शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए भरत जांचपूरे को मिलेगा राष्ट्रीय गौरव सम्मान 2026
संवाददाता : कौशिक पंडित
Manawar /धार। शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान और नवाचारपूर्ण शैक्षणिक प्रयासों के लिए मनावर के पूर्व विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं वर्तमान में बुरहानपुर जिले में सहायक आयुक्त के पद पर पदस्थ श्री भरत जांचपूरे का चयन 13वें राष्ट्रीय गौरव सम्मान-2026 के लिए किया गया है। उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान 6 सितंबर 2026 को उज्जैन में आयोजित समारोह में प्रदान किया जाएगा।
भरत जांचपूरे के चयन की खबर सामने आने के बाद शिक्षा जगत, अधिकारियों, कर्मचारियों, सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों और क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल है। मनावर क्षेत्र के लोगों ने इसे क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताते हुए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
शिक्षा में गुणवत्ता सुधार और नवाचार के लिए सम्मान
भरत जांचपूरे को यह सम्मान शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, शैक्षणिक नवाचारों को बढ़ावा देने और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए गए प्रयासों के आधार पर दिया जा रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में उनके कार्यों के दौरान प्रभावी शैक्षणिक गतिविधियों को प्रोत्साहन देने के साथ शिक्षकों के साथ सहयोगात्मक और प्रेरणादायी नेतृत्व पर भी विशेष जोर रहा।
आयोजक समिति के अनुसार, विद्यार्थियों के लिए सकारात्मक और रचनात्मक शैक्षणिक वातावरण तैयार करने तथा विभिन्न शैक्षणिक एवं नवाचार गतिविधियों को बढ़ावा देने में जांचपूरे के योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।
उनके कार्यों में केवल पारंपरिक शिक्षा तक सीमित रहने के बजाय विद्यार्थियों की प्रतिभा और रुचियों को विकसित करने पर भी जोर दिया गया। यही कारण है कि उनके योगदान को राष्ट्रीय गौरव सम्मान के लिए चयन के योग्य माना गया।
खेलकूद और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर जोर
भरत जांचपूरे के चयन में शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद को बढ़ावा देने में उनकी भूमिका को भी महत्वपूर्ण माना गया है। विद्यार्थियों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए खेल गतिविधियों को शिक्षा का अहम हिस्सा मानते हुए उन्होंने बच्चों में टीम भावना, अनुशासन और आत्मविश्वास विकसित करने पर जोर दिया।
विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें विभिन्न गतिविधियों में भाग लेने के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी प्रयास किए गए। खेल और शैक्षणिक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों के व्यक्तित्व विकास को बढ़ावा देने की कोशिश उनके कार्यों की प्रमुख विशेषताओं में शामिल रही।
वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा
आयोजक समिति के अनुसार, विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने और नवाचार गतिविधियों को प्रोत्साहित करने में भी भरत जांचपूरे का योगदान रहा है। बच्चों को नई चीजें सीखने, प्रयोग करने और अपनी रचनात्मक क्षमता का प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करना उनके शैक्षणिक दृष्टिकोण का हिस्सा रहा।
वर्तमान समय में शिक्षा व्यवस्था में केवल पाठ्यक्रम पूरा करना पर्याप्त नहीं माना जाता। विद्यार्थियों में तर्कशक्ति, रचनात्मकता, समस्या समाधान की क्षमता और आत्मविश्वास विकसित करना भी जरूरी है। इसी दिशा में किए गए प्रयासों को उनके सम्मान का महत्वपूर्ण आधार बताया गया है।
6 सितंबर को उज्जैन में होगा सम्मान समारोह
भरत जांचपूरे को राष्ट्रीय गौरव सम्मान-2026 से सम्मानित करने के लिए 6 सितंबर 2026 को उज्जैन में विशेष समारोह आयोजित किया जाएगा। समारोह रामरखा गौतम सभागृह, भरतपुरी प्रशासनिक क्षेत्र में आयोजित होने की जानकारी दी गई है।
समारोह में चयनित शिक्षाविदों और शिक्षा अधिकारियों को सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रेरणा स्रोत के रूप में मौजूद रहेंगे। इसके अलावा शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े विभिन्न गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति भी रहेगी।
राष्ट्रीय स्तर के इस सम्मान समारोह में भरत जांचपूरे को सम्मान मिलना उनके लिए व्यक्तिगत उपलब्धि के साथ-साथ मनावर और धार क्षेत्र के लिए भी गौरव का अवसर माना जा रहा है।
Manawar से बुरहानपुर तक शिक्षा क्षेत्र में योगदान
भरत जांचपूरे मनावर में विकासखंड शिक्षा अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वर्तमान में वे बुरहानपुर जिले में सहायक आयुक्त के पद पर कार्यरत हैं। अलग-अलग प्रशासनिक और शैक्षणिक जिम्मेदारियों के दौरान शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने तथा विद्यार्थियों के हित में प्रभावी कार्य करने पर उनका जोर रहा है।
मनावर क्षेत्र में उनके कार्यकाल को लेकर स्थानीय शिक्षा जगत और नागरिकों में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। राष्ट्रीय सम्मान के लिए चयन की खबर सामने आने के बाद क्षेत्र के शिक्षकों, अधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसे उनके कार्यों की बड़ी उपलब्धि बताया है।
क्षेत्रवासियों में हर्ष का माहौल
भरत जांचपूरे के राष्ट्रीय गौरव सम्मान के लिए चयनित होने की जानकारी के बाद मनावर तहसील के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया से जुड़े पत्रकारों सहित उनके स्नेहीजनों, अधिकारी-कर्मचारियों और गणमान्य नागरिकों ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि शिक्षा के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलना मनावर के लिए गर्व की बात है। इस उपलब्धि से क्षेत्र के अन्य शिक्षा अधिकारियों और शिक्षकों को भी बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी।
शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा
भरत जांचपूरे का सम्मान केवल एक अधिकारी की उपलब्धि के रूप में नहीं देखा जा रहा, बल्कि इसे शिक्षा के क्षेत्र में समर्पण और नवाचार को प्रोत्साहित करने वाले सम्मान के रूप में भी देखा जा रहा है। शिक्षकों के साथ सहयोगात्मक नेतृत्व और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में किए गए प्रयास यह संदेश देते हैं कि शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव के लिए प्रशासनिक भूमिका के साथ-साथ संवेदनशील और रचनात्मक दृष्टिकोण भी जरूरी है।
विद्यार्थियों के भीतर आत्मविश्वास विकसित करना, उन्हें खेलकूद और वैज्ञानिक गतिविधियों से जोड़ना तथा बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना वर्तमान शिक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण जरूरत है। इस दिशा में किए गए प्रयासों को राष्ट्रीय मंच पर पहचान मिलना निश्चित रूप से शिक्षा जगत के लिए उत्साहवर्धक है।
Manawar के लिए गौरव का अवसर
राष्ट्रीय गौरव सम्मान-2026 के लिए भरत जांचपूरे का चयन मनावर और धार जिले के लिए गौरवपूर्ण अवसर माना जा रहा है। एक ओर जहां यह सम्मान उनके व्यक्तिगत कार्यों और उपलब्धियों को राष्ट्रीय पहचान देगा, वहीं दूसरी ओर क्षेत्र के शिक्षा जगत का भी सम्मान बढ़ाएगा।
अब सभी की नजरें 6 सितंबर को उज्जैन में आयोजित होने वाले सम्मान समारोह पर हैं, जहां भरत जांचपूरे को राष्ट्रीय गौरव सम्मान से सम्मानित किया जाएगा।
शिक्षा में गुणवत्ता सुधार, नवाचार, खेलकूद, वैज्ञानिक गतिविधियों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए गए प्रयासों के चलते मिला यह सम्मान आने वाले समय में भी उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में नए और प्रभावी कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा। क्षेत्रवासियों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त किया है।
