झिरन्या बस हादसा: खरगोन से बुरहानपुर जा रही यात्री बस पाडल्या के पास ब्रेक फेल होने से पलट गई। 5 साल की बच्ची समेत 13 यात्री घायल हुए। चालक-कंडक्टर के मौके से फरार होने की बात सामने आई।
BREAKING NEWS: झिरन्या में बड़ा बस हादसा, ब्रेक फेल होने से सड़क पर पलटी यात्री बस; 13 घायल
30 से अधिक यात्री थे सवार, 5 साल की बच्ची भी घायल; ड्राइवर-कंडक्टर मौके से फरार होने की बात, बसों की फिटनेस व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
रिपोर्टर – महेंद्र शर्मा
झिरन्या, खरगोन। झिरन्या बस हादसा शुक्रवार सुबह बोरी-बुरहानपुर मार्ग पर पाडल्या गांव के बाहर हुआ, जहां खरगोन से बुरहानपुर जा रही एच. सोरूर (हबीब-सुरूर) ट्रेवल्स की यात्री बस ब्रेक फेल होने के बाद अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। हादसे के समय बस में 30 से अधिक यात्री सवार बताए गए हैं। दुर्घटना में 5 साल की बच्ची समेत कुल 13 यात्री घायल हुए हैं। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी की जान नहीं गई और सभी घायलों की हालत ठीक बताई गई है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे बस पाडल्या गांव के बाहर बोरी-बुरहानपुर मार्ग से गुजर रही थी। मोड़ पर पहुंचने के दौरान कथित तौर पर बस के ब्रेक फेल हो गए। इसके बाद चालक बस पर नियंत्रण नहीं रख सका और बस सड़क पर ही पलट गई।
बस पलटते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद ग्रामीण मदद के लिए तत्काल घटनास्थल की ओर दौड़े और बस में फंसे तथा घायल यात्रियों को बाहर निकालने में मदद की।
झिरन्या बस हादसे के बाद सड़क पर बाधित हुआ यातायात
हादसे के बाद सड़क पर बस पलटने के कारण यातायात भी बाधित हो गया। स्थानीय ग्रामीणों ने ट्रैक्टर और जेसीबी की मदद से दुर्घटनाग्रस्त बस को सड़क से हटाया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची।
घायल यात्रियों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) झिरन्या लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उनका प्राथमिक उपचार किया।
बस क्रमांक MP10 ZE 4364, पुलिस ने बताई हादसे की वजह
थाना प्रभारी गणपत कनेल के अनुसार बस क्रमांक MP10 ZE 4364 खरगोन से बुरहानपुर की ओर जा रही थी। ब्रेक फेल होने और मोड़ के कारण बस पलटने से कुल 13 यात्री घायल हुए हैं।
बीएमओ डॉ. दीपक शस्त्रे ने प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों की हालत ठीक बताई। किसी भी घायल को उपचार के लिए अन्य अस्पताल रेफर नहीं किया गया है।
पुलिस के अनुसार बस मालिक साबिर बी., निवासी खरगोन, चालक आरिफ बेग और कंडक्टर दिनेश हैं। हादसे के बाद चालक और कंडक्टर के मौके से फरार होने की बात सामने आई है।
झिरन्या बस हादसे में घायल हुए 13 यात्रियों के नाम
हादसे में घायल हुए यात्रियों की सूची इस प्रकार है—
- शीतल पिता जितेन्द्र वास्कले, उम्र 05 साल, निवासी परतकुंडिया, थाना निंबोला, जिला बुरहानपुर।
- प्रमिला पति सुनिल वास्कले, उम्र 22 वर्ष, निवासी इच्छापुर, जिला बुरहानपुर।
- बुधिबाई पति सुनिल अलावे, उम्र 28 वर्ष, निवासी पाडल्या, चौकी हेलापड़ावा।
- सुनिता पति जितेन्द्र वास्कले, उम्र 25 वर्ष, निवासी परतकुंडिया, थाना निंबोला, जिला बुरहानपुर।
- शिवा पिता सुबा मानकर, उम्र 20 वर्ष, निवासी चिरिया।
- दिपाली पिता सिकदार मानकर, उम्र 16 वर्ष, निवासी चिरिया।
- उषा पिता बाज्या वास्कले, उम्र 16 वर्ष, निवासी काकोडा, चौकी हेलापड़ावा।
- बिनाबाई पति रिकेश डावर, उम्र 25 वर्ष, निवासी नावरा टंकी, नेपानगर, जिला बुरहानपुर।
- रिकेश पिता प्यारसिंह डावर, उम्र 27 वर्ष, निवासी नावरा टंकी, नेपानगर, जिला बुरहानपुर।
- विजय पिता रिकेश डावर, उम्र 11 वर्ष, निवासी नावरा टंकी, नेपानगर, जिला बुरहानपुर।
- रेखा पति बाज्या उर्फ बाजीराव वास्कले, उम्र 30 वर्ष, निवासी काकोडा, चौकी हेलापड़ावा।
- श्यानीबाई पति घिसिया भील, उम्र 65 वर्ष, निवासी डाबरिया, थाना कोतवाली, जिला खरगोन।
- घिसिया पिता गना भील, उम्र 68 वर्ष, निवासी डाबरिया, थाना कोतवाली, जिला खरगोन।
सभी घायलों को उपचार के लिए CHC झिरन्या लाया गया।
एक महीने में दूसरी बार ब्रेक फेल होने की घटना, फिटनेस पर सवाल
झिरन्या बस हादसा अब यात्री वाहनों की फिटनेस और परिवहन विभाग की निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर रहा है। क्षेत्र में करीब एक महीने के भीतर बस के ब्रेक फेल होने की यह दूसरी घटना बताई जा रही है।
इससे पहले 30 जुलाई को खंडवा से झिरन्या आ रही एक बस के पुलिया के उतार पर ब्रेक फेल हो गए थे। अनियंत्रित बस सड़क से उतरकर कन्नू भाटिया के खेत में जा टकराई थी। उस समय पुलिया पर पानी कम होने का इंतजार कर रहे लोग भी मौजूद थे। यदि बस पुलिया तक पहुंच जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
पिछली घटना की जांच और कार्रवाई का क्या हुआ?
ग्रामीणों का कहना है कि 30 जुलाई की घटना की जानकारी थाना प्रभारी को दी गई थी, लेकिन उस मामले में जांच और कार्रवाई का क्या हुआ, इसकी जानकारी अब तक सामने नहीं आई है।
अब एक महीने के भीतर दो यात्री बसों के ब्रेक फेल होने की घटनाओं ने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—आखिर क्षेत्र की सड़कों पर दौड़ रही यात्री बसों की फिटनेस की नियमित जांच हो रही है या सुरक्षा व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित है?
यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े इस सवाल को इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि शुक्रवार के हादसे में बस में 30 से अधिक लोग सवार बताए गए हैं। बस सड़क से नीचे गहरी जगह या किसी अन्य वाहन से टकराती तो हादसे का स्वरूप कहीं अधिक गंभीर हो सकता था।
ग्रामीणों ने की सभी यात्री बसों की जांच की मांग
स्थानीय ग्रामीणों ने परिवहन विभाग से क्षेत्र में संचालित यात्री बसों की तत्काल जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि बसों के फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट, ब्रेक सिस्टम और अन्य सुरक्षा मानकों की जांच की जानी चाहिए।
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बाद यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी निगरानी और तकनीकी जांच की जरूरत महसूस की जा रही है। अब देखना होगा कि झिरन्या बस हादसे के बाद संबंधित विभाग यात्री वाहनों की जांच को लेकर क्या कदम उठाते हैं।



