आलीराजपुर जन्माष्टमी उत्सव पर राष्ट्रीय सेविका समिति ने रविदास मंदिर में भजन-कीर्तन किया। भाइयों को रक्षा सूत्र बांधे और श्रीकृष्ण को तुलसी का पौधा अर्पित कर सामाजिक समरसता व पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
आलीराजपुर जन्माष्टमी उत्सव: सेवा बस्ती में भव्य भक्तिमय आयोजन, रविदास मंदिर में गूंजे श्रीकृष्ण के भजन
रविदास मंदिर में राष्ट्रीय सेविका समिति ने मनाया जन्माष्टमी उत्सव, भाइयों को बांधे रक्षा सूत्र; श्रीकृष्ण को अर्पित किया तुलसी का पौधा
आलीराजपुर। आलीराजपुर जन्माष्टमी उत्सव के अवसर पर सेवा बस्ती स्थित रविदास मंदिर में श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक समरसता का अद्भुत संगम देखने को मिला। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव श्री जन्माष्टमी के पावन अवसर पर राष्ट्रीय सेविका समिति, आलीराजपुर नगर इकाई द्वारा भक्तिमय कार्यक्रम आयोजित किया गया। भजन-कीर्तन और श्रीकृष्ण के जयघोष से मंदिर परिसर देर तक भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा।
कार्यक्रम में समिति की सदस्यों ने भगवान श्रीकृष्ण का विधिवत पूजन-अर्चन किया और सुख, शांति, समृद्धि के साथ समाज में प्रेम एवं सद्भाव की मंगलकामना की। भजन-कीर्तन के दौरान उपस्थित श्रद्धालु कृष्ण भक्ति में भाव-विभोर नजर आए।
आलीराजपुर जन्माष्टमी उत्सव में रक्षा सूत्र बांधकर दिया भाईचारे का संदेश
जन्माष्टमी पर्व को सेवा और सामाजिक जुड़ाव से जोड़ते हुए राष्ट्रीय सेविका समिति की सदस्यों ने सेवा बस्ती के भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधे। इस दौरान भाई-बहन के पवित्र स्नेह के साथ सामाजिक एकता, अपनत्व और समरसता का संदेश दिया गया।
समिति की इस पहल ने आलीराजपुर जन्माष्टमी उत्सव को धार्मिक आयोजन के साथ सामाजिक सरोकार से भी जोड़ा। उपस्थित लोगों ने इसे भारतीय संस्कृति और पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करने वाली पहल बताया।
श्रीकृष्ण को अर्पित किया तुलसी का पौधा
कार्यक्रम की एक विशेष पहल के रूप में भगवान श्रीकृष्ण को तुलसी का पौधा अर्पित किया गया। भारतीय संस्कृति में तुलसी को पवित्र एवं पूजनीय माना जाता है। इस पहल के माध्यम से सनातन संस्कृति के संरक्षण के साथ पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया गया।
धार्मिक आयोजन के बीच पौधरोपण और पर्यावरण के प्रति जागरूकता का संदेश कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा।
प्रार्थना शर्मा ने बताया भारतीय पर्वों का महत्व
राष्ट्रीय सेविका समिति की नगर इकाई प्रभारी श्रीमती प्रार्थना शर्मा ने कहा कि भारतीय पर्व केवल धार्मिक उत्सव नहीं हैं, बल्कि समाज में सेवा, संस्कार, प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का अवसर भी हैं। भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें धर्म, कर्तव्य, प्रेम और मानव सेवा का मार्ग दिखाता है।
उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, संस्कारों और धार्मिक परंपराओं से जोड़ना आवश्यक है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों के बीच आत्मीयता और आपसी जुड़ाव भी मजबूत होता है।
कार्यक्रम में ये सदस्याएं रहीं उपस्थित
आलीराजपुर जन्माष्टमी उत्सव के इस भक्तिमय कार्यक्रम में श्रीमती निमिता गेहलोत, श्रीमती अंजू वाणी, श्रीमती प्रियंका जोशी, सुश्री कविता चौहान एवं सुश्री ज्योति चौहान सहित राष्ट्रीय सेविका समिति की सदस्याएं उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम का समापन भगवान श्रीकृष्ण की आरती एवं मंगलकामना के साथ हुआ। पूरे आयोजन में “जय श्रीकृष्ण” के जयघोष, भजनों की मधुर धुन और सेवा भावना ने जन्माष्टमी पर्व को यादगार बना दिया।

