MP Weather: मध्य प्रदेश में मानसून ने फिर पकड़ी रफ्तार, 9 जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट; नर्मदा-मंदाकिनी उफान पर
MP Weather Update: मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश का दौर जारी है। पूर्वी मध्य प्रदेश में तेज बारिश के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी और मंडला में नर्मदा नदी उफान पर हैं। वहीं, कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बनने लगे हैं। भारी बारिश को देखते हुए प्रशासन और राहत-बचाव दल भी सतर्क हैं।
मौसम विभाग ने प्रदेश के नौ जिलों में अति भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटे मध्य प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे और 4 व 5 सितंबर को बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं।
9 जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
MP मौसम विभाग ने शिवपुरी, गुना, राजगढ़, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह और नर्मदापुरम में अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में तेज बारिश के साथ जलभराव और निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति बन सकती है। लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और जरूरत होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है।
वहीं भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, दतिया, पन्ना, सतना, रीवा, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, छिंदवाड़ा, बैतूल, सीहोर, शाजापुर, देवास, आगर-मालवा और मंदसौर में भारी बारिश की चेतावनी है।
इसके अलावा इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, नीमच, रतलाम, हरदा, मुरैना, जबलपुर, कटनी, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी, पांढुर्णा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है।
नदियों का बढ़ा जलस्तर, बाढ़ का खतरा
लगातार बारिश के कारण मध्य प्रदेश के कई नदी-नाले उफान पर हैं। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर 138.52 मीटर तक पहुंच गया है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंचने के कारण प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है।
बाढ़ की आशंका को देखते हुए एसडीईआरएफ की टीम ने करीब 100 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। प्रशासन की ओर से नदी और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने के लिए कहा गया है।
छतरपुर में बारिश की स्थिति को देखते हुए सभी स्कूलों में छुट्टी कर दी गई है। वहीं मैहर में कई स्थानों पर पुलों के ऊपर से पानी बहने लगा, जिसके कारण मुकुंदपुर मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ। तेज बारिश के कारण ग्रामीण और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
मंडला और जबलपुर में भी बढ़ा पानी
मंडला में नर्मदा नदी का जलस्तर 436.1 मीटर दर्ज किया गया है। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
जबलपुर में स्थित बरगी बांध भी लगातार भर रहा है। बांध का जलस्तर करीब 93.33 प्रतिशत तक पहुंच गया है। जलस्तर बढ़ने के बाद बरगी बांध के पांच गेट करीब एक मीटर तक खोले गए हैं। बांध से पानी छोड़े जाने के कारण नर्मदा नदी के घाटों पर जलस्तर लगभग चार फीट तक बढ़ने की संभावना जताई गई है।
इसके चलते नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रशासन की ओर से नदी के आसपास जाने से बचने की अपील की गई है।
बरगी और कुटनी बांधों से छोड़ा जा रहा पानी
MP में तेज बारिश के बीच कई बांधों में पानी की आवक बढ़ गई है। बरगी और कुटनी बांधों के गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। इससे आसपास के नदी क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने की संभावना है।
लगातार बारिश के कारण बांधों और नदियों की स्थिति पर प्रशासन और संबंधित विभाग नजर रख रहे हैं। निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए जा सकते हैं।
अब तक 29.2 इंच बारिश
MP में इस मानसून सीजन में अब तक 741.2 मिलीमीटर यानी 29.2 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। हालांकि, इसके बावजूद प्रदेश में बारिश का आंकड़ा अभी सामान्य से कम है।
सामान्य तौर पर इस अवधि तक प्रदेश में करीब 31.8 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस हिसाब से प्रदेश में अभी लगभग 2.6 इंच बारिश कम हुई है। कुल मिलाकर मध्य प्रदेश में बारिश सामान्य से करीब 8 प्रतिशत कम है।
पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की कमी काफी कम होकर सिर्फ 1 प्रतिशत रह गई है। इसके विपरीत पश्चिमी मध्य प्रदेश में सामान्य के मुकाबले करीब 17 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।
अगले 48 घंटे अहम
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले 48 घंटे मध्य प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। सक्रिय मौसम प्रणाली के आगे बढ़ने के कारण 4 और 5 सितंबर को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
अति भारी बारिश वाले जिलों में प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। नदी, नाले और बांधों के आसपास रहने वाले लोगों को जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सावधानी बरतनी चाहिए। मौसम खराब होने पर अनावश्यक यात्रा से बचना और स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करना बेहतर रहेगा।
कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। जहां बारिश से मौसम सुहावना हुआ है और जलस्रोतों को फायदा मिला है, वहीं लगातार तेज बारिश के कारण कई जिलों में बाढ़ और जलभराव का खतरा भी बढ़ गया है। आने वाले दो दिनों में बारिश की स्थिति पर सभी की नजर रहेगी।
