस भर्तियों में भी इसी प्रक्रिया का पालन किया गया है। यानी विभाग के अनुसार वर्तमान भर्ती में कटऑफ तारीख किसी नए नियम के तहत नहीं, बल्कि पहले से लागू प्रक्रिया के आधार पर निर्धारित की गई है।
उम्मीदवारों की नजर अब शुद्धि-पत्र पर
प्रशासन के स्पष्टीकरण के बावजूद प्रभावित अभ्यर्थियों की मांग बनी हुई है। उनका कहना है कि यदि नियमों की व्याख्या के कारण बड़ी संख्या में उम्मीदवार प्रभावित हो रहे हैं, तो विभाग को इस मामले पर दोबारा विचार करना चाहिए।
अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि सरकार और कर्मचारी चयन मंडल उनकी मांग पर विचार कर भर्ती विज्ञापन में आवश्यक संशोधन कर सकते हैं। फिलहाल उम्मीदवारों की नजर विभाग और ESB के अगले निर्णय पर है।
हजारों युवाओं के भविष्य से जुड़ा मामला
मध्य प्रदेश में पुलिस भर्ती लंबे समय से युवाओं के लिए सरकारी नौकरी पाने का बड़ा अवसर रही है। करीब 7,500 पदों की यह भर्ती भी बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे में आयु सीमा की कटऑफ तारीख को लेकर पैदा हुआ विवाद हजारों अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ा रहा है।
एक ओर उम्मीदवार 1 जनवरी 2026 को कटऑफ मानने की मांग कर रहे हैं, वहीं विभाग का कहना है कि 23 सितंबर की तारीख मौजूदा नियमों और पूर्व की भर्ती प्रक्रिया के अनुरूप निर्धारित की गई है।
अब देखना होगा कि सरकार और कर्मचारी चयन मंडल अभ्यर्थियों की आपत्तियों पर क्या निर्णय लेते हैं। यदि भर्ती विज्ञापन में कोई संशोधन किया जाता है तो उससे उन उम्मीदवारों को राहत मिल सकती है, जो मौजूदा कटऑफ तारीख के कारण आयु सीमा से बाहर हो रहे हैं।
फिलहाल भर्ती प्रक्रिया निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ रही है और आयु सीमा को लेकर अभ्यर्थियों की मांग तथा विभाग के नियमों के बीच विवाद का समाधान प्रशासन के अगले निर्णय पर निर्भर करेगा।
