रक्षाबंधन पर सारंगपुर में उमड़ा लाड़ली बहनों का स्नेह, मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने बांधा सेवा और सुरक्षा का भरोसा
बहनों ने मंत्री की कलाई पर बांधा रक्षा सूत्र
Sarangpur । रक्षाबंधन पर्व और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर सारंगपुर के राठी मांगलिक परिसर में जिला स्तरीय लाड़ली बहना रक्षा बंधन महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लाड़ली बहनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान बहनों ने मध्यप्रदेश शासन के कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के मंत्री एवं सारंगपुर विधायक डॉ. गौतम टेटवाल की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को मजबूती प्रदान की।
बहनों के स्नेह से अभिभूत मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने कहा कि क्षेत्र की सभी बहनें उनके लिए परिवार का हिस्सा हैं और वे हमेशा उनकी सेवा एवं सहयोग के लिए तत्पर रहेंगे। उन्होंने कहा कि बहनों का सम्मान और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना उनके लिए केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि भाई होने के नाते उनका दायित्व भी है।
बहनों के सम्मान और सशक्तिकरण पर जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार महिलाओं के कल्याण, सम्मान, सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। सरकार की योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को केवल सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर विकास की मुख्यधारा में सक्रिय भागीदार बनाना है।
उन्होंने कहा कि आज महिलाएं शिक्षा, रोजगार, राजनीति, उद्योग, खेल, प्रशासन और सामाजिक क्षेत्र सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा और क्षमता का परिचय दे रही हैं। महिलाओं को अवसर और उचित वातावरण मिले तो वे परिवार के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
सनातन संस्कृति में मातृशक्ति को सर्वोच्च स्थान
मंत्री डॉ. टेटवाल ने सनातन संस्कृति में महिलाओं के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि भारतीय परंपरा में मातृशक्ति को सदैव सम्मान और प्रतिष्ठा का स्थान मिला है। माता अनसूया, सीता, सावित्री, लक्ष्मी, गौरी और सरस्वती जैसी महान नारियों ने भारतीय संस्कृति और समाज को दिशा दी।
उन्होंने कहा कि इतिहास में महारानी लक्ष्मीबाई, रानी दुर्गावती और लोकमाता अहिल्याबाई होलकर जैसी वीरांगनाओं ने अपने साहस, त्याग और नेतृत्व से समाज और राष्ट्र के निर्माण में अमूल्य योगदान दिया। इन महान महिलाओं ने आवश्यकता पड़ने पर राष्ट्र, संस्कृति और समाज की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित किया।
उन्होंने कहा कि आज की महिलाएं भी विभिन्न क्षेत्रों में नई उपलब्धियां हासिल कर रही हैं। महिलाओं की प्रतिभा और सामर्थ्य को आगे बढ़ाने के लिए उन्हें समान अवसर उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता है।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम का किया उल्लेख
मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया गया है, जिसमें लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की निर्णय लेने की प्रक्रिया में भागीदारी बढ़ने से लोकतंत्र और अधिक मजबूत होगा। महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभ लेने वाली हितग्राही के रूप में देखने के बजाय उन्हें विकास की सहभागी और नेतृत्वकर्ता बनाना सरकार का उद्देश्य है।
राखी के बदले बहनों को मिला पौधा
कार्यक्रम की सबसे खास पहल उस समय देखने को मिली जब लाड़ली बहनों ने मंत्री डॉ. टेटवाल की कलाई पर राखी बांधी और इसके बदले मंत्री ने प्रत्येक बहन को पौधा भेंट किया। इस पहल के माध्यम से रक्षाबंधन के पारंपरिक भाव को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ा गया।
मंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का पर्व नहीं है, बल्कि यह संरक्षण और जिम्मेदारी का संकल्प लेने का अवसर भी है। जिस प्रकार भाई अपनी बहन की रक्षा का वचन देता है, उसी प्रकार प्रत्येक व्यक्ति को प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा का संकल्प लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बहनों को पौधे भेंट करने के पीछे उद्देश्य केवल एक पौधा देना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हरियाली, स्वच्छ हवा और स्वस्थ पर्यावरण का संदेश देना है। उन्होंने उपस्थित लोगों से पौधों की देखभाल करने और अधिक से अधिक पौधे लगाने का आह्वान किया।
लाड़ली बहना योजना से बढ़ा आत्मविश्वास
मंत्री डॉ. टेटवाल ने कहा कि लाड़ली बहना योजना सहित महिला कल्याण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं ने महिलाओं के आत्मविश्वास और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि जब महिलाओं के हाथ में आर्थिक संसाधन और निर्णय लेने की क्षमता आती है, तो इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार पर पड़ता है।
उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं होना चाहिए। महिलाओं को शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना भी आवश्यक है। सरकार इसी दिशा में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से काम कर रही है।

रक्षाबंधन ने दिया रिश्तों में आत्मीयता का संदेश
सारंगपुर में आयोजित इस कार्यक्रम में रक्षाबंधन का पारंपरिक उत्साह और सामाजिक सरोकार दोनों देखने को मिले। बड़ी संख्या में पहुंची लाड़ली बहनों ने मंत्री को राखी बांधी और भाई-बहन के रिश्ते की आत्मीयता को महसूस किया।
मंत्री डॉ. टेटवाल ने भी बहनों के स्नेह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका विश्वास और आशीर्वाद उनके लिए सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने बहनों की समस्याओं को प्राथमिकता से सुनने और उनके हितों के लिए निरंतर कार्य करने का भरोसा दिलाया।
बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता रहे मौजूद
कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी आश्रम जिला राजगढ़ की बहन मधु दीदी, नगर पालिका उपाध्यक्ष भावना वर्मा, सारंगपुर विधानसभा क्षेत्र के सभी मंडल अध्यक्ष, सारंगपुर नगर पालिका अध्यक्ष, पचोर नगर परिषद अध्यक्ष सहित क्षेत्र से बड़ी संख्या में लाड़ली बहनें, जनप्रतिनिधि और भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान रक्षाबंधन के पर्व को सामाजिक जिम्मेदारी और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने की पहल की सराहना की गई। बहनों को पौधे वितरित किए जाने से कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी प्रभावी रूप से पहुंचा।
रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम भाई-बहन के स्नेह, महिला सम्मान, सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण के संदेश का संगम बना। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि सामाजिक पर्व केवल परंपराओं तक सीमित न रहकर समाज और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का माध्यम भी बन सकते हैं।

