भोपाल में तड़के अपार्टमेंट में घुसे 5 नकाबपोश, दो फ्लैटों के ताले तोड़े; पहले पड़ोसियों के दरवाजे बाहर से किए बंद
Bhopal Theft News: त्रिलंगा के स्वप्निल अपार्टमेंट में सुबह करीब 4 बजे वारदात, स्कोडा कार से पहुंचे बदमाश CCTV में कैद; शाहपुरा पुलिस ने शुरू की तलाश
भोपाल। राजधानी भोपाल में चोरों ने गुरुवार तड़के एक अपार्टमेंट को निशाना बनाकर सनसनीखेज तरीके से चोरी की वारदात को अंजाम दिया। शाहपुरा थाना क्षेत्र के त्रिलंगा स्थित स्वप्निल अपार्टमेंट में पांच नकाबपोश बदमाशों के घुसने की जानकारी सामने आई है। आरोप है कि बदमाशों ने दो फ्लैटों में चोरी करने से पहले आसपास के अन्य फ्लैटों के दरवाजे बाहर से बंद कर दिए, ताकि वारदात के दौरान कोई रहवासी बाहर न निकल सके।
घटना गुरुवार, 3 सितंबर की तड़के करीब 4 बजे की बताई जा रही है। पांचों संदिग्ध एक स्कोडा कार से अपार्टमेंट पहुंचे थे। वारदात के बाद वे उसी कार से फरार हो गए। अपार्टमेंट में लगे CCTV कैमरों में संदिग्धों की गतिविधियां रिकॉर्ड हुई हैं। पुलिस फुटेज के आधार पर उनकी पहचान और तलाश में जुटी है।
तड़के 4 बजे अपार्टमेंट पहुंचे नकाबपोश
जानकारी के मुताबिक, घटना उस समय हुई जब अपार्टमेंट के ज्यादातर रहवासी अपने घरों में सो रहे थे। इसी दौरान पांच नकाबपोश संदिग्ध कार से स्वप्निल अपार्टमेंट पहुंचे।
अपार्टमेंट में प्रवेश करने के बाद उन्होंने कथित तौर पर पहले स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद उन फ्लैटों को निशाना बनाया गया, जहां चोरी की जा सकती थी।
बदमाशों ने पहचान छिपाने के लिए चेहरे ढक रखे थे। हालांकि अपार्टमेंट में लगे CCTV कैमरों में उनकी गतिविधियां कैद हो गईं।
दूसरे फ्लैटों के दरवाजे बाहर से किए बंद
इस वारदात में सबसे चौंकाने वाली बात चोरी का तरीका बताया जा रहा है। आरोप है कि बदमाशों ने जिन फ्लैटों में चोरी नहीं करनी थी, उनमें रहने वाले लोगों के दरवाजे बाहर से बंद कर दिए।
आशंका है कि ऐसा इसलिए किया गया ताकि किसी तरह की आवाज सुनाई देने या संदिग्ध गतिविधि का पता चलने पर रहवासी तत्काल बाहर न आ सकें और चोरों का सामना न हो।
इसके बाद बदमाशों ने दो फ्लैटों के ताले तोड़े और अंदर प्रवेश किया।
दो फ्लैटों में की चोरी
नकाबपोश बदमाशों ने अपार्टमेंट के दो फ्लैटों को निशाना बनाया। ताले तोड़कर अंदर घुसने के बाद वहां रखे कीमती सामान की चोरी किए जाने की जानकारी सामने आई है।
चोरी में कुल कितना नकद, आभूषण और अन्य सामान गया है, इसका पूरा विवरण पुलिस जांच और फ्लैट मालिकों द्वारा दी जाने वाली जानकारी के बाद स्पष्ट होगा।
पुलिस यह भी पता लगा रही है कि दोनों फ्लैटों का चयन बदमाशों ने पहले से की गई रेकी के आधार पर किया था या अपार्टमेंट पहुंचने के बाद उन्हें निशाना बनाया गया।
स्कोडा कार से आए और उसी से हुए फरार
संदिग्धों के स्कोडा कार से मौके पर पहुंचने की बात सामने आई है। चोरी की वारदात को अंजाम देने के बाद पांचों उसी वाहन से फरार हो गए।
पुलिस के लिए कार से जुड़ी जानकारी आरोपियों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। CCTV फुटेज में यदि वाहन का नंबर या उसकी अन्य पहचान स्पष्ट हुई तो जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
पुलिस आसपास के मार्गों और प्रमुख चौराहों पर लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग के जरिए भी कार के आने-जाने का रूट तलाश सकती है।
बदमाशों के जाने के बाद रहवासियों को चला पता
वारदात के दौरान अपार्टमेंट के कई रहवासियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। बदमाशों के चले जाने के बाद चोरी की जानकारी सामने आई।
इसके बाद रहवासियों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर शाहपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
पुलिस ने अपार्टमेंट में लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग को जांच में लिया है। फुटेज में दिखाई दे रहे संदिग्धों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
CCTV फुटेज बना पुलिस के लिए अहम सुराग
अपार्टमेंट में CCTV कैमरे लगे होने के कारण पूरी वारदात से जुड़े महत्वपूर्ण दृश्य रिकॉर्ड होने की जानकारी है। पांच संदिग्धों की गतिविधियों के साथ उनके वाहन से संबंधित सुराग भी पुलिस के लिए उपयोगी हो सकते हैं।
पुलिस आसपास की कॉलोनियों, मुख्य सड़कों और चौराहों के CCTV फुटेज की भी जांच कर सकती है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि आरोपी किस दिशा से आए और वारदात के बाद किस तरफ भागे।
इसके अलावा पुलिस पुराने चोरी के मामलों में शामिल गिरोहों की कार्यप्रणाली से भी इस वारदात के तरीके का मिलान कर सकती है।
क्या पहले की गई थी अपार्टमेंट की रेकी?
जिस तरीके से बदमाशों ने अपार्टमेंट में प्रवेश किया और चुनिंदा फ्लैटों को निशाना बनाया, उससे पुलिस के सामने रेकी से जुड़ा सवाल भी महत्वपूर्ण हो सकता है।
यह जांच का विषय है कि बदमाशों को पहले से यह जानकारी थी या नहीं कि किन फ्लैटों में उस समय लोग मौजूद नहीं हैं। साथ ही उन्हें अपार्टमेंट के प्रवेश और बाहर निकलने के रास्तों की जानकारी कैसे मिली, इसकी भी पड़ताल की जा सकती है।
फिलहाल पुलिस जांच पूरी होने तक इसे पूर्व नियोजित रेकी का मामला कहना जल्दबाजी होगी।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी उठे सवाल
राजधानी के रिहायशी इलाके में स्थित अपार्टमेंट में एक साथ पांच नकाबपोश संदिग्धों के प्रवेश की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता बढ़ाई है।
अपार्टमेंट और आवासीय सोसायटियों में प्रवेश करने वाले वाहनों और बाहरी व्यक्तियों का रिकॉर्ड, सुरक्षा गार्ड की मौजूदगी, CCTV कैमरों की कार्यशील स्थिति और प्रवेश द्वार पर निगरानी ऐसी घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
इस घटना के बाद आसपास की आवासीय सोसायटियों में भी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत महसूस की जा सकती है।
शाहपुरा पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी
घटना शाहपुरा थाना क्षेत्र की बताई गई है। पुलिस CCTV फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पांचों संदिग्धों की तलाश कर रही है।
चोरी गए सामान का वास्तविक मूल्य और वारदात से जुड़े अन्य तथ्य जांच के बाद सामने आएंगे। पुलिस आरोपियों के भागने के रास्ते और इस्तेमाल की गई कार से संबंधित जानकारी जुटाने में भी लगी है।
तड़के करीब चार बजे हुई इस वारदात में चोरों द्वारा दूसरे फ्लैटों के दरवाजे बाहर से बंद करने का तरीका विशेष रूप से गंभीर माना जा रहा है। अब पुलिस की जांच में यह साफ होगा कि वारदात के पीछे किसी संगठित गिरोह का हाथ है या आरोपियों ने पहली बार इस अपार्टमेंट को निशाना बनाया।
