IND vs AFG: घरेलू मैदान पर उतरते ही इतिहास रचेंगे वैभव सूर्यवंशी, टूटेगा पीयूष चावला का 20 साल पुराना रिकॉर्ड
अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल 15 वर्षीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के पास भारत में सबसे कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेलने वाला भारतीय बनने का मौका
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के युवा विस्फोटक बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम करने के करीब हैं। अफगानिस्तान के खिलाफ सितंबर में होने वाली तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज के लिए उन्हें भारतीय टीम में चुना गया है। यदि वैभव को इस सीरीज के किसी भी मुकाबले की प्लेइंग इलेवन में जगह मिलती है, तो वह भारतीय सरजमीं पर सबसे कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले भारतीय खिलाड़ी बन जाएंगे।
महज 15 वर्ष की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान बना चुके वैभव का यह भारत में पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला होगा। इस उपलब्धि के साथ वह पूर्व भारतीय स्पिनर पीयूष चावला के करीब 20 वर्ष पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ देंगे। हालांकि, रिकॉर्ड तभी बनेगा जब उन्हें अंतिम एकादश में शामिल किया जाएगा। केवल टीम में चयन होने से यह उपलब्धि दर्ज नहीं होगी।
पीयूष चावला के नाम दर्ज है मौजूदा रिकॉर्ड
भारत में सबसे कम उम्र में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले भारतीय खिलाड़ी का रिकॉर्ड फिलहाल पीयूष चावला के नाम दर्ज है। चावला ने 9 मार्च 2006 को मोहाली में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था। उस समय उनकी उम्र 17 वर्ष और 75 दिन थी।
अब वैभव सूर्यवंशी के पास इस रिकॉर्ड को बड़े अंतर से तोड़ने का अवसर है। उपलब्ध जन्मतिथि के अनुसार वैभव का जन्म 27 मार्च 2011 को हुआ था। ऐसे में अफगानिस्तान सीरीज के दौरान उनकी उम्र लगभग साढ़े 15 वर्ष होगी। यदि वह पहले मुकाबले में उतरते हैं तो भारत में अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले सबसे युवा भारतीय बन जाएंगे।
यह उपलब्धि उनके तेजी से आगे बढ़ते क्रिकेट करियर में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ देगी। वैभव इससे पहले भी कम उम्र में कई रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं।
इंग्लैंड के खिलाफ किया था अंतरराष्ट्रीय पदार्पण
वैभव सूर्यवंशी ने जुलाई 2026 में इंग्लैंड के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। वह भारत की पुरुष अंतरराष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व करने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने थे। अपने पदार्पण मैच में उन्होंने 10 गेंदों पर 14 रन बनाए थे, जिसमें दो छक्के शामिल थे।
इंग्लैंड दौरे पर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर के गेंदबाजों का सामना करने का अनुभव मिला। शुरुआती मुकाबलों में बड़ी पारी नहीं आने के बावजूद भारतीय टीम प्रबंधन ने उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और प्रतिभा पर भरोसा बनाए रखा। इसके बाद उन्हें जिम्बाब्वे दौरे के लिए भी भारतीय टीम में जगह दी गई।
जिम्बाब्वे दौरे पर दिखाया विस्फोटक अंदाज
इंग्लैंड दौरे के बाद वैभव ने जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज में अपनी बल्लेबाजी से प्रभावित किया। उन्होंने तीन पारियों में कुल 151 रन बनाए और भारत के लिए सीरीज में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे।
पहले मुकाबले में उन्होंने केवल 19 गेंदों में अर्धशतक लगाकर पुरुष अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अर्धशतक बनाने वाले सबसे कम उम्र के बल्लेबाज बनने की उपलब्धि हासिल की। तीसरे टी20 मुकाबले में उन्होंने 49 गेंदों पर 81 रन की शानदार पारी खेली। इस दौरान उन्होंने आठ चौके और चार छक्के लगाए।
जिम्बाब्वे के खिलाफ बेहतरीन प्रदर्शन के लिए वैभव को प्लेयर ऑफ द मैच के साथ प्लेयर ऑफ द सीरीज भी चुना गया। भारत ने यह सीरीज 3-0 से अपने नाम की थी। उनके प्रदर्शन ने साबित किया कि वह केवल कम उम्र के कारण चर्चा में नहीं हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी बल्लेबाजी करने की क्षमता भी रखते हैं। में भी भारत की सीरीज जीत और वैभव की 81 रन की पारी का उल्लेख किया गया है।
पहली बार भारत में अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेलने का मौका
वैभव ने अपने शुरुआती अंतरराष्ट्रीय मुकाबले इंग्लैंड और जिम्बाब्वे में खेले हैं। अफगानिस्तान के विरुद्ध प्रस्तावित टी20 सीरीज उनके लिए घरेलू दर्शकों के सामने पहली अंतरराष्ट्रीय चुनौती होगी।
भारतीय परिस्थितियों और घरेलू दर्शकों की अपेक्षाओं के बीच प्रदर्शन करना उनके लिए नया अनुभव रहेगा। दिल्ली की पिच पर स्पिन गेंदबाजों को मदद मिल सकती है। अफगानिस्तान के पास राशिद खान सहित कई प्रभावशाली स्पिन विकल्प रहे हैं, इसलिए वैभव की तकनीक और आक्रामक बल्लेबाजी की परीक्षा भी हो सकती है।
उनकी बल्लेबाजी शैली बेखौफ है। वह पारी की शुरुआत से ही गेंदबाजों पर दबाव बनाने और बड़े शॉट खेलने के लिए जाने जाते हैं। टीम प्रबंधन उन्हें अभिषेक शर्मा के साथ सलामी बल्लेबाज के रूप में मौका देता है या किसी अन्य क्रम पर उतारता है, यह प्लेइंग इलेवन घोषित होने पर साफ होगा।
हरभजन सिंह और विजय मेहरा भी सूची में शामिल
पीयूष चावला के अलावा कम उम्र में भारत में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेलने वाले खिलाड़ियों में हरभजन सिंह और विजय मेहरा के नाम प्रमुख हैं। हरभजन ने 25 मार्च 1998 को बेंगलुरु में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट पदार्पण किया था। उस समय उनकी उम्र 17 वर्ष और 265 दिन थी।
विजय मेहरा ने 2 दिसंबर 1955 को मुंबई में न्यूजीलैंड के खिलाफ अपना पहला टेस्ट खेला था। पदार्पण के समय उनकी उम्र भी 17 वर्ष और 265 दिन थी। मूल जानकारी में विजय मेहरा की उम्र कहीं-कहीं गलती से 16 वर्ष लिखी जा रही है, जबकि उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार सही उम्र 17 वर्ष और 265 दिन थी।
वैभव को अफगानिस्तान के खिलाफ खेलने का अवसर मिलने पर वह इन सभी खिलाड़ियों से काफी कम उम्र में भारतीय मैदान पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने का रिकॉर्ड बना देंगे।
श्रेयस अय्यर संभालेंगे भारतीय टीम की कमान
अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए श्रेयस अय्यर को भारतीय टीम की कप्तानी सौंपी गई है, जबकि तिलक वर्मा उपकप्तान हैं। टीम में युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का संतुलन रखा गया है।
संजू सैमसन और ईशान किशन विकेटकीपर के विकल्प हैं। बल्लेबाजी विभाग में अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी जैसे आक्रामक खिलाड़ी शामिल हैं। ऑलराउंडर के रूप में शिवम दुबे, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर और नितीश कुमार रेड्डी को स्थान मिला है। गेंदबाजी विभाग में जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, हर्षित राणा, वरुण चक्रवर्ती और रवि बिश्नोई जैसे खिलाड़ी शामिल हैं।
अफगानिस्तान टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम
श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उपकप्तान), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), शिवम दुबे, नितीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा।
दिल्ली में खेले जाएंगे तीनों मुकाबले
उपलब्ध आधिकारिक सूचना के अनुसार भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज नई दिल्ली में खेली जाएगी और इसकी शुरुआत 13 सितंबर से होगी। मुकाबलों से पहले अंतिम कार्यक्रम की पुष्टि बीसीसीआई से करना उचित रहेगा, क्योंकि कुछ क्रिकेट वेबसाइटों पर पहले मैच की तारीख 12 सितंबर भी प्रदर्शित हो रही है।
इस सीरीज में क्रिकेट प्रशंसकों की नजर परिणाम के साथ वैभव सूर्यवंशी के चयन पर भी रहेगी। यदि उन्हें प्लेइंग इलेवन में अवसर मिलता है तो वह मैच शुरू होते ही इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा देंगे। इसके बाद सभी की निगाहें इस बात पर होंगी कि यह युवा बल्लेबाज घरेलू मैदान पर अपने पहले अंतरराष्ट्रीय मुकाबले को बड़ी पारी से यादगार बना पाता है या नहीं।
