बालाघाट-गोंदिया नेशनल हाईवे पर टोल वसूली के खिलाफ प्रदर्शन, 8 घंटे तक जाम; कांग्रेस विधायक ने सरकार को घेरा
Balaghat Toll Plaza Protest: मर्री टोल प्लाजा पर स्थानीय वाहनों से टोल वसूली का विरोध, ट्रांसपोर्ट और व्यापारी संगठनों के प्रदर्शन से हाईवे पर लगी वाहनों की लंबी कतार; 16 सितंबर को बैठक में समाधान की उम्मीद
बालाघाट। बालाघाट-गोंदिया नेशनल हाईवे पर स्थित मर्री टोल प्लाजा पर स्थानीय वाहनों से टोल वसूली शुरू किए जाने के विरोध में गुरुवार को विभिन्न परिवहन और व्यापारी संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के कारण नेशनल हाईवे पर करीब आठ घंटे तक यातायात प्रभावित रहा और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
प्रदर्शन में बालाघाट की कांग्रेस विधायक अनुभा मुंजारे भी शामिल हुईं। उन्होंने टोल वसूली के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि हाईवे का निर्माण कार्य और सड़क से जुड़ी कमियां पूरी तरह दूर किए बिना टोल वसूली शुरू करना उचित नहीं है। उन्होंने इस मुद्दे को लेकर भाजपा सरकार पर भी निशाना साधा।
सुबह से शुरू हुआ प्रदर्शन, हाईवे पर लगी वाहनों की कतार
मर्री टोल प्लाजा पर स्थानीय वाहनों से शुल्क वसूली के विरोध में सुबह से ही ट्रांसपोर्टर, व्यापारी और अन्य संगठनों से जुड़े लोग एकत्रित होने लगे थे। प्रदर्शनकारियों ने टोल व्यवस्था का विरोध करते हुए स्थानीय वाहनों को राहत देने की मांग उठाई।
प्रदर्शन लंबा चलने के कारण बालाघाट-गोंदिया नेशनल हाईवे पर यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई। हाईवे पर वाहनों की कतारें लगने लगीं। गोंदिया की ओर जाने वाले कई वाहनों को वैकल्पिक मार्ग से भेजना पड़ा।
आवागमन प्रभावित होने से यात्रियों के साथ मालवाहक वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
अधूरे सड़क कार्य के बीच टोल वसूली पर सवाल
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख आपत्ति सड़क निर्माण से जुड़े अधूरे कार्यों और स्थानीय वाहनों से टोल शुल्क वसूले जाने को लेकर रही। संगठनों का कहना है कि पहले हाईवे से जुड़ी कमियों को दूर किया जाना चाहिए और इसके बाद ही टोल वसूली की व्यवस्था लागू होनी चाहिए।
स्थानीय वाहन मालिकों को टोल से राहत देने की मांग भी प्रदर्शन के दौरान प्रमुखता से उठाई गई। संगठनों का कहना है कि आसपास के क्षेत्रों में नियमित आवाजाही करने वाले लोगों पर टोल का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
विधायक अनुभा मुंजारे ने भाजपा सरकार को घेरा
प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस विधायक अनुभा मुंजारे ने कहा कि टोल प्लाजा शुरू करने से पहले सड़क की कमियों को दूर किया जाना चाहिए था। उन्होंने अधूरे कार्यों के बीच टोल वसूली शुरू किए जाने को लेकर सवाल उठाए।
विधायक ने राज्य की भाजपा सरकार को घेरते हुए स्थानीय लोगों और वाहन चालकों की समस्याओं के समाधान की मांग की। उनका कहना था कि जनता से शुल्क लेने से पहले उसे निर्धारित मानकों के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
हालांकि सड़क निर्माण और टोल संचालन से जुड़े तकनीकी एवं प्रशासनिक पक्षों पर संबंधित एजेंसियों का आधिकारिक पक्ष भी महत्वपूर्ण रहेगा।
ट्रांसपोर्ट और व्यापारी संगठन भी विरोध में उतरे
टोल वसूली का मुद्दा केवल स्थानीय वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहा। ट्रांसपोर्ट और व्यापारी संगठनों ने भी आंदोलन में भाग लिया। बालाघाट और गोंदिया के बीच नियमित रूप से माल परिवहन करने वाले वाहनों के लिए टोल शुल्क कारोबार की लागत से जुड़ा मुद्दा भी बन सकता है।
प्रदर्शनकारियों ने स्थानीय वाहनों के लिए टोल व्यवस्था पर पुनर्विचार करने और सड़क से जुड़ी समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग की।
करीब आठ घंटे प्रभावित रहा यातायात
सुबह से शाम तक चले प्रदर्शन का सबसे अधिक असर हाईवे के यातायात पर दिखाई दिया। मर्री टोल प्लाजा के आसपास वाहनों की लंबी कतारें लगने के बाद यातायात व्यवस्था संभालने के प्रयास किए गए।
गोंदिया की ओर जाने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ा। लंबे समय तक चले विरोध के कारण दैनिक यात्रियों और व्यावसायिक वाहनों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में अतिरिक्त समय लगा।
16 सितंबर की बैठक पर टिकी निगाहें
टोल वसूली से जुड़े विवाद को लेकर अब 16 सितंबर को होने वाली बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उम्मीद है कि बैठक में टोल व्यवस्था, स्थानीय वाहनों से शुल्क, सड़क निर्माण की स्थिति और प्रदर्शनकारी संगठनों की मांगों पर चर्चा की जाएगी।
फिलहाल स्थानीय वाहन चालकों, व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों की नजर इस बैठक पर रहेगी। संगठनों की मांग है कि हाईवे की कमियों को दूर करने और स्थानीय लोगों की समस्याओं का समाधान किए बिना उन पर अतिरिक्त टोल का बोझ न डाला जाए।
