1000 रुपए का फ्री FASTag चाहिए? बस हाईवे के गंदे टॉयलेट की एक फोटो डालिए
हाईवे और एक्सप्रेसवे पर लंबी दूरी का सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बेहद काम की जानकारी सामने आई है। अगर आप सफर के दौरान किसी सार्वजनिक टॉयलेट को गंदा या बदहाल हालत में पाते हैं, तो अब उसकी सूचना देकर आप 1,000 रुपए का FASTag रिवॉर्ड कमा सकते हैं। यह पहल भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, यानी NHAI (National Highways Authority of India) की ओर से चलाई जा रही है और इसका मकसद हाईवे किनारे बने पब्लिक टॉयलेट्स की साफ-सफाई को बेहतर बनाना है।
आखिर क्यों शुरू हुई यह योजना
देशभर के हाईवे पर सफर करने वाले लोगों की एक बड़ी शिकायत हमेशा से सार्वजनिक शौचालयों की गंदगी को लेकर रही है। सरकार और NHAI ने यात्रियों की सुविधा के लिए कई जगहों पर टॉयलेट बनवाए हैं, लेकिन नियमित रखरखाव न होने की वजह से इनमें से कई की हालत खराब हो जाती है। नतीजतन बड़ी संख्या में यात्री इनका इस्तेमाल करने से कतराते हैं। इसी समस्या के समाधान के लिए NHAI ने एक अनूठी पहल शुरू करने का फैसला लिया, जिसमें आम नागरिकों को ही निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई और उन्हें इसके बदले इनाम देने की व्यवस्था की गई।
सितंबर 2025 में हुई थी शुरुआत, अब बढ़ी अवधि
यह योजना ‘क्लीन टॉयलेट पिक्चर चैलेंज’ के नाम से सितंबर 2025 में शुरू की गई थी। शुरुआत में इसे एक तय अवधि के लिए लॉन्च किया गया था, लेकिन यात्रियों की अच्छी भागीदारी को देखते हुए NHAI ने इस स्कीम को अब जून 2027 तक के लिए बढ़ा दिया है। इसका सीधा मतलब है कि आने वाले करीब दो साल तक कोई भी यात्री इस पहल का हिस्सा बनकर हाईवे किनारे मौजूद गंदे टॉयलेट की जानकारी NHAI तक पहुंचा सकता है और बदले में रिवॉर्ड पा सकता है।
NHAI द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, साल 2026 में अब तक करीब 429 यात्रियों को 1,000-1,000 रुपए के FASTag रिचार्ज रिवॉर्ड के रूप में दिए जा चुके हैं। इससे साफ है कि योजना को अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है और लगातार लोग इसमें भाग ले रहे हैं।
किसे मिल सकता है यह लाभ
इस योजना का फायदा नेशनल हाईवे पर सफर करने वाला कोई भी यात्री उठा सकता है, चाहे वह निजी वाहन से जा रहा हो या किसी अन्य माध्यम से। शर्त सिर्फ इतनी है कि शिकायत तय प्रक्रिया और नियमों के अनुसार दर्ज की जानी चाहिए। यानी सिर्फ शिकायत करना ही काफी नहीं है, बल्कि उसे सही तरीके से, जरूरी जानकारी के साथ अपलोड करना भी जरूरी है।
कैसे मिलेगा 1,000 रुपए का FASTag रिवॉर्ड, जानिए पूरा तरीका
अगर आप भी इस योजना का फायदा उठाना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको कुछ आसान चरणों का पालन करना होगा:
- सबसे पहले ‘राजमार्गयात्रा’ नाम के मोबाइल ऐप को डाउनलोड करना होगा।
- सफर के दौरान अगर आपको कोई सार्वजनिक टॉयलेट गंदा या खराब हालत में मिलता है, तो उसकी साफ तस्वीर इसी ऐप के जरिए क्लिक करें।
- तस्वीर अपलोड करते समय जियो-टैगिंग यानी लोकेशन की जानकारी और टाइम-स्टैम्प यानी समय की जानकारी अपने आप जुड़ जाती है, ताकि NHAI यह पुष्टि कर सके कि शिकायत सही जगह और सही समय पर दर्ज की गई है।
- इसके साथ ही यूजर को अपना नाम, मौजूदा लोकेशन, अपने वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर और मोबाइल नंबर जैसी बुनियादी जानकारी भी देनी होती है।
शिकायत मिलने के बाद कैसे होगी जांच
सिर्फ फोटो अपलोड कर देने भर से रिवॉर्ड नहीं मिल जाता। शिकायत दर्ज होने के बाद NHAI की टीम उस फोटो और साथ में दी गई जानकारी की बारीकी से जांच करती है। लोकेशन, समय और टॉयलेट की वास्तविक स्थिति की पुष्टि होने के बाद ही शिकायत को वैध माना जाता है। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर से जुड़े FASTag खाते में सीधे 1,000 रुपए का रिवॉर्ड क्रेडिट कर दिया जाता है।
यहां एक जरूरी बात ध्यान देने वाली है कि पूरे अभियान के दौरान एक वाहन को सिर्फ एक ही बार यह रिवॉर्ड मिल सकता है। यानी अगर आपके वाहन पर एक बार रिवॉर्ड आ चुका है, तो दोबारा शिकायत करने पर आपको दूसरा रिवॉर्ड नहीं मिलेगा। इसके अलावा यह रिवॉर्ड न तो किसी दूसरे व्यक्ति को ट्रांसफर किया जा सकता है और न ही इसे नकद राशि के रूप में निकाला जा सकता है। यह सीधे FASTag रिचार्ज के तौर पर ही मिलता है, जिसका इस्तेमाल टोल भुगतान में किया जा सकता है।
एक ही टॉयलेट की कई शिकायतें मिलने पर क्या होगा
यह सवाल भी स्वाभाविक है कि अगर एक ही सार्वजनिक टॉयलेट को लेकर कई लोग शिकायत दर्ज कराते हैं, तो ऐसे में रिवॉर्ड किसे मिलेगा। NHAI ने इसे लेकर भी नियम साफ कर दिया है। अगर किसी एक टॉयलेट सुविधा को लेकर एक से ज्यादा यात्रियों ने शिकायत दर्ज कराई है, तो ऐसी स्थिति में रिवॉर्ड का हकदार वही व्यक्ति होगा जिसने सबसे पहले उस टॉयलेट की शिकायत दर्ज कराई हो। यानी शिकायत दर्ज कराने में जितनी जल्दी की जाएगी, रिवॉर्ड मिलने की संभावना उतनी ही ज्यादा रहेगी। इससे प्राधिकरण को उस टॉयलेट की गंदगी की समस्या की जानकारी भी जल्दी मिल जाती है, जिससे संबंधित रखरखाव एजेंसी पर कार्रवाई का दबाव और बढ़ जाता है।
यात्रियों और प्रशासन दोनों के लिए फायदेमंद पहल
विशेषज्ञों का मानना है कि NHAI की यह पहल दोतरफा फायदे वाली साबित हो रही है। एक तरफ जहां आम यात्रियों को अपने सफर के दौरान थोड़ी सी मेहनत करने पर सीधा आर्थिक लाभ मिल जाता है, वहीं दूसरी तरफ प्रशासन को भी हाईवे किनारे बने टॉयलेट्स की वास्तविक स्थिति की जानकारी बिना किसी अतिरिक्त निगरानी तंत्र के मिल जाती है। इससे संबंधित ठेकेदारों और रखरखाव एजेंसियों पर भी सफाई व्यवस्था बेहतर रखने का दबाव बना रहता है।
अगर आप भी अक्सर नेशनल हाईवे या एक्सप्रेसवे पर सफर करते हैं, तो अगली बार किसी गंदे सार्वजनिक टॉयलेट को नजरअंदाज करने के बजाय उसकी तस्वीर लेकर ‘राजमार्गयात्रा’ ऐप पर अपलोड करना न भूलें। इससे न सिर्फ आपको आर्थिक फायदा होगा, बल्कि आने वाले अन्य यात्रियों को भी साफ-सुथरी सुविधा मिल सकेगी।
