जिनके हाथ में हल, वही देश का असली बल: CM Mohan Yadav
किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली देने का लक्ष्य, बीज से बाजार और खेत से निर्यात तक सरकार साथ
ग्वालियर। CM Mohan Yadav ने कहा कि जिनके हाथ में हल है, वही देश का असली बल हैं। किसानों के परिश्रम को मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था की ताकत बताते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बीज से बाजार और खेत से निर्यात तक किसानों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री बुधवार को भगवान बलराम जयंती के अवसर पर ग्वालियर में आयोजित बलराम जयंती महोत्सव एवं सहकारी किसान समागम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने किसानों और अन्नदाताओं को बलराम जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान बलराम श्रम के सम्मान और कृषि गौरव के प्रतीक हैं। भारतीय संस्कृति में खेती को सर्वोत्तम माना गया है और किसानों की समृद्धि में ही प्रदेश की समृद्धि निहित है।
चार किसान हितैषी योजनाओं की शुरुआत
CM Mohan Yadav ने कार्यक्रम में किसान कल्याण से जुड़े चार महत्वपूर्ण कार्यों का शुभारंभ किया। उन्होंने सिंगल क्लिक के माध्यम से ऑनलाइन किसान क्रेडिट कार्ड पोर्टल की शुरुआत की। अब किसान घर बैठे किसान क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन कर सकेंगे।
इसके साथ ही शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर कृषि ऋण योजना को भी सरल बनाया गया है। नई व्यवस्था के तहत खरीफ और रबी कृषि ऋण की अलग-अलग अदायगी की बाध्यता समाप्त कर दी गई है। किसान अपनी सुविधा के अनुसार 12 माह के भीतर ऋण चुका सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने किसान कृषक कवच योजना की शुरुआत करते हुए कहा कि ऐसे किसानों को भी सरकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जो खातों की जांच लंबित रहने के कारण अब तक योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे थे।
गांवों में सहकारिता गतिविधियों को मजबूत करने के लिए 200 नई पैक्स संस्थाओं के कार्यालयों का शुभारंभ किया गया। इसके अलावा ग्वालियर में अपेक्स बैंक की संभागीय शाखा की शुरुआत भी की गई।
किसानों को दिन में मिलेगी बिजली
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में किसानों को सिंचाई के लिए अब दिन में भी बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में सिंचाई का रकबा 60 लाख हेक्टेयर से अधिक हो चुका है और अगले ढाई वर्ष में इसे बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने किसानों से पानी की हर बूंद का सदुपयोग करने, प्राकृतिक खेती अपनाने, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने तथा उत्पादन की ग्रेडिंग, प्रोसेसिंग और पैकेजिंग के माध्यम से सीधे बाजार से जुड़ने की अपील की।
कृषि को तकनीक और बाजार से जोड़ने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि हमारी विरासत है, जबकि एग्री-टेक और एग्री-बिजनेस भविष्य हैं। सरकार तकनीक, प्रसंस्करण और बेहतर बाजार व्यवस्था के माध्यम से प्रदेश में नई कृषि क्रांति लाने की दिशा में काम कर रही है।
किसानों की आय बढ़ाने के लिए पारंपरिक फसलों के साथ उद्यानिकी, जैविक खेती, मत्स्य पालन, पशुपालन, कुक्कुट पालन और बकरी पालन को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रदेश को देश की मिल्क कैपिटल बनाने का लक्ष्य भी रखा गया है।
उन्होंने बताया कि हर ब्लॉक में एक वृंदावन ग्राम विकसित किया जा रहा है। गौशालाओं में प्रति गाय चारा अनुदान 20 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये किया गया है। दूध उत्पादन में वृद्धि के लिए नई गौपालन योजना शुरू की गई है, जिसके तहत पशुपालकों को 40 लाख रुपये तक के ऋण पर 10 लाख रुपये का अनुदान दिया जा रहा है।
किसानों से फार्मर आईडी बनवाने की अपील
मुख्यमंत्री ने किसानों से फार्मर आईडी बनवाने की अपील की। उन्होंने कहा कि फार्मर आईडी के माध्यम से किसानों को सरकारी योजनाओं, समर्थन मूल्य भुगतान तथा सब्सिडी पर खाद-बीज जैसी सुविधाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों की पूरी यात्रा को मजबूत करना है। किसान केवल उत्पादन तक सीमित न रहें, बल्कि ग्रेडिंग, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और बाजार से जुड़कर अपनी आमदनी बढ़ाएं।
युवाओं को कृषि उद्यमिता से जोड़ने पर जोर
मुख्यमंत्री ने युवाओं से खेती से जुड़े रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बच्चे डॉक्टर और इंजीनियर बनें, लेकिन अपनी कृषि और जमीन से रिश्ता बनाए रखें। सरकार युवाओं को उद्योग, रोजगार और कृषि उद्यमिता से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में युवाओं और विद्यार्थियों के लिए भी कई योजनाएं संचालित हैं। मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप दिए जा रहे हैं और सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को किताबें, ड्रेस तथा साइकिल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
सिंचाई और सड़क कनेक्टिविटी पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में एक्सप्रेसवे, हाईवे और ग्रीनफील्ड सड़क परियोजनाओं का विस्तार हो रहा है। रेल और एविएशन कनेक्टिविटी भी मजबूत की जा रही है। उन्होंने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी से किसानों को अपने उत्पाद बाजार तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में करीब 1.14 लाख करोड़ रुपये से अधिक की लागत से रेल विकास के विभिन्न कार्य चल रहे हैं। केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना का भी उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा।
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सहकारिता को बताया किसानों की ताकत
केंद्रीय दूरसंचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि भारत कृषि प्रधान देश है और किसानों का सम्मान ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि सहकारिता के माध्यम से देशभर के किसानों को लाभ पहुंचाया जा रहा है।
सिंधिया ने क्षेत्र में बांधों और जलाशयों से बढ़ी सिंचाई सुविधाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की जरूरत है। उन्होंने ड्रोन और अन्य आधुनिक तकनीकों के माध्यम से किसानों को सशक्त बनाने पर जोर दिया।
नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों की समृद्धि को बताया देश की समृद्धि
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि ग्वालियर में लगभग 20 वर्षों से भगवान बलराम जयंती महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर अब प्रदेश के सभी जिलों में बलराम जयंती मनाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि किसान समृद्ध होंगे तो देश समृद्ध होगा। सहकारिता के माध्यम से किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने जैविक खेती के विस्तार का भी उल्लेख किया।
2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा
खेल एवं युवक कल्याण तथा सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। सहकारिता विभाग के माध्यम से किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर कृषि ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बलराम जयंती के अवसर पर सभी को संकल्प लेना चाहिए कि खेती को किसानों के लिए लाभ का माध्यम बनाया जाएगा और उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के प्रयास किए जाएंगे।
कार्यक्रम में किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना, सामाजिक न्याय एवं उद्यानिकी मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया, राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष रामनिवास रावत, सांसद भारत सिंह कुशवाहा, विधायक मोहन सिंह राठौड़, विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाहा, पूर्व सांसद विवेक शेजवलकर सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्वालियर-चंबल क्षेत्र से आए किसान मौजूद रहे।
