GDP से लेकर ‘इटली चश्मा’ और अयोध्या तक भूपेश बघेल का BJP पर पलटवार, बोले- पूर्व वित्त सचिव ने खोल दी आंकड़ों की कलई
Bhupesh Baghel News: पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने GDP ग्रोथ के सरकारी आंकड़ों पर उठाए सवाल, भाजपा के रैप सॉन्ग और गांधी परिवार पर हमलों का दिया जवाब; अयोध्या में नए CEO की नियुक्ति को लेकर भी साधा निशाना
रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने अर्थव्यवस्था, GDP ग्रोथ, भाजपा के रैप सॉन्ग, गांधी परिवार और अयोध्या से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार और भाजपा पर पलटवार किया है। उन्होंने सरकार की ओर से पेश किए जा रहे विकास के आंकड़ों पर सवाल खड़े करते हुए दावा किया कि पूर्व वित्त सचिव की ओर से GDP को लेकर कही गई बात से सरकारी दावों पर सवाल उठते हैं। इसके साथ ही उन्होंने अयोध्या में नए CEO की नियुक्ति को लेकर भी राजनीतिक टिप्पणी की।
भूपेश बघेल ने भाजपा की ओर से कांग्रेस और गांधी परिवार पर किए जा रहे हमलों का जवाब देते हुए कहा कि राजनीतिक मुद्दों के बजाय देश की अर्थव्यवस्था, रोजगार और आम लोगों की सुविधाओं पर चर्चा होनी चाहिए।
GDP ग्रोथ के आंकड़ों पर बघेल ने उठाए सवाल
सरकार की ओर से बताए जा रहे 7.8 प्रतिशत GDP ग्रोथ के आंकड़े पर भूपेश बघेल ने सवाल खड़े किए। उन्होंने दावा किया कि पूर्व वित्त सचिव द्वारा 2.7 प्रतिशत ग्रोथ की बात कहे जाने से सरकार के आंकड़ों की वास्तविकता सामने आ गई है।
बघेल ने कहा कि केवल बड़े आंकड़े प्रस्तुत करना ही विकास का पैमाना नहीं हो सकता। उनके मुताबिक वास्तविक विकास का अर्थ ऐसा बदलाव है, जिसका लाभ आम नागरिकों को जमीन पर दिखाई दे।
उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों और बड़ी परियोजनाओं के साथ जनता को बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अन्य बुनियादी सुविधाएं मिलना भी जरूरी है। बघेल के अनुसार यदि आर्थिक विकास के दावे आम लोगों के जीवन में बदलाव नहीं ला रहे हैं तो उन आंकड़ों पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
हालांकि GDP को लेकर बघेल की ओर से बताए गए आंकड़े उनके राजनीतिक बयान और दावे का हिस्सा हैं तथा अलग-अलग आर्थिक संकेतकों और गणना पद्धतियों के संदर्भ में इनकी व्याख्या अलग हो सकती है।
BJP के रैप सॉन्ग और ‘इटली चश्मा’ पर पलटवार
भूपेश बघेल ने भाजपा की ओर से कांग्रेस और गांधी परिवार को लेकर किए जा रहे राजनीतिक हमलों पर भी प्रतिक्रिया दी। ‘इटली चश्मा’ जैसे राजनीतिक कटाक्षों और रैप सॉन्ग को लेकर उन्होंने भाजपा पर निशाना साधा।
बघेल ने संकेत दिया कि इस तरह की राजनीतिक बयानबाजी के बजाय सरकार को जनता से जुड़े मुद्दों पर जवाब देना चाहिए। कांग्रेस और भाजपा के बीच लंबे समय से गांधी परिवार, विकास, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रवाद जैसे विषयों को लेकर आरोप-प्रत्यारोप होते रहे हैं। ताजा बयान के बाद एक बार फिर दोनों दलों के बीच राजनीतिक जुबानी जंग तेज होती दिखाई दे रही है।
अयोध्या में नए CEO की नियुक्ति पर भी निशाना
अयोध्या से जुड़े नए CEO की नियुक्ति को लेकर भी पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सवाल उठाए। उन्होंने रिटायर्ड सैन्य अधिकारी की नियुक्ति का उल्लेख करते हुए सरकार पर तंज कसा।
बघेल ने कहा कि इस फैसले से ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार को अपने अधिकारियों और कर्मचारियों पर भरोसा नहीं है। उन्होंने इसे आगे बढ़ाते हुए भाजपा, RSS और VHP से जुड़े लोगों को लेकर भी राजनीतिक टिप्पणी की और कहा कि अब सरकार को अपने ही संगठनों से जुड़े लोगों पर भरोसा नहीं रह गया है।
यह बघेल की राजनीतिक प्रतिक्रिया है। नियुक्ति के पीछे सरकार या संबंधित संस्था की आधिकारिक वजह और चयन प्रक्रिया को इससे अलग संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
चंपत राय को लेकर भी बघेल ने दिया बयान
भूपेश बघेल ने राम मंदिर से जुड़े चंपत राय का उल्लेख करते हुए भी टिप्पणी की। उन्होंने कुछ गंभीर आरोप लगाए और कहा कि इस तरह के घटनाक्रम से लोगों की धार्मिक आस्था प्रभावित होती है। हालांकि उनके द्वारा लगाए गए आरोप राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं और उनकी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
अयोध्या और राम मंदिर से जुड़े विषय देश की राजनीति में लंबे समय से संवेदनशील रहे हैं। ऐसे में इससे जुड़े किसी भी प्रशासनिक फैसले या राजनीतिक बयान पर सत्ता पक्ष और विपक्ष की प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं।
छत्तीसगढ़ से राष्ट्रीय मुद्दों पर बघेल का हमला
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री होने के साथ भूपेश बघेल कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में शामिल हैं। वे केंद्र सरकार की आर्थिक और राजनीतिक नीतियों पर लगातार सवाल उठाते रहे हैं। इस बार उन्होंने एक साथ GDP, भाजपा के राजनीतिक प्रचार और अयोध्या के मुद्दे को उठाकर केंद्र सरकार तथा भाजपा को घेरने की कोशिश की है।
बघेल के ताजा बयानों से छत्तीसगढ़ की राजनीति में भी आरोप-प्रत्यारोप तेज होने की संभावना है। भाजपा की ओर से इन टिप्पणियों पर क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर भी राजनीतिक नजरें रहेंगी।
