नागदा रेलवे लाइन वैकल्पिक एलाइनमेंट को लेकर पश्चिम रेलवे ने IHRCT के सुझावों का संज्ञान लिया। तकनीकी, भूमि लागत, सामाजिक प्रभाव और मास्टर प्लान के आधार पर विकल्पों की जांच होगी।
नागदा रेलवे लाइन पर बड़ी राहत: वैकल्पिक एलाइनमेंट की जांच करेगा पश्चिम रेलवे, IHRCT की पहल को मिली महत्वपूर्ण सफलता
दैनिक स्वराज वाणी
नागदा, 5 सितंबर 2026।
नागदा रेलवे लाइन वैकल्पिक एलाइनमेंट को लेकर शहरवासियों के लिए महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। नागदा शहर के मध्य से प्रस्तावित नई रेलवे लाइन/बाईपास के सर्वे, भूमि अधिग्रहण और इसके कारण शहर के व्यापारिक क्षेत्रों, यातायात व्यवस्था तथा भविष्य के विकास पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को लेकर भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट (IHRCT) द्वारा पश्चिम रेलवे प्रशासन के समक्ष रखे गए वैकल्पिक एलाइनमेंट के सुझाव पर महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया मिली है।
पश्चिम रेलवे ने ट्रस्ट द्वारा उठाई गई स्थानीय आपत्तियों और वैकल्पिक मार्ग के सुझाव को संज्ञान में लेते हुए इसकी तकनीकी एवं व्यावहारिक संभावनाओं की जांच किए जाने की जानकारी दी है। इसे नागदा के नागरिकों और व्यापारिक क्षेत्र के लिहाज से सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
नागदा रेलवे लाइन वैकल्पिक एलाइनमेंट की मांग क्या है?
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुनील सिंह यादव द्वारा रेलवे प्रशासन को जनहित में विस्तृत सुझाव प्रस्तुत किया गया था। इसमें आग्रह किया गया कि नागदा शहर के मध्य से रेलवे लाइन निकालने के बजाय शहर के बाहरी क्षेत्र रोहलखुर्द खुर्द की ओर वैकल्पिक एलाइनमेंट की तकनीकी संभावना पर गंभीरता से विचार किया जाए।
ट्रस्ट का कहना है कि परियोजना के क्रियान्वयन के दौरान नागदा के वर्तमान व्यापार, आवासीय क्षेत्रों, यातायात व्यवस्था और भविष्य की विकास योजनाओं पर पड़ने वाले प्रभावों को भी प्राथमिकता के साथ देखा जाना चाहिए।
पश्चिम रेलवे ने लिया सुझावों का संज्ञान
इस संबंध में पश्चिम रेलवे के मुख्य अभियंता (निर्माण)-III, चर्चगेट, मुंबई द्वारा 4 सितंबर 2026 को जारी पत्र में ट्रस्ट के सुझावों एवं स्थानीय आपत्तियों को सक्षम स्तर पर संज्ञान में लेने की जानकारी दी गई है।
पत्र के अनुसार संबंधित उप-मुख्य अभियंता (निर्माण), रतलाम द्वारा प्रस्तावित विकल्प की तकनीकी एवं व्यावहारिक शक्यता की विस्तृत जांच की जा रही है।
यह प्रतिक्रिया इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इससे नागदा रेलवे लाइन वैकल्पिक एलाइनमेंट के विकल्प पर तकनीकी स्तर पर विचार किए जाने का रास्ता खुला है।
4 प्रमुख आधारों पर होगा एलाइनमेंट का तुलनात्मक अध्ययन
रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परियोजना के अंतिम चयन से पहले विभिन्न एलाइनमेंट विकल्पों का तुलनात्मक अध्ययन किया जाएगा। इसमें मुख्य रूप से तकनीकी उपयुक्तता, भूमि अधिग्रहण लागत, सामाजिक प्रभाव और मास्टर प्लान को ध्यान में रखा जाएगा।
इसके साथ ही नागदा के व्यापार, यातायात, भविष्य के विकास और व्यापक जनहित को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेने की बात कही गई है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह यादव बोले— रेलवे विकास भी हो, नागदा का भविष्य भी सुरक्षित रहे
राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुनील सिंह यादव ने कहा—
“नागदा का विकास हम सभी की प्राथमिकता है, लेकिन विकास ऐसा होना चाहिए जिससे शहर की वर्तमान आर्थिक गतिविधियां, व्यापार, आवागमन और आम नागरिकों के हित प्रभावित न हों। हमारा उद्देश्य रेलवे परियोजना का विरोध करना नहीं, बल्कि जनहित में ऐसा वैकल्पिक मार्ग सुनिश्चित करना है जिससे रेलवे का विकास भी हो और नागदा शहर का भविष्य भी सुरक्षित रहे। पश्चिम रेलवे द्वारा हमारे सुझावों को संज्ञान में लेकर तकनीकी परीक्षण की प्रक्रिया आगे बढ़ाना सकारात्मक संकेत है। हमें उम्मीद है कि अंतिम निर्णय लेते समय नागदा की जनता के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।”
IHRCT के सभी पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से रखा पक्ष
ट्रस्ट की ओर से मालती सुनील सिंह यादव (राष्ट्रीय संस्थापक), शिवम तिवारी (राष्ट्रीय सचिव), डॉ. प्रेम कुमार वैद्य (राष्ट्रीय संयोजक), इंद्रजीत सिंह चौहान (विधिक सलाहकार), कृष्णा यादव (राष्ट्रीय अध्यक्ष, युवा विंग), साधना सेठी (राष्ट्रीय महामंत्री), अनिता दुबे (प्रदेश सचिव), सुरेन्द्र प्रकाश यादव (राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष), युवराज सिंह राठौर (हेल्पलाइन प्रभारी), रामवेश सिंह राजावत, मनीष गुप्ता, जीवनलाल जैन “चाय वाले” (मध्यप्रदेश मीडिया प्रभारी) और शोम्पा शाह चटर्जी (प्रदेश प्रवक्ता, मध्यप्रदेश) ने संयुक्त रूप से अपनी बात रखी।
पदाधिकारियों ने कहा—
“भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट सदैव जनहित के मुद्दों को संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक तरीके से संबंधित प्रशासन के समक्ष उठाता रहा है। नागदा रेलवे परियोजना को लेकर भी ट्रस्ट की मांग स्पष्ट है कि तकनीकी रूप से संभव होने पर शहर के बाहरी क्षेत्र से वैकल्पिक एलाइनमेंट को प्राथमिकता दी जाए, ताकि शहर का व्यापार, आवासीय क्षेत्र, यातायात व्यवस्था एवं भविष्य की विकास योजनाएं प्रभावित न हों।”
नागदा रेलवे लाइन वैकल्पिक एलाइनमेंट की जांच को बताया सकारात्मक
पदाधिकारियों ने कहा कि पश्चिम रेलवे द्वारा दिए गए जवाब से यह स्पष्ट है कि वैकल्पिक एलाइनमेंट के सुझावों की तकनीकी एवं व्यावहारिक जांच की जा रही है, जो नागदा के नागरिकों के लिए सकारात्मक विषय है।
ट्रस्ट ने कहा कि वह आगे भी इस विषय को तथ्यों, दस्तावेजों और जनहित के आधार पर रेलवे एवं प्रशासन के समक्ष मजबूती से रखेगा।
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट ने अपना संकल्प दोहराते हुए कहा—
“विकास भी, जनहित भी और नागदा का सुरक्षित भविष्य भी।”

