मध्यप्रदेश के स्कूल-कॉलेजों में गूंजेगी ‘भारत माता की आरती’, अखिल आर्यावर्त संघ ने शुरू किया अभियान
भोपाल/विदिशा। नई पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम, सांस्कृतिक चेतना और मातृभूमि के प्रति सम्मान की भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अखिल आर्यावर्त संघ ने मध्यप्रदेश में एक व्यापक अभियान शुरू करने की घोषणा की है। संघ के अंतर्राष्ट्रीय विद्यार्थी परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष राजकुमार विश्वकर्मा के आह्वान पर प्रदेश के शासकीय एवं निजी विद्यालयों तथा महाविद्यालयों में ‘भारत माता की भव्य आरती’ आयोजित करने की पहल की जा रही है।
संघ के पदाधिकारियों के अनुसार अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों और युवाओं को देश की सांस्कृतिक विरासत, राष्ट्रीय अस्मिता और भारतीय परंपराओं से जोड़ना है। इसके तहत शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों की सहभागिता से भारत माता की आरती एवं राष्ट्रप्रेम से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाने की योजना है।
शिक्षण संस्थानों को जोड़ने की तैयारी
अभियान के तहत महानगरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों और महाविद्यालयों को भी जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। संघ की योजना प्राथमिक विद्यालयों से लेकर माध्यमिक, हाई स्कूल, हायर सेकेंडरी स्कूल और उच्च शिक्षा संस्थानों तक अभियान को पहुंचाने की है।
संघ के मुताबिक स्कूलों और कॉलेजों में प्रार्थना सभा अथवा विशेष अवसरों पर भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर सामूहिक आरती का आयोजन किया जा सकता है। शनिवार या राष्ट्रीय पर्व जैसे विशेष अवसरों पर भी विद्यार्थियों की सहभागिता से कार्यक्रम आयोजित करने की रूपरेखा बताई गई है।
संस्कृति और संस्कार पर भी जोर
अभियान को केवल आरती तक सीमित न रखते हुए विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और देश के गौरवशाली इतिहास से परिचित कराने के लिए बौद्धिक एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही गई है।
इन कार्यक्रमों में स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान, भारतीय संस्कृति के मूल्यों, राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका और सामाजिक जिम्मेदारियों जैसे विषयों पर चर्चा किए जाने का प्रस्ताव है। संघ का मानना है कि शिक्षा के साथ संस्कार और राष्ट्रीय चेतना का विकास युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
युवाओं में उत्साह का दावा
प्रांतीय अध्यक्ष राजकुमार विश्वकर्मा के आह्वान के बाद विभिन्न स्थानों पर युवाओं और कार्यकर्ताओं द्वारा अभियान की तैयारियां शुरू किए जाने की जानकारी संघ की ओर से दी गई है। संघ पदाधिकारियों का कहना है कि छात्र-छात्राओं, युवा समूहों और शिक्षण संस्थानों के स्तर पर अभियान को लेकर उत्साह देखने को मिल रहा है।
स्थानीय स्तर पर बैठकें आयोजित कर अधिक से अधिक विद्यालयों एवं महाविद्यालयों को अभियान से जोड़ने की रणनीति तैयार की जा रही है।
राजकुमार विश्वकर्मा ने बताई अभियान की मंशा
अभियान को लेकर प्रांतीय अध्यक्ष राजकुमार विश्वकर्मा ने कहा कि भारत केवल भौगोलिक सीमा नहीं, बल्कि भारतीयों के लिए मातृभूमि और भावनात्मक पहचान का केंद्र है। उनके अनुसार युवाओं को देश, संस्कृति और समाज के प्रति जिम्मेदार बनाने के लिए ऐसे कार्यक्रम उपयोगी हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों की सहभागिता से राष्ट्रसेवा, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा। उनका कहना है कि युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों और देश की परंपराओं से जोड़ना अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।
स्कूल-कॉलेज प्रबंधन से सहभागिता की अपील
अखिल आर्यावर्त संघ के प्रांतीय नेतृत्व, जिला संयोजकों और कार्यकर्ताओं ने प्रदेश के शासकीय एवं निजी विद्यालयों तथा महाविद्यालयों के प्राचार्यों, प्रबंधकों, शिक्षकों और प्रबुद्ध नागरिकों से अभियान में सहयोग की अपील की है।
संघ की ओर से कहा गया है कि शिक्षण संस्थानों में आयोजित कार्यक्रम विद्यार्थियों को देश की संस्कृति और राष्ट्रीय मूल्यों से परिचित कराने का माध्यम बन सकते हैं। साथ ही संस्थानों में कार्यक्रमों के आयोजन के दौरान स्थानीय प्रशासन और संबंधित संस्थान के नियमों एवं अनुमति प्रक्रियाओं का पालन करने पर भी जोर दिया जाना चाहिए।
राष्ट्रप्रेम और सांस्कृतिक चेतना का संदेश
अखिल आर्यावर्त संघ का कहना है कि अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, एकता, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है। संघ के अनुसार शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और सामाजिक चेतना का निर्माण भी उसका महत्वपूर्ण हिस्सा है।
अभियान के आयोजकों का मानना है कि यदि शिक्षण संस्थानों, विद्यार्थियों, शिक्षकों और समाज की व्यापक सहभागिता होती है तो यह पहल प्रदेश में सांस्कृतिक एवं राष्ट्रप्रेम से जुड़े कार्यक्रमों के विस्तार का माध्यम बन सकती है।
फिलहाल संघ द्वारा अभियान को प्रदेश के विभिन्न जिलों और शिक्षण संस्थानों तक पहुंचाने की तैयारियां की जा रही हैं। आने वाले दिनों में स्थानीय स्तर पर कार्यक्रमों की रूपरेखा और सहभागिता को लेकर गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है।
