MP में बारिश-बाढ़ से बिगड़े हालात: श्योपुर में गुप्तेश्वर मंदिर डूबा, कई बांध ओवरफ्लो; 6 जिलों में स्कूल बंद
MP में लगातार हो रही बारिश के कारण कई जिलों में हालात गंभीर हो गए हैं। तेज बारिश के बाद नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जबकि कई बांधों और जलाशयों में पानी लगातार बढ़ने से उनके गेट खोलने पड़ रहे हैं। श्योपुर में अमराल नदी उफान पर है और यहां स्थित प्रसिद्ध गुप्तेश्वर मंदिर पानी में डूब गया है। वहीं मंडला में नर्मदा नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है।
प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश और जलभराव को देखते हुए प्रशासन ने कई इलाकों में एहतियाती कदम उठाए हैं। बारिश और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए 6 जिलों में स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है। प्रशासन की ओर से लोगों से नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की जा रही है।
श्योपुर में अमराल नदी उफान पर, गुप्तेश्वर मंदिर डूबा
श्योपुर जिले में लगातार बारिश के बाद अमराल नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। नदी के उफान पर आने से आसपास के इलाकों में पानी का दबाव बढ़ गया है। इसी बीच श्योपुर का प्रसिद्ध गुप्तेश्वर मंदिर पानी में डूब गया है।
मंदिर के आसपास पानी पहुंचने के बाद स्थानीय प्रशासन और राहत दल स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण लोगों को नदी किनारे जाने से बचने की सलाह दी गई है।
बारिश का असर जिले के कई अन्य निचले इलाकों में भी दिखाई दे रहा है। प्रशासन की टीमें जलभराव वाले क्षेत्रों की निगरानी कर रही हैं और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।
आवदा और हरसी डैम ओवरफ्लो
लगातार बारिश के चलते प्रदेश के कई बांधों में पानी की आवक बढ़ गई है। श्योपुर का आवदा डैम और हरसी डैम ओवरफ्लो की स्थिति में पहुंच गए हैं। जलाशयों में पानी लगातार बढ़ने के कारण अतिरिक्त पानी की निकासी की जा रही है।
डैम के गेट खोले जाने के बाद संबंधित नदियों और जलधाराओं में पानी का बहाव बढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
जल संसाधन विभाग और स्थानीय प्रशासन लगातार जलस्तर की निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों की नजर बांधों में आने वाले पानी और जल निकासी की स्थिति पर बनी हुई है।
मड़ीखेड़ा के 4 और सुजारा के 8 गेट खुले
भारी बारिश के कारण जलाशयों में बढ़ते जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए मड़ीखेड़ा डैम के 4 गेट और सुजारा डैम के 8 गेट खोल दिए गए हैं। इन गेटों से पानी की निकासी की जा रही है।
डैम के गेट खुलने के बाद नदियों में पानी का बहाव बढ़ने की संभावना रहती है। इसलिए प्रशासन ने आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं।
नदी और बांध के आसपास रहने वाले लोगों से अपील की गई है कि वे पानी के तेज बहाव वाले क्षेत्रों में न जाएं। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को नदी-नालों के पास जाने से रोकने की सलाह दी गई है।
मंडला में नर्मदा नदी का जलस्तर बढ़ा
मंडला जिले में भी बारिश का असर साफ दिखाई दे रहा है। यहां नर्मदा नदी उफान पर है। लगातार बारिश और ऊपरी क्षेत्रों से पानी आने के कारण नदी का जलस्तर बढ़ रहा है।
नर्मदा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है। नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क किया गया है। जलस्तर में और बढ़ोतरी होने की स्थिति में निचले इलाकों में परेशानी बढ़ सकती है।
प्रशासन की टीमें नदी के जलस्तर और आसपास के इलाकों की स्थिति पर लगातार नजर रख रही हैं।
भोपाल में भदभदा डैम का गेट खोला
राजधानी भोपाल में भी बारिश के कारण जलस्रोतों में पानी की आवक बढ़ी है। शहर के भदभदा डैम का एक गेट खोला गया है। डैम से पानी छोड़े जाने के बाद आसपास के जलक्षेत्रों में पानी का बहाव बढ़ सकता है।
भोपाल में लगातार बारिश के चलते कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन रही है। प्रशासन और नगर निगम की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी कर रही हैं।
लोगों से अपील की गई है कि वे बिना जरूरत जलभराव वाले इलाकों में न जाएं और प्रशासन की ओर से जारी चेतावनियों का पालन करें।
6 जिलों में स्कूल बंद
प्रदेश में भारी बारिश और संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए 6 जिलों में स्कूलों को बंद रखने का फैसला लिया गया है। प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया है।
स्कूल बंद रखने का निर्णय उन क्षेत्रों में विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जहां नदी-नाले उफान पर हैं या सड़क और पुल-पुलियाओं पर पानी आने की आशंका है।
अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे बच्चों को बारिश के दौरान नदी, नाले, बांध और अन्य जलभराव वाले क्षेत्रों के पास न जाने दें।
प्रशासन ने जारी की सावधानी की अपील
MP में लगातार बारिश और कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात को देखते हुए प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। ऐसे में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी और नालों के किनारे जाने से बचें, जलभराव वाली सड़कों पर वाहन न चलाएं और मौसम या प्रशासन की चेतावनी को नजरअंदाज न करें।
फिलहाल प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। ऐसे में आने वाले घंटों में नदियों और बांधों के जलस्तर में और बदलाव देखने को मिल सकता है। प्रशासन की टीमें स्थिति पर लगातार नजर रख रही हैं और जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने की तैयारी में हैं।
