कन्या रत्न के जन्म पर मां भगवती के चरणों में आस्था, अधिवक्ता प्रिंस मंडलोई ने शुरू की 225 किमी पैदल यात्रा
धार। मां भगवती के प्रति आस्था और श्रद्धा का अनूठा उदाहरण सामने आया है। कन्या रत्न के जन्म पर प्रसन्न होकर अधिवक्ता श्री प्रिंस मंडलोई ने मां भगवती पावागढ़ वाली के श्रीचरणों में नमन करने का संकल्प लिया। इसी संकल्प के तहत उन्होंने स्थानीय मां चामुंडा मंदिर में विधि-विधान से पूजन-पाठ और आरती की तथा प्रसाद प्राप्त करने के बाद करीब 225 किलोमीटर की पैदल यात्रा शुरू की।
अधिवक्ता प्रिंस मंडलोई की इस धार्मिक यात्रा को लेकर परिवार और परिचितों में उत्साह का माहौल है। यात्रा शुरू करने से पहले उन्होंने स्थानीय मां चामुंडा मंदिर पहुंचकर माता की पूजा-अर्चना की और मां भगवती का आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद पैदल यात्रा का शुभारंभ किया गया।
जिला पंचायत सदस्य ने दिखाई हरी झंडी
अधिवक्ता प्रिंस मंडलोई की धार्मिक यात्रा को रवाना करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य एवं विविधता समिति अध्यक्ष, जिला पंचायत धार श्री गणेश जर्मन ने हरी झंडी दिखाकर उन्हें यात्रा के लिए रवाना किया।
इस दौरान उपस्थित लोगों ने अधिवक्ता मंडलोई का उत्साहवर्धन किया और उनकी यात्रा के सफल एवं मंगलमय होने की कामना की। हरी झंडी दिखाए जाने के बाद प्रिंस मंडलोई ने मां भगवती का स्मरण करते हुए पैदल यात्रा प्रारंभ की।
परिवार और इष्ट मित्र रहे मौजूद
यात्रा के शुभारंभ के अवसर पर अधिवक्ता प्रिंस मंडलोई के माता-पिता और परिवार के सभी सदस्य मौजूद रहे। उनके इष्ट मित्रों ने भी कार्यक्रम में शामिल होकर उनका उत्साह बढ़ाया।
परिवार के लिए कन्या रत्न का जन्म खुशी और आशीर्वाद का अवसर बना है। इसी खुशी को धार्मिक आस्था से जोड़ते हुए प्रिंस मंडलोई ने मां भगवती के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करने के लिए यह पैदल यात्रा शुरू की है।

मां चामुंडा मंदिर में लिया आशीर्वाद
यात्रा शुरू करने से पहले अधिवक्ता प्रिंस मंडलोई ने स्थानीय मां चामुंडा मंदिर में पूजा-पाठ और आरती की। उन्होंने मंदिर के पुजारी एवं मां चामुंडा के अनन्य भक्त रामदास जी उदासी का आशीर्वाद और स्नेह भी प्राप्त किया।
रामदास जी उदासी के आशीर्वाद के बाद प्रिंस मंडलोई ने मां भगवती का नाम लेकर अपनी यात्रा प्रारंभ की। धार्मिक मान्यताओं और व्यक्तिगत श्रद्धा से जुड़ी इस यात्रा को लेकर मंदिर परिसर में भी भक्तिमय वातावरण देखने को मिला।
आस्था और संकल्प का संदेश
करीब 225 किलोमीटर की पैदल यात्रा अपने आप में कठिन और चुनौतीपूर्ण मानी जाती है। इसके बावजूद अधिवक्ता प्रिंस मंडलोई ने श्रद्धा और संकल्प के साथ यह यात्रा शुरू की है। उनका उद्देश्य मां भगवती पावागढ़ वाली के श्रीचरणों में पहुंचकर नमन करना और कन्या रत्न के जन्म की खुशी में माता का आशीर्वाद प्राप्त करना है।
इस अवसर पर मौजूद लोगों ने कहा कि धार्मिक आस्था के साथ किसी संकल्प को पूरा करने की भावना समाज में सकारात्मक संदेश देती है। यात्रा के दौरान परिवार और शुभचिंतकों का सहयोग भी उनके लिए महत्वपूर्ण रहेगा।
अधिवक्ता प्रिंस मंडलोई की यह पैदल यात्रा कन्या रत्न के जन्म की खुशी, माता के प्रति श्रद्धा और पारिवारिक आस्था का प्रतीक बन गई है। यात्रा के शुभारंभ अवसर पर उपस्थित लोगों ने उनके सुरक्षित और सफल यात्रा की कामना की तथा मां भगवती से परिवार पर सदैव अपनी कृपा बनाए रखने की प्रार्थना की।
