7th Pay Commission: 64% तक पहुंच सकता है DA, केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में होगी इतनी बढ़ोतरी
नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए महंगाई भत्ते से जुड़ा महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। जुलाई 2026 का अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक-औद्योगिक श्रमिक यानी AICPI-IW जारी होने के बाद महंगाई भत्ता 64 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि, केंद्र सरकार ने जुलाई 2026 से लागू होने वाली नई DA और DR दर की अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
श्रम ब्यूरो के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2026 में AICPI-IW सूचकांक 1.3 अंक बढ़कर 153.2 अंक पर पहुंच गया। उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर की जा रही गणना में DA की दर लगभग 64.38 प्रतिशत निकलने का दावा किया जा रहा है। यदि सरकार इसे 64 प्रतिशत निर्धारित करती है तो वर्तमान 60 प्रतिशत दर के मुकाबले कर्मचारियों और पेंशनधारकों को चार प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी का लाभ मिलेगा। श्रम ब्यूरो ने जुलाई का AICPI-IW 153.2 दर्ज किया है।
अभी आधिकारिक घोषणा होना बाकी
केंद्र सरकार सामान्यतः साल में दो बार केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते और पेंशनधारकों की महंगाई राहत में संशोधन करती है। पहला संशोधन जनवरी और दूसरा जुलाई से प्रभावी माना जाता है। इसकी औपचारिक घोषणा कुछ समय बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के साथ की जाती है।
जुलाई 2026 से लागू होने वाले संशोधन की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है। ऐसे में 64 प्रतिशत DA को फिलहाल अनुमान के रूप में ही देखा जाना चाहिए। अंतिम दर सरकार द्वारा जारी आदेश के बाद ही स्पष्ट होगी। वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने जनवरी 2026 से प्रभावी DA संशोधन का आदेश 22 अप्रैल 2026 को जारी किया था। व्यय विभाग की आधिकारिक DA आदेश सूची में जुलाई 2026 की नई दर का आदेश अभी सूचीबद्ध नहीं है।
कैसे निर्धारित होता है महंगाई भत्ता?
केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते की गणना श्रम ब्यूरो द्वारा जारी AICPI-IW आंकड़ों के आधार पर होती है। इसके लिए पिछले 12 महीनों के सूचकांक का औसत लेकर सातवें वेतन आयोग से संबंधित निर्धारित फॉर्मूले में रखा जाता है।
इस गणना से प्राप्त आंकड़े के आधार पर महंगाई भत्ते की संभावित दर तय होती है। अंतिम निर्णय केंद्र सरकार द्वारा लिया जाता है। DA सरकारी कर्मचारियों को महंगाई के प्रभाव से राहत देने के लिए मिलता है, जबकि पेंशनधारकों को यही लाभ महंगाई राहत यानी DR के रूप में दिया जाता है।
64% DA होने पर कितना बढ़ेगा वेतन?
यदि वर्तमान 60 प्रतिशत DA को बढ़ाकर 64 प्रतिशत किया जाता है तो कर्मचारी को उसकी बेसिक सैलरी के चार प्रतिशत के बराबर अतिरिक्त राशि प्राप्त होगी। यह बढ़ोतरी केवल मूल वेतन पर लागू DA के अंतर की गणना है।
उदाहरण के तौर पर, लेवल-1 के किसी कर्मचारी का मूल वेतन 18,000 रुपये है। वर्तमान 60 प्रतिशत दर से उसे 10,800 रुपये महंगाई भत्ता मिलता है। DA बढ़कर 64 प्रतिशत होने पर यह राशि 11,520 रुपये हो जाएगी।
इस तरह कर्मचारी को हर महीने 720 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। सालाना आधार पर यह लाभ 8,640 रुपये होगा। इसमें संभावित एरियर शामिल नहीं है।
अलग-अलग बेसिक पे पर संभावित लाभ
चार प्रतिशत अंक की संभावित बढ़ोतरी के अनुसार कर्मचारियों को मिलने वाला मासिक अतिरिक्त लाभ इस प्रकार हो सकता है:
- ₹18,000 बेसिक पे पर अतिरिक्त DA: ₹720 प्रतिमाह
- ₹29,200 बेसिक पे पर अतिरिक्त DA: ₹1,168 प्रतिमाह
- ₹35,400 बेसिक पे पर अतिरिक्त DA: ₹1,416 प्रतिमाह
- ₹44,900 बेसिक पे पर अतिरिक्त DA: ₹1,796 प्रतिमाह
- ₹56,100 बेसिक पे पर अतिरिक्त DA: ₹2,244 प्रतिमाह
यह गणना केवल मूल वेतन पर चार प्रतिशत अतिरिक्त DA के आधार पर की गई है। कर्मचारी की कुल सैलरी में वास्तविक बदलाव उसके पे लेवल, अन्य भत्तों, कटौतियों और लागू सेवा नियमों के अनुसार अलग हो सकता है।
लेवल-7 कर्मचारी को मिलेगा ₹1,796 का लाभ
अगर किसी लेवल-7 कर्मचारी का मूल वेतन 44,900 रुपये है तो 60 प्रतिशत DA की दर से उसे 26,940 रुपये मिलते हैं। 64 प्रतिशत की दर लागू होने पर महंगाई भत्ता बढ़कर 28,736 रुपये हो जाएगा।
इस प्रकार कर्मचारी को हर महीने 1,796 रुपये और सालभर में 21,552 रुपये का अतिरिक्त लाभ हो सकता है। इसी तरह पेंशनधारकों की महंगाई राहत में भी मूल पेंशन के अनुपात में वृद्धि होगी।
एरियर भी मिल सकता है
अगर नई दर जुलाई 2026 से प्रभावी की जाती है और घोषणा कुछ महीने बाद होती है तो पात्र कर्मचारियों एवं पेंशनधारकों को लागू तिथि से घोषणा तक का अंतर एरियर के रूप में दिया जा सकता है। एरियर के भुगतान की प्रक्रिया और समय सरकार के आधिकारिक आदेश में स्पष्ट किए जाएंगे।
कर्मचारियों को सलाह है कि वे DA बढ़ोतरी से संबंधित किसी वायरल संदेश या अपुष्ट रिपोर्ट के बजाय केंद्र सरकार, वित्त मंत्रालय अथवा व्यय विभाग के आधिकारिक आदेश पर ही भरोसा करें। सरकार की मंजूरी और अधिसूचना जारी होने तक 64 प्रतिशत की दर को संभावित अनुमान ही माना जाएगा।
