सांदीपनि विद्यालय में शिक्षक दिवस और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की धूम, विद्यार्थियों ने शिक्षकों का किया सम्मान
मनावर। सेमलदा रोड स्थित सांदीपनि विद्यालय में शिक्षक दिवस और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा, उत्साह एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय में विभिन्न शैक्षणिक, सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक कार्यक्रमों में भाग लेते हुए शिक्षकों के प्रति सम्मान एवं भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अपनी भक्ति प्रकट की। पूरे आयोजन के दौरान विद्यालय परिसर उत्सव और भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के प्राचार्य सोहन शिंदे और शिक्षकों के स्वागत एवं सम्मान के साथ हुई। विद्यार्थियों ने प्राचार्य एवं समस्त स्टाफ को पुष्पहार पहनाकर तथा पुष्प भेंट करके उनके प्रति आभार व्यक्त किया। विद्यार्थियों ने कहा कि शिक्षक न केवल उन्हें पाठ्यक्रम का ज्ञान देते हैं, बल्कि जीवन में अनुशासन, संस्कार और सफलता का मार्ग भी दिखाते हैं।
विद्यार्थियों ने शिक्षकों का किया सम्मान
शिक्षक दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों ने अपने गुरुजनों के सम्मान में विभिन्न प्रस्तुतियां दीं। विद्यार्थियों ने भाषण, कविता और विचारों के माध्यम से जीवन में शिक्षकों की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि शिक्षक विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचानकर उसे उचित दिशा देते हैं और कठिन परिस्थितियों का सामना करने के लिए तैयार करते हैं।
कार्यक्रम में अतिथि के रूप में पत्रकार रिजवान शाह मनावर और कलीम खान सिंघाना शामिल हुए। दोनों अतिथियों ने विद्यालय के शिक्षकों को उपहार प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने प्राचार्य सोहन शिंदे एवं विद्यालय परिवार को शिक्षक दिवस और जन्माष्टमी पर्व की शुभकामनाएं दीं।
शिक्षा और शिक्षक का महत्व बताया
पत्रकार रिजवान शाह और कलीम खान ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए शिक्षा और शिक्षकों की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाती है और उसे समाज तथा राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का बोध कराती है।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपने शिक्षकों का हमेशा सम्मान करने, नियमित रूप से अध्ययन करने और विद्यालय की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। अतिथियों ने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। गुरु के मार्गदर्शन और विद्यार्थी की मेहनत से ही जीवन में सफलता प्राप्त की जा सकती है।
प्राचार्य सोहन शिंदे ने बताया शिक्षक दिवस का महत्व
विद्यालय के प्राचार्य सोहन शिंदे ने बच्चों को शिक्षक दिवस के इतिहास और महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि देश के पूर्व राष्ट्रपति, महान शिक्षाविद और भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के उपलक्ष्य में प्रतिवर्ष 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है।
उन्होंने विद्यार्थियों को डॉ. राधाकृष्णन के जीवन, विचारों और शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए योगदान से परिचित कराया। प्राचार्य ने कहा कि शिक्षक दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि उन गुरुजनों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है, जो विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने के लिए निरंतर कार्य करते हैं।
शिक्षा के साथ अन्य गतिविधियां भी जरूरी
प्राचार्य सोहन शिंदे ने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रम, कला, संगीत और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियां विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और रचनात्मक सोच को विकसित करती हैं।
उन्होंने बच्चों से कहा कि वे अपने माता-पिता और शिक्षकों के मार्गदर्शन का पालन करें। जीवन में अनुशासन, समय की पाबंदी, नियमित अध्ययन और अच्छे संस्कारों को अपनाएं। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान बनाए रखने और विद्यालय की गरिमा बढ़ाने की प्रेरणा दी।
जन्माष्टमी पर आयोजित हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम
शिक्षक दिवस के साथ विद्यालय में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व भी धूमधाम से मनाया गया। विद्यार्थियों ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और बाल लीलाओं पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के लिए विद्यालय परिसर को आकर्षक तरीके से सजाया गया था।
विद्यार्थियों ने राधा-कृष्ण की वेशभूषा धारण कर मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। नन्हे बच्चों का बाल गोपाल और राधा के रूप में सजा स्वरूप आकर्षण का केंद्र रहा। विद्यार्थियों ने भजन, नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के जीवन संदेश को मंच पर जीवंत किया।
श्रीकृष्ण के जीवन से प्रेरणा लेने का संदे
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और श्रीमद्भगवद्गीता में दिए गए कर्मयोग के संदेश के बारे में भी बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें कठिन परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने, सत्य के मार्ग पर चलने और अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करने की प्रेरणा देता है।
विद्यार्थियों से श्रीकृष्ण के जीवन से मित्रता, प्रेम, करुणा, साहस और कर्म की शिक्षा ग्रहण करने का आह्वान किया गया। शिक्षकों ने बताया कि त्योहार केवल उत्सव मनाने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि इनके पीछे छिपे नैतिक और सामाजिक संदेशों को जीवन में अपनाना भी जरूरी है।
स्टाफ और विद्यार्थियों की रही सहभागिता
शिक्षक दिवस एवं जन्माष्टमी के संयुक्त आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। विद्यार्थियों ने पूरी लगन एवं उत्साह के साथ प्रस्तुतियों की तैयारी की।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्राचार्य सोहन शिंदे, पत्रकार रिजवान शाह, कलीम खान, विद्यालय का समस्त स्टाफ और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
