नागदा के प्रकाश नगर स्थित औदिच्य ब्राह्मण धर्मशाला में जन्माष्टमी पर श्री राधा-कृष्ण की नवीन प्रतिमाओं की प्राण-प्रतिष्ठा हुई। तीन दिवसीय वैदिक अनुष्ठान हवन-पूर्णाहुति के साथ संपन्न हुआ और मध्यरात्रि में श्री गोविंद माधव की विशेष आरती की गई।
राधा-कृष्ण प्राण प्रतिष्ठा नागदा: जन्माष्टमी पर भव्य आयोजन, शुभ मुहूर्त में हुई मूर्ति स्थापना
तीन दिवसीय वैदिक अनुष्ठान का हवन-पूर्णाहुति के साथ समापन; मध्यरात्रि 12 बजे हुई श्री गोविंद माधव की विशेष आरती
रिपोर्टर – निलेश मेहता
दैनिक स्वराज वाणी
नागदा। राधा-कृष्ण प्राण प्रतिष्ठा नागदा में जन्माष्टमी के पावन अवसर पर श्रद्धा और उल्लास के वातावरण में संपन्न हुई। प्रकाश नगर स्थित श्री सहस्त्र औदिच्य ब्राह्मण समाज धर्मशाला परिसर के श्री राधा-कृष्ण मंदिर में चल रहे तीन दिवसीय प्राण-प्रतिष्ठा समारोह का शुक्रवार को विधि-विधान, वैदिक मंत्रोच्चार, हवन एवं पूर्णाहुति के साथ समापन हुआ। दोपहर 12 बजे शुभ मुहूर्त में श्री राधा-कृष्ण की नवीन देव प्रतिमाओं की विधिवत स्थापना एवं प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न कराई गई। इस धार्मिक अवसर पर बड़ी संख्या में समाजजन और श्रद्धालु उपस्थित रहे।
जन्माष्टमी पर राधा-कृष्ण प्राण प्रतिष्ठा नागदा
जन्माष्टमी पर्व के अवसर पर प्रकाश नगर क्षेत्र में धार्मिक उत्साह देखने को मिला। श्री सहस्त्र औदिच्य ब्राह्मण समाज धर्मशाला परिसर स्थित श्री राधा-कृष्ण मंदिर में नवीन देव प्रतिमाओं की प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर तीन दिनों से वैदिक अनुष्ठान चल रहे थे।
शुक्रवार को समारोह के अंतिम दिन विशेष धार्मिक अनुष्ठानों के साथ श्री राधा-कृष्ण की प्रतिमाओं की प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न हुई। वैदिक मंत्रों की गूंज के बीच मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा।
समाज के सदस्यों और श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता करते हुए भगवान श्री राधा-कृष्ण का पूजन-अर्चन किया और सुख-समृद्धि की कामना की।
पंडित चंद्रशेखर दवे के आचार्यत्व में हुए वैदिक अनुष्ठान
राधा-कृष्ण प्राण प्रतिष्ठा नागदा समारोह पंडित श्री चंद्रशेखर दवे के आचार्यत्व में आयोजित किया गया। तीन दिवसीय आयोजन में विभिन्न वैदिक एवं धार्मिक अनुष्ठान विधि-विधान से संपन्न कराए गए।
समारोह के मुख्य यजमान पूर्व अध्यक्ष एवं संरक्षक श्री रामचंद्र त्रिवेदी तथा श्री जितेंद्र त्रिवेदी परिवार रहे। मुख्य यजमान परिवार ने विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता करते हुए पूजा-अर्चना और हवन में आहुतियां अर्पित कीं।
तीन दिनों तक चले धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान मंदिर और धर्मशाला परिसर में श्रद्धालुओं का आवागमन बना रहा। जन्माष्टमी और प्राण-प्रतिष्ठा समारोह एक साथ होने से आयोजन का धार्मिक महत्व और बढ़ गया।
तृतीय दिवस विशेष पूजन-अभिषेक के बाद हुई प्राण-प्रतिष्ठा
समारोह के तृतीय दिवस शुक्रवार को सुबह से ही धार्मिक कार्यक्रम प्रारंभ हो गए। सबसे पहले श्री राधा-कृष्ण की देव प्रतिमाओं का विधिवत जलाभिषेक कराया गया।
जलाभिषेक के पश्चात प्रतिमाओं को पत्र-पुष्प, फल एवं मिष्ठान्न से आच्छादित किया गया। इसके बाद भगवान का आकर्षक श्रृंगार किया गया। सुसज्जित श्री राधा-कृष्ण की प्रतिमाओं के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विभिन्न पूजन विधियां संपन्न कराई गईं। आचार्य के निर्देशन में प्राण-प्रतिष्ठा से संबंधित धार्मिक विधियों को क्रमबद्ध तरीके से पूरा किया गया।
हवन-पूर्णाहुति के साथ तीन दिवसीय अनुष्ठान संपन्न
पूजन एवं अभिषेक के बाद वैदिक विधि से हवन आयोजित किया गया। मुख्य यजमान सहित उपस्थित समाजजनों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ में आहुतियां अर्पित कीं।
हवन के दौरान मंदिर परिसर में मंत्रोच्चार की गूंज रही। श्रद्धालुओं ने भगवान श्री राधा-कृष्ण से परिवार और समाज की सुख-समृद्धि एवं मंगल की कामना की।
हवन की पूर्णाहुति के साथ तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान का समापन हुआ। इसके बाद प्राण-प्रतिष्ठा की मुख्य प्रक्रिया संपन्न कराई गई।
दोपहर 12 बजे शुभ मुहूर्त में हुई श्री राधा-कृष्ण की मूर्ति स्थापना
राधा-कृष्ण प्राण प्रतिष्ठा नागदा समारोह का सबसे महत्वपूर्ण क्षण दोपहर 12 बजे आया। निर्धारित शुभ मुहूर्त में श्री राधा-कृष्ण की नवीन देव प्रतिमाओं को मंदिर में विधिवत स्थापित किया गया।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्रतिमाओं की प्राण-प्रतिष्ठा की विधि पूरी कराई गई। इस दौरान उपस्थित समाजजनों और श्रद्धालुओं ने भगवान के जयकारे लगाए।
स्थापना दिवस पर जलाभिषेक, श्रृंगार, पूजन, हवन और पूर्णाहुति के बाद विधिवत प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न होने से श्री सहस्त्र औदिच्य ब्राह्मण समाज धर्मशाला परिसर का वातावरण पूरी तरह कृष्णमय और भक्तिमय हो गया।
महाआरती के बाद हुआ प्रसादी वितरण
मूर्ति स्थापना और प्राण-प्रतिष्ठा के बाद भगवान श्री राधा-कृष्ण की महाआरती आयोजित की गई। महाआरती में बड़ी संख्या में समाजजन एवं श्रद्धालु शामिल हुए।
श्रद्धालुओं ने श्री राधा-कृष्ण के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। महाआरती के बाद उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच प्रसादी का वितरण किया गया।
तीन दिवसीय आयोजन के समापन अवसर पर समाजजनों में विशेष उत्साह दिखाई दिया। जन्माष्टमी के साथ मंदिर में नवीन देव प्रतिमाओं की स्थापना ने पर्व को और विशेष बना दिया।
मध्यरात्रि 12 बजे हुई श्री गोविंद माधव की विशेष आरती
जन्माष्टमी पर्व के तहत धार्मिक आयोजन केवल दिन में ही नहीं बल्कि मध्यरात्रि तक जारी रहे। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के अवसर पर रात 12 बजे श्री गोविंद माधव मंदिर में विशेष आरती का आयोजन किया गया।
श्रीकृष्ण जन्म के पावन समय पर आयोजित विशेष आरती में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। भगवान के जन्मोत्सव के साथ श्रद्धालुओं ने आरती कर श्रीकृष्ण की आराधना की।
जन्माष्टमी और राधा-कृष्ण प्राण प्रतिष्ठा नागदा के इस आयोजन के कारण पूरे धर्मशाला एवं मंदिर परिसर में धार्मिक उल्लास का वातावरण बना रहा।
समाज अध्यक्ष डॉ. प्रदीप रावल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु रहे उपस्थित
कार्यक्रम में श्री सहस्त्र औदिच्य ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष डॉ. प्रदीप रावल सहित बड़ी संख्या में समाजजन एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
समाजजनों ने तीन दिवसीय आयोजन में सहभागिता करते हुए विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों को सफल बनाने में सहयोग दिया। प्राण-प्रतिष्ठा के मुख्य यजमान पूर्व अध्यक्ष एवं संरक्षक श्री रामचंद्र त्रिवेदी, श्री जितेंद्र त्रिवेदी परिवार की भी आयोजन में प्रमुख सहभागिता रही।
पंडित श्री चंद्रशेखर दवे के आचार्यत्व में पूरे प्राण-प्रतिष्ठा समारोह की धार्मिक विधियां संपन्न हुईं।
तीन दिवसीय आयोजन से धर्मशाला परिसर में रहा भक्तिमय माहौल
तीन दिवसीय प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के दौरान श्री सहस्त्र औदिच्य ब्राह्मण समाज धर्मशाला में लगातार धार्मिक गतिविधियां आयोजित होती रहीं। वैदिक मंत्रोच्चार, पूजन, अभिषेक, हवन और आरती के कारण पूरा परिसर आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर रहा।
शुक्रवार को शुभ मुहूर्त में श्री राधा-कृष्ण की नवीन प्रतिमाओं की स्थापना के साथ तीन दिवसीय आयोजन ने पूर्णता प्राप्त की। जन्माष्टमी के पावन अवसर पर हुए इस आयोजन ने समाजजनों के लिए पर्व की खुशियों को और बढ़ा दिया।
मध्यरात्रि 12 बजे श्री गोविंद माधव की विशेष आरती के साथ भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया। धार्मिक कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में समाजजनों एवं श्रद्धालुओं की मौजूदगी रही।
कार्यक्रम की जानकारी श्री सहस्त्र औदिच्य ब्राह्मण समाज के मीडिया प्रभारी निलेश मेहता ने दी।

