रघुनाथपुर मोरी पर भरा पानी, आवागमन में हो रही परेशानी; लगातार 48 घंटे की बारिश से तालाब फूटने का बना खतरा
संवाददाता :प्रदीप मीणा
रघुनाथपुर। क्षेत्र में बीते दो दिनों से हो रही लगातार भारी बारिश ने स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों दोनों की चिंता बढ़ा दी है। रघुनाथपुर मोरी पर बड़ी मात्रा में पानी भर गया है, जिससे स्थानीय लोगों को आने-जाने में गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि रोजमर्रा के कामकाज के लिए घर से निकलना भी अब ग्रामीणों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं रहा।
48 घंटे से थमी नहीं बारिश, बढ़ता जा रहा खतरा
क्षेत्र में बारिश को रुके हुए करीब 48 घंटे से अधिक समय हो चुका है, लेकिन बारिश थमने का नाम ही नहीं ले रही है। लगातार हो रही इस बारिश के कारण रघुनाथपुर स्थित तालाब मोरी पर पानी का भारी दबाव बना हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार, तालाब में पानी का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे तालाब के फूटने के स्पष्ट संकेत मिलने लगे हैं। यदि समय रहते इस स्थिति पर काबू नहीं पाया गया, तो आसपास के इलाकों में बड़ी तबाही मचने की आशंका जताई जा रही है।
मार्ग पर तेज बहाव से दुर्घटना का खतरा
मोरी पर पानी भरने के कारण मार्ग पर तेज बहाव की स्थिति बनी हुई है, जिससे पैदल यात्रियों और वाहन चालकों दोनों के लिए दुर्घटना का खतरा लगातार बना हुआ है। खासतौर पर दोपहिया वाहन चालकों को इस मार्ग से गुजरते समय काफी सावधानी बरतनी पड़ रही है, क्योंकि तेज बहाव में फिसलकर गिरने का खतरा बना रहता है। वहीं छोटे बच्चों एवं बुजुर्गों के लिए यह मार्ग पार करना और भी मुश्किल भरा साबित हो रहा है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि स्कूल जाने वाले बच्चों को भी इस पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे अभिभावकों में चिंता का माहौल है। कई अभिभावकों ने तो हालात को देखते हुए अपने बच्चों को स्कूल भेजना ही बंद कर दिया है, ताकि किसी अनहोनी से बचा जा सके।
जल निकासी व्यवस्था की खामी बनी मुख्य वजह
ग्रामीणों का कहना है कि मोरी पर जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण हर बार भारी बारिश के दौरान यह समस्या बार-बार सामने आती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह कोई नई समस्या नहीं है, बल्कि वर्षों से चली आ रही एक स्थायी समस्या है, जिसका अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाला जा सका है। हर मानसून सीजन में यही स्थिति दोहराई जाती है, लेकिन संबंधित विभाग द्वारा स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

ग्रामीणों ने बताया कि मोरी की सफाई एवं जल निकासी नालियों के रखरखाव में लापरवाही के कारण ही पानी की उचित निकासी नहीं हो पा रही है, जिसके परिणामस्वरूप हल्की बारिश में भी जलभराव की समस्या खड़ी हो जाती है। भारी बारिश के दौरान तो यह समस्या और भी विकराल रूप ले लेती है।
प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नागरिकों ने संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन से तत्काल मौके का निरीक्षण करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को बिना देरी किए जल निकासी की व्यवस्था सुधारने तथा आवागमन को सुरक्षित बनाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि प्रशासन समय रहते सक्रिय नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी विकट हो सकती है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से यह भी अपील की है कि तालाब में बढ़ते जल स्तर पर लगातार नजर रखी जाए और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त पानी को सुरक्षित रूप से निकालने की व्यवस्था की जाए, ताकि तालाब फूटने जैसी बड़ी दुर्घटना को टाला जा सके।
ग्रामीणों में बना डर का माहौल
तालाब फूटने के संकेतों को देखते हुए आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों में डर का माहौल साफ देखा जा सकता है। कई परिवारों ने अपने घरों का जरूरी सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है, ताकि किसी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। बुजुर्ग नागरिकों का कहना है कि इससे पहले भी कई बार भारी बारिश के दौरान इसी तरह की स्थिति बन चुकी है, लेकिन इस बार बारिश की निरंतरता और तालाब पर बढ़ता दबाव कहीं अधिक चिंताजनक है।
कुल मिलाकर, रघुनाथपुर क्षेत्र में बनी यह स्थिति प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन कितनी तत्परता से इस समस्या का समाधान निकालता है और ग्रामीणों को इस संभावित खतरे से किस प्रकार सुरक्षित रखा जाता है। फिलहाल स्थानीय लोग प्रशासन की ओर से जल्द राहत कार्य शुरू होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
