सारनी चाकूबाजी कांड में नया मोड़: खेत में लहूलुहान मिला फरार आरोपी, इलाज के दौरान मौत
ठेका कर्मचारी पर जानलेवा हमला करने का था आरोप, हत्या या आत्महत्या की आशंका के बीच जांच में जुटी पुलिस
रिपोर्ट: संदीप तायड़े, दैनिक स्वराज वाणी
सारनी/घोड़ाडोंगरी। सारनी में एमपीपीजीसीएल प्लांट के ठेका कर्मचारी गुलाबराव बछले पर कथित जानलेवा हमला कर फरार हुए आरोपी दिलीप बगाहे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। फरार आरोपी शुक्रवार सुबह आमला थाना क्षेत्र के बोरी चौराहे से अंदर स्थित एक खेत में लहूलुहान और गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिला था। उसे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मृतक की पहचान 51 वर्षीय दिलीप बगाहे, निवासी संत रविदास कॉलोनी, वार्ड क्रमांक-23 सारनी के रूप में हुई है। दिलीप पर एक दिन पहले एमपीपीजीसीएल प्लांट में कार्यरत ठेका कर्मचारी गुलाबराव बछले पर चाकू से जानलेवा हमला करने का आरोप था। घटना के बाद से वह फरार बताया जा रहा था और पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।
खेत में घायल अवस्था में मिलने से फैली सनसनी

शुक्रवार सुबह खेत में दिलीप को गंभीर रूप से घायल देखकर स्थानीय लोगों ने संबंधित अधिकारियों और पुलिस को सूचना दी। उसे तत्काल उपचार के लिए बैतूल ले जाया गया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
फरार आरोपी के इस तरह लहूलुहान मिलने और फिर मौत होने से पूरे मामले ने रहस्यमयी मोड़ ले लिया है। दिलीप को चोट कैसे लगी, उसने स्वयं को नुकसान पहुंचाया अथवा उसके साथ किसी अन्य व्यक्ति ने मारपीट की—इन सवालों का उत्तर पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगा।
हत्या या आत्महत्या, जांच में जुटी पुलिस
पुलिस घटनास्थल की परिस्थितियों, मृतक के शरीर पर मिले घावों और आसपास उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता चलने की उम्मीद है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि दिलीप सारनी से आमला थाना क्षेत्र के खेत तक कैसे पहुंचा और इस दौरान वह किन लोगों के संपर्क में था।
फिलहाल पुलिस ने हत्या अथवा आत्महत्या को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया है। मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
