MP Rolling Budget: मध्यप्रदेश में 8 सितंबर से शुरू होगी विभागवार बजट चर्चा, अगले दो वर्षों के रोलिंग बजट की भी तैयारी
भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने आगामी वित्तीय वर्षों के लिए बजट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वित्त विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के पुनरीक्षित अनुमान, वित्तीय वर्ष 2027-28 के बजट अनुमान तथा वित्तीय वर्ष 2028-29 और 2029-30 के रोलिंग बजट की तैयारी के लिए विभागवार बैठकों का कार्यक्रम जारी किया है। बजट चर्चा का पहला चरण 8 सितंबर 2026 से प्रारंभ होगा।
वित्त विभाग की ओर से जारी समय-सारणी के अनुसार, अलग-अलग विभागों के अधिकारियों के साथ निर्धारित तिथि और समय पर बजट से संबंधित चर्चा की जाएगी। इसमें विभागों के वर्तमान वित्तीय प्रदर्शन, स्वीकृत बजट के उपयोग, आगामी योजनाओं और भविष्य में आवश्यक धनराशि के प्रस्तावों की समीक्षा की जाएगी।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के खर्च की होगी समीक्षा
बजट बैठकों में सबसे पहले चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के पुनरीक्षित अनुमानों पर चर्चा होगी। इसके तहत यह देखा जाएगा कि विभिन्न विभागों को बजट में कितनी राशि स्वीकृत की गई थी और अब तक उसमें से कितनी राशि खर्च हुई है।
विभागों से वित्तीय वर्ष के शेष महीनों में संभावित खर्च की जानकारी भी मांगी जाएगी। यदि किसी योजना में निर्धारित राशि से अधिक या कम खर्च होने की संभावना है तो उसका संशोधित अनुमान प्रस्तुत करना होगा। इसके आधार पर वित्त विभाग पुनरीक्षित बजट तैयार करेगा।
वित्त विभाग का प्रयास रहेगा कि स्वीकृत राशि का सही उपयोग हो और ऐसे मदों की पहचान की जाए, जिनमें खर्च अनुमान से कम या अधिक हो रहा है। इससे राज्य की वित्तीय व्यवस्था को संतुलित रखने में सहायता मिलेगी।
वर्ष 2027-28 के बजट प्रस्तावों पर होगी चर्चा
बैठकों के दौरान वित्तीय वर्ष 2027-28 के बजट अनुमानों पर भी विचार किया जाएगा। विभागों को अपने प्रस्तावों में वर्तमान योजनाओं, निर्माण कार्यों, प्रशासनिक खर्च, कर्मचारियों से संबंधित व्यय और प्रस्तावित नई योजनाओं की जानकारी देनी होगी।
विभागों द्वारा प्रस्तुत मांगों का वित्तीय स्थिति और प्राथमिकताओं के आधार पर परीक्षण किया जाएगा। आवश्यक योजनाओं के लिए धनराशि निर्धारित करने से पहले उनकी उपयोगिता, प्रगति और संभावित परिणामों का भी आकलन किया जाएगा।
इस प्रक्रिया का उद्देश्य बजट तैयार करते समय विभागों की वास्तविक आवश्यकताओं को समझना और उपलब्ध संसाधनों का प्राथमिकता के अनुसार वितरण करना है।
अगले दो वर्षों के लिए बनेगा रोलिंग बजट
मध्यप्रदेश सरकार वित्तीय वर्ष 2028-29 और 2029-30 के लिए रोलिंग बजट भी तैयार करेगी। रोलिंग बजट के माध्यम से सरकार वर्तमान वित्तीय वर्ष के साथ आने वाले वर्षों की संभावित आय और व्यय का अनुमान तैयार करती है।
इससे लंबी अवधि की परियोजनाओं, अधोसंरचना विकास और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए आवश्यक धनराशि का पहले से आकलन किया जा सकेगा। यह व्यवस्था सरकार को मध्यम अवधि की वित्तीय योजना बनाने और विभागों की भविष्य की जरूरतों का अनुमान लगाने में सहायता करेगी।
रोलिंग बजट अंतिम स्वीकृत बजट नहीं होता, बल्कि आगामी वर्षों के लिए एक वित्तीय रूपरेखा के रूप में तैयार किया जाता है। परिस्थितियों, उपलब्ध संसाधनों और योजनाओं की प्रगति के आधार पर इसमें आवश्यक बदलाव किए जा सकते हैं।
विभागाध्यक्ष और वरिष्ठ अधिकारी होंगे शामिल
वित्त विभाग ने 6 अगस्त और 12 अगस्त 2026 को जारी परिपत्रों के आधार पर बजट चर्चा की प्रक्रिया निर्धारित की है। बैठकों में संबंधित विभागों के विभागाध्यक्ष, अपर सचिव और उप सचिव स्तर के अधिकारी हिस्सा लेंगे।
संबंधित विभाग के वित्तीय सलाहकार अथवा वित्त अधिकारी को भी बैठक में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। बजट पर चर्चा संबंधित बजट शाखा के अपर सचिव या उप सचिव के कक्ष में निर्धारित तिथि और समय पर होगी।
अधिकारियों को अपने विभाग से संबंधित वित्तीय आंकड़ों, योजनाओं की प्रगति और आगामी बजट प्रस्तावों के साथ बैठक में उपस्थित होना होगा। इससे बजट प्रस्तावों पर तथ्यात्मक और विस्तृत चर्चा की जा सकेगी।
BEMS पोर्टल पर जानकारी दर्ज करना अनिवार्य
वित्त विभाग ने सभी संबंधित विभागों को बजट चर्चा से कम से कम तीन दिन पहले आवश्यक जानकारी BEMS पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। समय पर जानकारी दर्ज नहीं होने की स्थिति में बजट प्रस्तावों की समीक्षा प्रभावित हो सकती है।
पोर्टल पर विभागों को स्वीकृत बजट, व्यय की स्थिति, पुनरीक्षित अनुमान, अगले वित्तीय वर्ष की मांग और रोलिंग बजट से संबंधित विवरण दर्ज करना होगा। इससे वित्त विभाग को बैठक से पहले प्रस्तावों का अध्ययन करने का पर्याप्त समय मिल सकेगा।
इसके साथ ही विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि पोर्टल पर दर्ज जानकारी पूरी, सही और अद्यतन हो। बैठक में प्रस्तुत किए जाने वाले आंकड़ों और पोर्टल पर अपलोड किए गए विवरण में समानता बनाए रखना भी आवश्यक होगा।
चरणबद्ध तरीके से पूरी होगी बजट प्रक्रिया
विभागवार बजट चर्चा के पहले चरण के बाद प्राप्त प्रस्तावों और आंकड़ों की वित्त विभाग द्वारा समीक्षा की जाएगी। जरूरत पड़ने पर विभागों से अतिरिक्त जानकारी अथवा स्पष्टीकरण भी मांगा जा सकता है। इसके बाद आगामी बजट की प्राथमिकताओं और वित्तीय प्रावधानों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
बजट तैयार करने की इस कवायद में चालू वित्तीय वर्ष के खर्च की समीक्षा के साथ अगले तीन वर्षों की वित्तीय जरूरतों का आकलन किया जाएगा। इससे सरकार को विकास योजनाओं, प्रशासनिक खर्च और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के लिए चरणबद्ध तरीके से संसाधन उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।
