किसानों की समस्याओं को लेकर भारतीय किसान संघ ने सौंपा ज्ञापन
सिंचाई, बिजली, खाद की कालाबाजारी रोकने सहित 12 मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग
मनावर। किसानों की विभिन्न समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ जिला मनावर (धार) द्वारा जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा गया। किसान संघ के जिलाध्यक्ष काशीराम वास्केल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर राजीव रंजन मीणा को ज्ञापन सौंपकर किसानों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया।
ज्ञापन में सिंचाई, विद्युत आपूर्ति, खाद-बीज, दूध के उचित भाव, प्राकृतिक आपदा और ग्रामीण क्षेत्रों की मूलभूत समस्याओं सहित कुल 12 मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग की गई है। किसान संघ ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में किसानों को कई स्तरों पर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। समय पर सिंचाई सुविधा और पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।
नहरों में पानी छोड़ने की मांग
भारतीय किसान संघ ने ओंकारेश्वर परियोजना की नहर के चरण 3 और 4 में अतिशीघ्र पानी छोड़ने की मांग की है। किसान संघ का कहना है कि क्षेत्र में कम वर्षा के कारण किसानों के सामने सिंचाई का संकट उत्पन्न हो रहा है।
ज्ञापन में खाली जलाशयों को नहरों के माध्यम से भरने की मांग भी की गई है, ताकि किसानों को खरीफ फसल की सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सके। साथ ही रबी फसल की समय पर बुवाई सुनिश्चित करने के लिए अभी से सिंचाई व्यवस्था दुरुस्त करने पर जोर दिया गया है।
किसान संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि जलाशयों और नहरों में पर्याप्त पानी उपलब्ध रहता है तो किसानों को खरीफ के साथ रबी सीजन में भी राहत मिल सकती है।
बिजली आपूर्ति में सुधार की मांग
किसानों ने ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति की समस्या को भी प्रमुखता से उठाया। किसान संघ ने विद्युत ग्रिडों पर बढ़ते लोड को देखते हुए दिन में छह घंटे और रात में चार घंटे बिजली उपलब्ध कराने की मांग की है।
ओवरलोड ग्रिडों पर 10 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है। इसके अलावा सिंघाना ग्रिड पर अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाने और किसानों को स्थायी विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने की मांग की गई।
किसान संघ ने कहा कि सिंचाई के लिए बिजली किसानों की सबसे महत्वपूर्ण जरूरतों में से एक है। विद्युत व्यवस्था प्रभावित होने पर सिंचाई कार्य समय पर नहीं हो पाता और इसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ता है।
दूध का भाव 100 रुपये प्रति लीटर करने की मांग
किसान संघ ने दूध उत्पादक किसानों की समस्याओं को भी ज्ञापन में शामिल किया। संगठन ने दूध का भाव 100 रुपये प्रति लीटर करने की मांग की है।
इसके साथ ही नकली दूध के कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की गई है। किसान संघ का कहना है कि पशुपालकों को दूध का उचित मूल्य मिलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और किसानों को खेती के साथ पशुपालन से भी बेहतर आय प्राप्त हो सकेगी।
जैविक खेती को बढ़ावा देने पर जोर
ज्ञापन में जैविक किसानों को तहसीलवार प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की मांग भी की गई। किसान संघ ने जिला स्तर पर जैविक हाट लगाने का सुझाव दिया, ताकि जैविक खेती करने वाले किसानों को अपने उत्पादों के लिए बेहतर बाजार मिल सके।
किसान संघ ने कहा कि वर्तमान समय में प्राकृतिक और जैविक खेती की ओर किसानों का रुझान बढ़ रहा है। ऐसे में किसानों को तकनीकी प्रशिक्षण, बाजार और उचित मूल्य उपलब्ध कराना आवश्यक है।
खाद की कालाबाजारी रोकने की मांग
किसानों ने रासायनिक खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाने की मांग की है। ज्ञापन में खाद और कृषि दवाइयों की नियमित जांच कराने तथा नकली सामग्री की बिक्री पर प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की गई।
किसान संघ का कहना है कि खेती के सीजन में किसानों को खाद और कृषि दवाइयों की आवश्यकता होती है। यदि इस दौरान कालाबाजारी या नकली सामग्री का कारोबार होता है तो किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इसलिए प्रशासन को संबंधित दुकानों और प्रतिष्ठानों की नियमित जांच करनी चाहिए।
पांच तहसीलों को सूखा घोषित करने की मांग
कम वर्षा की स्थिति को देखते हुए भारतीय किसान संघ ने मनावर, धरमपुरी, कुक्षी, गंधवानी और डही तहसीलों को सूखा घोषित करने की मांग रखी है।
किसान संघ के अनुसार कम वर्षा का असर कृषि कार्यों के साथ-साथ पशुपालन पर भी पड़ता है। यदि क्षेत्र में पर्याप्त बारिश नहीं होती है तो किसानों को सिंचाई, पेयजल और पशुओं के लिए पानी की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
संगठन ने प्रशासन से क्षेत्र की वास्तविक स्थिति का सर्वे कराकर किसानों को आवश्यक राहत उपलब्ध कराने की मांग की है।
नए विद्युत ग्रिड स्थापित करने की मांग
ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नए ग्रिड स्थापित करने की मांग भी ज्ञापन में की गई है। किसान संघ का कहना है कि कई क्षेत्रों में मौजूदा विद्युत ग्रिडों पर अत्यधिक दबाव है।
लोड बढ़ने के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की स्थिति बनती है। ऐसे में नए विद्युत ग्रिड और अतिरिक्त ट्रांसफार्मर स्थापित किए जाने से किसानों और ग्रामीण उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत सुविधा मिल सकती है।
माही उद्वहन सिंचाई परियोजना का पानी उपलब्ध कराने की मांग
किसान संघ ने माही उद्वहन सिंचाई परियोजना का पानी नदी-नालों में छोड़ने की मांग भी रखी है। संगठन का कहना है कि इससे किसानों की फसलों और पशुओं के लिए पानी उपलब्ध कराया जा सकेगा।
कम वर्षा वाले क्षेत्रों में जल स्रोतों का संरक्षण और उपलब्ध पानी का समुचित उपयोग किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। किसान संघ ने प्रशासन से इस दिशा में तत्काल आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया है।
प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग
भारतीय किसान संघ ने ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से सभी मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि किसानों की समस्याओं का समय पर समाधान होने से कृषि उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था दोनों को मजबूती मिलेगी।
किसान संघ ने सिंचाई, बिजली, खाद, दूध के भाव और प्राकृतिक आपदा से जुड़ी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने की मांग की है। संगठन ने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन किसानों की समस्याओं पर आवश्यक कार्रवाई करेगा।
किसान और कार्यकर्ता रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष काशीराम वास्केल, जिला कोषाध्यक्ष सुरेश पाटीदार सहित किसान संघ के कार्यकर्ता, ग्रामीणजन और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
ज्ञापन की जानकारी भारतीय किसान संघ के जिला मंत्री ओमप्रकाश शर्मा द्वारा दी गई। किसान संघ ने कहा कि किसानों के हित से जुड़े मुद्दों को लेकर संगठन आगे भी प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें मजबूती से रखता रहेगा।
